
वीरवती ने बताया कि उसके बैंक खाते में विधवा पेंशन आती है, अगर उसके खाते में इतनी बड़ी रकम की ट्रांजैक्शन होगी तो उसे भविष्य में परेशानी हो सकती है इसलिए वह उसके हिस्से की पेमेंट उसके बड़े बेटे वीर सिंह के खाते में कर दें। 3 नवंबर 2022 को उसने वीर सिंह व मंगेश भाटी के बीच एक रजिस्टर्ड इकरारनामा कर 10 लाख रुपए नगद तथा 15 लाख रुपए चेक के माध्यम से दे दिए। बकाया 41 लाख रुपए प्लॉट की रजिस्ट्री के समय दिए जाने तय हुए।
अनिल कुमार के मुताबिक वीरवती व उसके पुत्र उसे रजिस्ट्री के लिए टरकाना लगे। उसने कई बार प्लॉट की रजिस्ट्री किए जाने को कहा लेकिन आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। अनिल कुमार के मुताबिक वह 10 नवंबर 2024 को प्लॉट के शेष बचे 41 लाख रुपए लेकर आरोपियों के घर गया और रजिस्ट्री करने को कहा। इस पर वीरवती ने रजिस्ट्री करने से साफ इंकार कर दिया। उसने जब अपने पैसे वापस मांगे तो वीरवती व उसके बेटों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
Greater Noida News :पीडि़त का कहना है कि वीर सिंह के विरुद्ध कई आपराधिक मामले दर्ज हैं जो न्यायालय में विचाराधीन है।पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने वीरवती व उसके बेटों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला न्यायालय के निर्देश पर दर्ज किया गया है। Greater Noida News :