ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी पहल, अब चुकानी होगी हर बूंद की कीमत!
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:22 AM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर में गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए एक बड़ी और अहम पहल की है। अब से सभी निर्माण परियोजनाओं में ग्राउंड वॉटर का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पानी का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।
लिखित में देनी होगी जानकारी
प्राधिकरण के निर्देश के अनुसार, हर ठेकेदार को टेंडर प्रक्रिया के दौरान यह लिखित रूप में देना होगा कि वह निर्माण में केवल STP का पानी ही उपयोग करेगा। ठेकेदार को प्रत्येक चरण में यह साबित भी करना होगा कि उसने कितनी मात्रा में STP से पानी लिया और साइट पर कितना उपयोग किया। बताया जा रहा है कि, भुगतान की शर्तें भी अब इससे जुड़ गई हैं यदि STP के पानी की रसीद और उपयोग का विवरण नहीं दिया गया, तो पेमेंट रोक दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
शहर में बने हैं चार STP
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि, ग्रेटर नोएडा में कुल चार STP प्लांट बनाए गए हैं, जिनमें से सबसे बड़ा प्लांट कासना में स्थित है। यह सभी प्लांट शहर की जल जरूरतों और निर्माण कार्यों के लिए वैकल्पिक जल स्रोत के रूप में काम करेंगे। राजेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य के सभी टेंडर में बिल्डर और कॉन्ट्रैक्टर को यह शपथपूर्वक देना होगा कि वे भूजल का दोहन नहीं करेंगे, बल्कि केवल STP के पानी का उपयोग करेंगे।
लगातार गिर रहा भूजल स्तर
शहर में भूजल स्तर पिछले एक दशक से लगातार गिर रहा है। कभी जहां पानी 25 से 30 फीट की गहराई पर मिलता था, अब यह 100 से 120 फीट तक नीचे चला गया है। शिकायतें लगातार मिल रही थीं कि कई बिल्डर और ठेकेदार अवैध रूप से ग्राउंड वाटर का दोहन कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Greater Noida News