
Greater Noida News : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की आबो हवा लगातार खराब हो रही है। यहां पर वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते ग्रेटर नोएडा भारत का दूसरे नंबर का सबसे खराब शहर बन गया। शहर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण से चिंतित ग्रेटर नोएडा में स्थापित उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस दिशा में कदम उठाने शुरू किए हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा की दस बड़ी कंपनियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इन सभी कंपनियों पर ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के नियमों का पालन नहीं करने का आरोप है।
आपको बता दें कि 1 अक्टूबर 2023 से ग्रैप लागू हो चुका है, लेकिन ग्रेटर नोएडा में इसका उल्लंघन करने वालों की कोई कमी नहीं है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के आरएमसी प्लांट पर कार्रवाई की। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी देव कुमार गुप्ता ने बताया कि गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज के पास और इकोटेक-तीन के उद्योग केंद्र ब्लाॅक में सात आरएमसी प्लांट में ग्रैप के नियमों का उल्लंघन मिला।
वहां पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था। निर्माण सामग्री खुले में पड़ी थी। इन सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-तीन में ही एक पैकेजिंग कंपनी पर भी 50 हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं, बिल्डिंग मेटेरियल सामग्री की दो दुकानों पर भी 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। अफसरों ने बताया कि पानी का छिड़काव भी लगातार कराया जा रहा है।
एक दिन की राहत के बाद ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) फिर बढ़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को ग्रेनो का एक्यूआई 250 पहुंच गया है, जबकि सोमवार को यह 214 रहा था। एक्यूआई बढ़ने से ग्रेनो मंगलवार को देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। वहीं नोएडा का एक्यूआई 159 रहा है।