पाकिस्तान की भगौड़ी सीमा हैदर पर बड़ा खुलासा, सच बड़ा है
Greater Noida
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 08:45 PM
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 08:45 PM
Greater Noida : पाकिस्तान से भागकर ग्रेटर नोएडा में आई सीमा हैदर (Seema Haider) के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान की भगौड़ी सीमा हैदर को लेकर बड़ा सवाल बना हुआ था। सवाल यह था की सीमा हैदर को वापस पाकिस्तान क्यों नहीं भेजा जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के अनेक नागरिकों ने तो यहां तक कहा कि सीमा हैदर (Seema Haider) पाकिस्तान का कबाड़ा है, उसे तुरंत वापस पाकिस्तान भेजो। इस मामले की पूरी तहकीकात करने पर बड़ा सच सामने आया है।
क्या है सीमा हैदर की पूरी कहानी
सीमा हैदर (Seema Haider) को वापस पाकिस्तान जाने अथवा ना जाने के सच से पहले सीमा हैदर की पूरी कहानी को संक्षिप्त में जान लेना जरूरी है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत की रहने वाली सीमा हैदर की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. वह भारत ही नहीं विदेशी मीडिया में भी कई दिनों तक सुर्खियों में बनी रही। साल 2019 में पबजी गेम खेलते वक्त उसकी जान-पहचान ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के रबूपुरा कस्बे में रहने वाले सचिन मीणा से हुई। दोस्ती कब प्यार में बदली, खुद सीमा को भी नहीं पता चला। फिर 2023 में सीमा ने पाकिस्तान छोडऩे का फैसला कर लिया। नेपाल के रास्ते वह अपने चार बच्चों के साथ अवैध रूप से भारत आ गई। भारत आने के बाद वह उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में स्थित रबूपुरा कस्बे में सचिन मीणा के साथ रहने लगी। यहां दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कर ली। इस रिश्ते को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में सीमा ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम 'भारती मीणा' रखा गया है।
सीमा हैदर के पाकिस्तान जाने अथवा न जाने का पूरा सच
अब बात सीमा हैदर(Seema Haider) के पाकिस्तान जाने को लेकर कर लेते हैं। भारत सरकार के आदेश के तहत भारत में रह रहे एक-एक पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजा जा रहा है। अब सवाल ये है कि जब पाकिस्तान से भारत पाकिस्तानियों चुन-चुन कर पाकिस्तान भेज दिया गया तो सीमा ग्रेटर नोएडा में कैसे रह गई। जवाब बेहद दिलचस्प है। आपको पता होगा कि 23 अप्रैल को भारत के विदेश सचिव ने एक प्रेस कॉंफ्रेंस की थी। उसमें उन्होंने पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार की तरफ से लिए गए 5 फैसलों की जानकारी दी थी. इनमें से एक जानकारी ये थी कि भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों के सभी 14 कैटेगरी के वीजा रद्द किए जा रहे हैं. इन कैटेगरी के वीजा धारकों को भारत छोडऩा होगा।
विदेश सचिव का साफ कहना था कि 14 कैटेगरी के वीजाधारकों को जो पाकिस्तान से भारत आए हैं उन्हें भारत से जाना होगा। पाकिस्तान लौटने की मियाद खत्म हो गई, लेकिन सीमा मीणा अब भी ग्रेटर नोएडा के अपने इसी घर में मौजूद है. जानते हैं क्यों क्योंकि सीमा मीणा पर रद्द किए गए 14 कैटेगरी के वीजा का आदेश लागू ही नहीं होता. इसलिए लागू नहीं होता क्योंकि सीमा बगैर वीजा के ही भारत में दाखिल हुई थी. यानि उन्होंने अवैध रूप से सरहद पार की थी. है ना कमाल की बात।
जो पाकिस्तानी वैध वीजा के साथ भारत आए उन सब पर तो गाज गिर गई लेकिन बिना भारतीय वीजा वाली सीमा बच गई। कहते हैं कई बार कुछ बुरे काम भी अच्छा कर जाते हैं. अवैध रूप से भारत में दाखिल होने की वजह से सीमा का केस उत्त्तर प्रदेश की अदालत में है। अब जब तक अदालत फैसला नहीं दे देती सीमा यहीं रहेगी। सीमा का एक मामला राष्ट्रपति भवन में भी है। उसको भारतीय नागरिकता दिए जाने की मांग को लेकर। राष्ट्रपति भवन ने अब तक उस पर कोई फैसला नहीं लिया है। भारतीय नागरिकता दिए जाने की सीमा की ये अर्जी पहलगाम हमले से बहुत पहले की है. जबतक राष्ट्रपति भवन से ये फैसला नहीं आ जाता, सीमा को तब तक भारत से पाकिस्तान नहीं भेजा जा सकता।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी को बताया रखवाला
सीमा हैदर (Seema Haider) अनेक बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) तथा उत्तर प्रदेश के CM योगी को अपना रखवाला बता चुकी है। हाल ही में सीमा हैदर ने एक वीडियो जारी कर यूपी के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री से अपील की कि उसे पाकिस्तान ना भेजा जाए क्योंकि अब वो भारत की बहू है। अवैैध तरीके से बिना वीजा के भारत में दाखिल होने के लिए सीमा को पहले नोएडा पुलिस और फिर एटीएस ने गिरफ्तार किया था. पूछताछ के बाद खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के मद्देनजर उसको जमानत पर रिहा कर दिया गया। सीमा हैदर वह हर हथकंडा अपनाती रही है जिससे वह अपने आपको भारत हितैषी साबित कर सके। भारत का राष्टï्रीय झंडा तिरंगा फहराना हो अथवा भारतीय त्यौहार मनाने की बात हो। सीमा हैदर लगातार सब कुछ करती रही है। अब आप समझ ही गए होंगे कि सीमा हैदर के अदालती मामले निपटाने तथा राष्टï्रपति भवन में लंबित प्रार्थना का फैसला न हो जाने तक वह भारत में ही रहने वाली है।