उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने महिलाओं को दिए रोजगार के पंख
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:35 AM
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 (UPITS 2025) का ग्रेटर नोएडा में रोजगार का मेला शुरू हो गया है जहां प्रदेश की पारंपरिक हस्तकला, स्थानीय उत्पाद और ‘स्किल इंडिया’ की सफलता की झलक हर कोने में दिखाई दे रही है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) स्कीम के तहत राज्य के सभी जिलों से जुड़े अनूठे और आत्मनिर्भर उत्पादों को एक मंच पर लाया गया है। Greater Noida News
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के स्टॉल्स में आपको कहीं बलिया की महिलाओं द्वारा बनाई गई बिंदियां दिखेंगी तो कहीं अमेठी की बुजुर्ग महिलाओं की हाथ से बनी डलिया आपका दिल जीत लेंगी। ये वो चेहरे हैं जो बताते हैं कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि जमीनी सच्चाई बन चुका है।
बलिया की महिलाओं को मिला सिंदूरी बिंदियों को प्रदर्शित करने का अवसर
बलिया जिले से आईं तीन महिला उद्यमियों को अपने हाथों से बनाई सिंदूरी बिंदियों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। ये महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं बल्कि अपने जैसे कई और लोगों को प्रेरित कर रही हैं। ट्रेड शो में इनकी सादगी, हुनर और आत्मविश्वास देखने लायक है।
अमेठी की डलिया
हॉल नंबर 10 में अमेठी जिले की दो बुजुर्ग महिलाएं अपने हाथों से बनाई गई घास की डलिया और लकड़ी के हस्तनिर्मित उत्पाद बेचती दिखीं। उन्होंने बताया कि ये घास स्थानीय नदियों के किनारे उगती है और उसी से वे ये टिकाऊ और खूबसूरत चीजें तैयार करती हैं। ये उत्पाद न केवल दिखने में सुंदर हैं, बल्कि पूरी तरह इको-फ्रेंडली भी हैं।
गन्ने की खोई से बने दौने-पत्तल
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में एक स्टॉल पर गन्ने की खोई से बने बायोडिग्रेडेबल डिस्पोजल आइटम जैसे दौना, पत्तल और गिलास पेश किए गए। प्लास्टिक को अलविदा कहने की दिशा में ये एक शानदार कदम है। इन उत्पादों की विदेशों में भी मांग है और इनका निर्यात किया जाता है।
अलीगढ़ के स्मार्ट लॉक्स
अलीगढ़ की मशहूर ताला इंडस्ट्री भी इस शो में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रही है। Ovalocks कंपनी ने बताया कि उन्होंने जिला उद्योग केंद्र की मदद से अपना स्टॉल लगाया है। छोटे ताले से लेकर हाई-टेक स्मार्ट लॉक तक के प्रोडक्ट्स यहां उपलब्ध हैं।
देसी गाय के गोबर से बने ईंट
ट्रेड शो में एक स्टॉल पर देसी गाय के गोबर से बनी भगवान की मूर्तियां, दीये और यहां तक कि ईंटें भी प्रदर्शित की गईं। इन उत्पादों की टिकाऊ प्रकृति और पर्यावरण मित्रता ने कई आगंतुकों को आकर्षित किया। साल 2015 में शुरू हुई स्किल इंडिया योजना का असर इस शो में साफ दिखा। कई स्टॉल ऐसे हैं जो इस योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं द्वारा लगाए गए हैं जैसे क्रिकेट बॉल बनाना, चमड़े के जूते तैयार करना, और हस्तनिर्मित गहने बनाना। एक कारीगर ने लाइव डेमो में दिखाया कि कैसे वह हाथ और मशीनों से जूते तैयार करते हैं।
फूड कोर्ट में उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध व्यंजन जैसे मुरादाबादी दाल, मथुरा का पेड़ा, बनारसी पान और पंछी पेठा जैसे व्यंजन उपलब्ध हैं। कूपन काउंटर से पेमेंट कर आप स्वादिष्ट खाने का लुत्फ़ उठा सकते हैं। ट्रेड शो में आने वालों के लिए पार्किंग की व्यवस्था GL Bajaj Institute के सामने की गई है जो शो स्थल से करीब 2 किमी दूर है। यहां से आपको फ्री शटल बस मिलती है जो सीधे आपको एक्सपो मार्ट तक पहुंचा देती है। Greater Noida News