Bisarkh Land Scam : ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जमीन का एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यूपी के सीएम आदित्यनाथ से की गई शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में बड़ा एक्शन लिया गया है। सीएम कार्यालय से जांच के आदेश जारी होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि इस घोटाले में प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है।
आपको बता दें कि जमीन का यह बड़ा घोटाला ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बिसरख गांव का है। जिस जमीन से संबंधित यह घोटाला है, उस जमीन को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिग्रहित कर लिया था। घोटाला करीब तीन सौ करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। कॉलोनाइजरों ने प्राधिकरण अधिकारियों से मिलीभगत कर अधिगृहित जमीन पर विला बनाकर बेच दिए। आरोप है कि अधिकारियों ने इस मामले में आंखें बंद किए किए रखी और कॉलोनाइजरों से मोटी रकम वसूलते रहे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बिसरख गांव में अधिग्रहित की गई जमीन पर कॉलोनाइजरों द्वारा अवैध रुप से विला बनाकर बेचे जाने की शिकायत ग्रामीणों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से की थी, लेकिन अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया। प्राधिकरण अधिकारियों ने जब शिकायतों पर कोई संज्ञान नहीं लिया तो ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत शासन के अन्य बड़े अधिकारियों से की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद प्राधिकरण के मौजूदा अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से जांच कराई तो आरोप सही पाए गए हैं। प्राधिकरण की जांच में पर्दाफाश हुआ है, एक खसरा नंबर की 90 बीघा जमीन में से करीब 70 बीघा जमीन अधिगृहित हुई थी। 20 बीघा जमीन आबादी के नाम पर छोड़ी गई। शेष जमीन बिल्डर परियाेजना के लिए आवंटित होने थी। प्राधिकरण की मौजूदा बिल्डर दर करीब 60 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है।
बिल्डर को जमीन दी जाती तो बदले में प्राधिकरण को कम से कम कीमत 288 करोड़ मिलते, लेकिन इस जमीन को कॉलोनाजरों ने धोखे से अनजान लोगों को बेच दिया, जिन्होंने अब अपने मकान बना लिए हैं। प्राधिकरण अब इन मकानों को ध्वस्त करने की योजना बना रहा है। जिन लोगों ने जमीन बेची, उनके विरूद्ध बिसरख कोतवाली में मामला दर्ज कराने की तैयारी हो गई है। उन पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो सकती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के अनुसार, प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्राधिकरण अपनी अपनी एक एक इंच जमीन को खाली कराएगा। जिन लोगों ने अधिगृहित जमीन पर अवैध कॉलोनी, विला अथवा मकान बनाकर बेचे हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। मामला दर्ज कराकर जमीन को मुक्त कराया जाएगा।