लालच में न दें किसी को अपना बैंक खाता, भुगतना पड़ेगा बुरा अंजाम
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 11:32 AM
यदि आप थोड़े से लालच में अपना बैंक खाता अंजान शख्स को उपलब्ध करा रहे हैं, तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। ये लालच आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। इन दिनों नोएडा में साइबर अपराधी पैसों का लालच देकर लोगों का बैंक खाता ले रहे हैं और उसमें साइबर फ्रॉड कर ठगी गई रकम को ट्रांसफर कर निकाल लेते हैं। ऐसे ही एक गैंग का पर्दाफास ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर थाना पुलिस ने किया है। ये जालसाज अपना खाता साइबर जालसाजों को देने के साथ अन्य लोगों का भी खाता उन्हें उपलब्ध कराते थे। जिस पर इन्हें मोटी कमाई होती थी। Greater Noida News
एक खाता देने पर मिलता था 15 हजार
ग्रेटर नोएडा की पुलिस ने आपरेशन तलाश के तहत अभियान चलाकर साइबर फ्रॉड करने वाले पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपना खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। साथ ही अन्य अपने जान पहिचान वालों को लालच देकर उनका खाता ले लेते थे। खाते से संबंधित सारी डिटेल और एटीएम कार्ड भी ले लेते थे। जिससे खाता धारकों की परमीशन उन्हें न लेनी पड़े। इन खातों को वह साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इसके एवज में उन्हें 15 हजार प्रति खाता मिलता था। साथ ही उन्हें रकम पर मोटा कमीशन भी मिलता था।
खाते का एक्सेस होता था साइबर जालसाजों के पास
ग्रेटर नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी लोगों का खाता और उसका संपूर्ण विवरण लेकर मुख्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। उसका पूरा एक्सेस साइबर अपराधियों के पास होता था। भले ही खाता किसी और का हो, लेकिन इंटरनेट बैंकिंग से लेकर एटीएम कार्ड और पिन नंबर यानि जो भी चीज खाता धारक के पास खाते से संबंधित होती थी। वह सभी साइबर अपराधी लेते थे। इसके एवज में खाता धारक15 हजार रुपए दे देते थे। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट कर लोगों से की गई ठगी की रकम को इन्हीं खातों में ट्रांसफर कर लेते थे और उसे तत्काल अन्य खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। ऐसे में साइबर अपराधी दूर बैठकर ठगी का धंधा कर आसानी से बच निकलते थे, वहीं खाता उपलब्ध कराने वाले लोग पुलिस की भेंट चढ़ जाते हैं।
खाता उपलब्ध कराने वाले बीबीए छात्र समेत पांच गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा की थाना सूरजपुर पुलिस ने आॅपरेशन तलाश के तहत खाता उपलब्ध कराने वाले बीबीए छात्र समेत पांच को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी बीकॉम पास चनप्रीत सिंह, बीबीए की पढ़ाई कर रहा छात्र रणवीर सिंह, 11वीं पास जगमोहन धाकड़, बीए पास नवीन और दसवीं पास आदित्य शर्मा है। ये पांचों आरोपी एक दूसरे के परिचित हैं, जिन्होंने एक दूसरे को लालच देकर जोड़ा है। इसके अलावा आरोपियों ने अपने करीबियों के खातों को भी साइबर जालसाजों को उपलब्ध कराया है। इनके कब्जे से घटना में साइबर फ्रॉड में संलिप्त 05 मोबाइल फोन, 08 सिम कार्ड और 07 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।
ऐसे करते साइबर अपराध
ग्रेटर नोएडा में पकड़े गए आरोपी एक संगठित साइबर अपराधी गिरोह से जुड़े हैं। जो भारतीय नागरिकों को फर्जी गेमिंग, ट्रेडिंग एप्स के माध्यम व 'डिजिटल अरेस्ट' करके उनके साथ धोखाधड़ी करते थे और ठगी करके रुपयों को बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते है। आरोपी बैंक खाता धारकों को एक प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उनसे उनके बैंक खाते की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर बैंक खाते में पंजीकृत सिम कार्ड का 'रिमोट एक्सेस' ऐप के माध्यम से साइबर अपराधियों को देकर प्रति खाता 15 हजार रुपये कमाते है। साइबर अपराधियों द्वारा इन खातों का प्रयोग करके साइबर अपराध के पीड़ितों से धोखाधड़ी कर धनराशि ट्रांसफर कराई जाती है, जिसे बाद में कई अन्य खातों में या क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से ट्रांसफर कर लिया जाता है। Greater Noida News