ग्रेटर नोएडा वालों पर टूटा बिजली विभाग का कहर, अंधेरे में रहे हजारों लोग
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 02:06 AM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर के नव विकसित क्षेत्र ग्रेटर नोएडा वेस्ट की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक प्रसिद्ध सोसायटी अंधेरे में डूब गई। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की प्रसिद्ध सोसायटी में रहने वाले 2500 से ज्यादा लोग कई घंटे तक बिना बिजली तथा पानी के रहने को मजबूर हो गए।
ग्रेटर नोएडा की इस सोसायटी में कई घंटे गुल रही बिजली
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अनेक हाउसिंग सोसायटी मौजूद हैं। इन्हीं में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की प्रसिद्ध सोसायटी आम्रपाली ड्रीमवैली फेज-2 भी शामिल हैं। मंगलवार का दिन ग्रेटर नोएडा की आम्रपाली ड्रीमवैली फेज-2 सोसायटी के 646 फ्लैटों की बिजली एक साथ गुल हो गई। ग्रेटर नोएडा की इस सोसायटी में 2500 से ज्यादा लोग रहते हैं। नोएडा पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ग्रेटर नोएडा की इस सोसायटी की बिजली सप्लाई 4 घंटे के बाद बहाल हुई।
क्या है ग्रेटर नोएडा में बिजली का ताजा मामला
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित आम्रपाली ड्रीम वैली फेज-2 के पांच टावरों के 646 फ्लैटों में बगैर सूचना के बिजली काट दी गई। काफी देर तक बिजली नहीं आने पर लोगों ने वजह पूछी। हाइटेंशन मेन सबस्टेशन हैंडओवर होने पर बिजली बहाल होने की जानकारी अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) को दी गई। गुस्साए निवासियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के हस्तक्षेप पर करीब चार घंटे बाद बिजली बहाल हुई। एओए और निवासियों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
आपको बता दें कि आम्रपाली की अधूरी परियोजनाओं में एनबीसीसी पूरा करा रही है। ड्रीम वैली फेज-2 के पांच टावरों में करीब 47 टावर हैं। पांच टावरों में यहां 646 फ्लैट हैं जहां लोग रह रहे हैं। मंगलवार की सुबह नौ बजे यहां बिजली गुल हो गई। एओए के अध्यक्ष हरीश्याम ठाकुर ने बताया कि एचटी मेन सबस्टेशन हैंडओवर होने के बाद ही बिजली बहाल होने की जानकारी दी गई। एओए की ओर से पुलिस को बुलाया गया।
दोपहर करीब एक बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सोसायटी में बिजली व्यवस्था बहाल हुई। लोगों ने बताया कि इस तरह से बिजली कटौती प्रबंधन की तानाशाही का नतीजा है। पूरे टॉवर में फ्लैटों पर कब्जा दिए बिना एचटी मेन सबस्टेशन का हैंडओवर लिया जा सकता है। अभी हैंडओवर के दवाब बनाना एमओएम का उल्लंघन है। इस संबंध में एओए की ओर से कोर्ट रिसीवर के समक्ष समस्या रखने की बात कही गई है। साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नागरिकों की तरफ से एनबीसीसी के मुख्यालय पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। Greater Noida News