
Greater Noida News : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दलित छात्र को पुलिस हिरासत में रखकर उत्पीड़न करने के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब लखनऊ से आई कॉल के बाद नोएडा पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के फोन की घंटियां बज उठी। लखनऊ से उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश के बाद दलित छात्र का उत्पीड़न करने वाले दो दरोगाओं समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आपको बता दें कि मूल रुप से अलीगढ़ निवासी छात्र जितेंद्र उर्फ जीतू ग्रेटर नोएडा में रहकर एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। वह किसी मामले में जेल चला गया था। छह माह तक जेल में रहने के बार वह जेल से छुट गया था। उसने आरोप लगाया था कि जेल से छुटने के बाद थाना बीटा 2 की पुलिस ने उसे अवैध रुप से हिरासत में रखा और उत्पीड़न किया। छात्र का आरोप था कि उसे हिरासत में रखने के दौरान यूरिन पिलाया गया। छात्र के मोबाइल में हिडन कैमरा लगा हुआ था, जिसमें पिटाई आदि की तस्वीर कैद हुई थी। इसी के आधार पर छात्र ने पुलिस और अधिकारियों से शिकायत की लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इसके बाद उसने मामले की शिकायत नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के उच्च अधिकारियों से की, लेकिन मामले में कोई कार्यवाही आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ नहीं हुई। बताया जाता है कि आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही न होने से नाराज छात्र लखनऊ में आत्मदाह करने के लिए चला गया। जिसके बाद थाना बीटा 2 के दो दरोगाओं समेत छह पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।