ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ चौक पर सड़क निर्माण के चलते करीब एक महीने तक जाम की समस्या बढ़ सकती है। दीपावली से पहले अंडरपास खोलने की तैयारी है। इस जाम से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की 5 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हो रही है

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में स्थित ग्रेटर नोएडा वेस्ट के 5 लाख से अधिक लोगों के लिए गौड़ चौक यानी किसान चौक एक बार फिर बड़ी ट्रैफिक चुनौती बनने जा रहा है। जिस गौड़ चौक पर जाम से स्थायी राहत दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अंडरपास का निर्माण करा रहा है। उसी गौड़ चौक पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियरों की गलत सोच तथा आधी-अधूरी प्लानिंग के कारण अब करीब एक महीने तक यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। शुक्रवार को छुट्टी के दिन ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के इस सबसे महत्वपूर्ण सडक़ निर्माण का ट्रायल किया गया तो बैरिकेडिंग के कारण यातायात की रफ्तार प्रभावित हो गई। ऐसे में सामान्य कार्यदिवसों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की संभावना है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का लक्ष्य दीपावली से पहले अंडरपास को आम जनता के लिए खोलने का है। इसके लिए अंडरपास के ऊपर क्षतिग्रस्त सडक़ को मजबूत तरीके से दोबारा बनाया जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक सोमवार से सडक़ के दोनों ओर करीब 25-25 मीटर चौड़ाई वाले हिस्से में निर्माण कार्य शुरू होगा। लगातार लगने वाले इस जाम से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की 5 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हो रही है। Greater Noida News:
प्राधिकरण ने ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से पर्थला की ओर से ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वाली सड़क पर बैरिकेडिंग का ट्रायल किया। पांच लेन में से केवल दो लेन वाहनों के लिए उपलब्ध रहने के कारण यातायात दबाव बढ़ गया और वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई। अधिकारियों के अनुसार रविवार से दूसरी तरफ भी बैरिकेडिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सोमवार से दोनों तरफ चरणबद्ध तरीके से सड़क निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। इसका सीधा असर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ेगा।
अंडरपास के ऊपर खराब हो चुके सड़क हिस्से को मजबूत पेवमेंट क्वालिटी कंक्रीट (PQC) से तैयार किया जा रहा है। पहले चरण में एक तरफ के हिस्से पर करीब 15 दिन काम होगा। इसके बाद बची हुई लेनों में अगले 15 दिन निर्माण किया जाएगा। इस तरह सड़क निर्माण में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। इस दौरान गौड़ चौक के आसपास यातायात व्यवस्था पर लगातार दबाव बने रहने की आशंका है।
गौड़ चौक पर बन रहा अंडरपास ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सबसे महत्वपूर्ण ट्रैफिक प्रोजेक्ट्स में शामिल है। लगभग 700 मीटर लंबे इस अंडरपास का उद्देश्य मुख्य चौराहे के ऊपर से गुजरने वाले यातायात को अलग रास्ता देना और सूरजपुर-गाजियाबाद रोड पर वाहनों का दबाव कम करना है। परियोजना को पहले अगस्त में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह समयसीमा पूरी नहीं हो सकी। अब प्राधिकरण ने दीपावली से पहले इसे चालू करने का लक्ष्य रखा है। अंडरपास के सिविल कार्य का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और फिनिशिंग, सड़क, लाइटिंग तथा अन्य जरूरी कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस परियोजना की लागत भी समय के साथ बढ़ी है। शुरुआती अनुमान करीब 60 करोड़ रुपये का था, जबकि बाद में बिजली लाइनों और अन्य यूटिलिटी से जुड़े कार्यों सहित लागत लगभग 92 करोड़ रुपये तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। परियोजना की समयसीमा कई बार आगे बढ़ चुकी है। यही वजह है कि अब प्राधिकरण पर दीपावली से पहले इसे पूरा कर यातायात के लिए खोलने का दबाव है।
गौड़ चौक के साथ ही हिंडन पुल पर भी सड़क सुधार का काम चल रहा है। यहां मिलिंग तकनीक के जरिए सड़क की खराब ऊपरी परत हटाई जा रही है। हटाई गई सामग्री को रीसाइकिल कर सड़क निर्माण में दोबारा इस्तेमाल करने की योजना है। इस तकनीक का एक फायदा यह भी है कि पुल पर अनावश्यक अतिरिक्त भार नहीं बढ़ेगा। साथ ही बिटुमिन की अतिरिक्त परत के कारण ज्वाइंट स्पैन पर पड़ने वाले दबाव से पुल को होने वाले संभावित नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।
गौड़ चौक और हिंडन पुल दोनों ही यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस की ओर से प्राधिकरण से यह प्रयास करने को कहा गया है कि सड़क निर्माण के कार्यों को इस तरह समन्वित किया जाए कि लोगों को बार-बार अलग-अलग चरणों में जाम का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण की ओर से भी निर्माण के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था पर काम करने की बात कही गई है।
गौड़ चौक केवल एक सामान्य चौराहा नहीं है। यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट को नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली की दिशा से जोड़ने वाला प्रमुख यातायात बिंदु है। आसपास गौर सिटी समेत बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियां और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हो चुके हैं। सुबह और शाम के पीक आवर्स में यहां पहले से ही भारी यातायात रहता है। ऐसे में सड़क की उपलब्ध लेनों की संख्या घटने पर थोड़ी सी रुकावट भी लंबा जाम पैदा कर सकती है।Greater Noida News:
गौड़ चौक पर आने वाली परेशानी का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या करीब एक महीने की यातायात समस्या के बाद वास्तव में लोगों को स्थायी राहत मिलेगी?
प्राधिकरण का जवाब सकारात्मक है। अंडरपास शुरू होने के बाद मुख्य यातायात को अलग मार्ग मिलने से चौराहे पर वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद है। अगस्त में भी प्राधिकरण की ओर से कहा गया था कि अंडरपास और एलजी चौक से नोएडा के सेक्टर-145 और 146 को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग दीपावली तक शुरू करने का लक्ष्य है। दोनों परियोजनाओं से ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। Greater Noida News:
अगले कुछ सप्ताह गौड़ चौक से होकर रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। खासकर पीक आवर्स में इस मार्ग पर अतिरिक्त समय लेकर निकलना बेहतर होगा। जहां संभव हो, वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जा सकता है और मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
गौड़ चौक की मौजूदा स्थिति ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तेजी से बढ़ते शहरीकरण की तस्वीर भी पेश करती है। आबादी और वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी, लेकिन सड़क और चौराहों की क्षमता उसी अनुपात में नहीं बढ़ सकी। अब अंडरपास जैसे बड़े प्रोजेक्ट इस दबाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल लोगों के सामने एक महीने की संभावित परेशानी बनाम दीपावली के बाद मिलने वाली स्थायी राहत का समीकरण है। यदि प्राधिकरण तय समय में सड़क निर्माण, अंडरपास की फिनिशिंग और यातायात व्यवस्था को पूरा कर लेता है, तो गौड़ चौक की वर्षों पुरानी जाम की समस्या में वास्तविक बदलाव देखने को मिल सकता है। लेकिन निर्माण के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन कमजोर पड़ा तो अगले कुछ सप्ताह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो सकते हैं। Greater Noida News:
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