दिवाली से पहले गौतमबुद्धनगर के ग्रामीण इलाकों में कुछ ऐसा देखने को मिल रहा है, जिसने सबका ध्यान खींचा है। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच इन महिलाओं ने अपने हुनर को नई पहचान देने के लिए ऐसा रास्ता चुना है, जिसकी चर्चा अब स्थानीय बाजारों में भी हो रही है।

Greater Noida News : दीपावली के त्योहार पर गौतमबुद्धनगर के बाजारों में इस बार ग्रामीण महिलाओं के हुनर की चमक देखने को मिल रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हाथों से आकर्षक मोमबत्तियां, मिट्टी के दीपक और सजावटी सामान तैयार कर रही हैं। खास बात यह है कि इन उत्पादों को स्थानीय बाजारों में भी जगह मिल रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं न केवल अपनी कला को पहचान दिला रही हैं, बल्कि स्वरोजगार के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी योगदान दे रही हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी पहल के तहत जनपद गौतमबुद्धनगर की महिलाएं दीपावली के अवसर पर बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर रही हैं।
ग्राम शमशमनगर की गुड्डी और नीरज के उजाला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दीपावली के लिए अलग-अलग रंगों और डिजाइन की आकर्षक मोमबत्तियां तैयार कर रही हैं। इन मोमबत्तियों का इस्तेमाल घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए किया जा रहा है। महिलाओं की रचनात्मकता और मेहनत से तैयार ये उत्पाद स्थानीय बाजारों में फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।
तहसील दादरी की ग्राम पंचायत धानुवास की सुशीला के श्री गणेश स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिट्टी के आकर्षक दीपक बना रही हैं। दीपावली पर मिट्टी के दीपकों का विशेष महत्व है। ऐसे में समूह की महिलाएं पारंपरिक कला को आगे बढ़ाते हुए दीपकों का निर्माण कर रही हैं। इससे स्थानीय हस्तकला को बढ़ावा मिलने के साथ महिलाओं को आमदनी का अवसर भी मिल रहा है।
गौतमबुद्धनगर के अन्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भी दीपावली के लिए विभिन्न प्रकार के सजावटी उत्पाद तैयार कर रही हैं। महिलाएं ग्राहकों की पसंद और बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर अपने उत्पाद बना रही हैं। इनके उत्पादों की बिक्री स्थानीय बाजारों में फुटकर विक्रेताओं के जरिए की जा रही है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद ग्रामीण महिलाओं को संगठित होकर काम करने, प्रशिक्षण प्राप्त करने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और उद्यमशीलता बढ़ रही है। उत्पादों की बिक्री से प्राप्त आय उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित हो रही है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने प्रदेश सरकार की ओर से स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे प्रयासों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है। महिलाओं का कहना है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें अपने हुनर को पहचान दिलाने और उसे कमाई का जरिया बनाने का अवसर मिला है। ग्रामीण महिलाओं की यह पहल महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरक तस्वीर पेश कर रही है। उनके हाथों से तैयार मोमबत्तियां, मिट्टी के दीपक और सजावटी सामान जहां दीपावली के बाजारों को रोशन कर रहे हैं, वहीं उनके परिवारों में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद भी जगा रहे हैं।
विज्ञापन