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ग्रेटर नोएडा से बहुत ही चौंकाने वाली खबर आ रही है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की चौंकाने वाली खबर यह है कि ग्रेटर नोएडा में स्थापित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (GBU) में बहुत बड़ा घोटाला हो गया है। GBU में हुए घोटाले के प्रकरण में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने पांच करोड़ रूपए के घोटाले की FIR दर्ज की है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा से बहुत ही चौंकाने वाली खबर आ रही है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की चौंकाने वाली खबर यह है कि ग्रेटर नोएडा में स्थापित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (GBU) में बहुत बड़ा घोटाला हो गया है। GBU में हुए घोटाले के प्रकरण में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने पांच करोड़ रूपए के घोटाले की FIR दर्ज की है। जानकारों का दावा है कि ग्रेटर नोएडा में स्थापित GBU में हुआ घोटाला केवल पांच करोड़ रूपए तक सीमित नहीं है। इस प्रकरण की ठीक से जांच की गई तो यह घोटाला सैकड़ों करोड़ रूपए का निकलेगा। Greater Noida News
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा में स्थापित GBU उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध विश्वविद्यालय है। ग्रेटर नोएडा में स्थापित प्रसिद्ध विश्वविद्यालय GBU में पांच करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी समेत 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विश्वविद्यालय के प्रभारी रजिस्ट्रार सीके सिंह ने इकोटेक कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। Greater Noida News
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोप लगाया गया है कि 28 दिसंबर 2020 को गौतमबुद्ध नगर विश्वविद्यालय में डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने रजिस्ट्रार का पद ग्रहण किया था। रजिस्ट्रार और डीडीओ के रूप में उन्हें विश्वविद्यालय के सार्वजनिक निधियों पर संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कुलपति के आदेश पर पिछले साल अप्रैल में वित्तीय वर्ष 2024-25 में संबंधित आंतरिक जांच के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय जालसाजी, धोखाधड़ी और गबन का खुलासा हुआ। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा पुलिस की जांच शुरू होते ही इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि छात्रों से शैक्षणिक शुल्क के रूप में मिले पांच करोड़ रुपये सॉफ्टवेयर में दर्ज दिखे लेकिन जीबीयू के आधिकारिक बैंक खातों में इसे दर्ज नहीं किया गया। लेखा अनुभाग के नियमित कर्मचारियों ने डेटा एंट्री के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ मिलकर धोखे से जमा की गई फीस की नकली रसीदें जारी कर दीं। इन रसीदों से आई फीस बैंक खातों में नहीं पहुंची थी। वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए समिति का गठन किया गया था। पुलिस से पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी, नीरज कुमार तत्कालीन वित्तीय अधिकारी, शैलेंद्र कुमार शर्मा तत्कालीन लेखाधिकारी, मुदित कुमार, विजय प्रताप सिंह, लेखा अनुभाग के संबंधी कार्यालय सहायक मुकेश पंडित, शिव कुमार दत्त, शिवम, संदीप, श्याम, नवीन, सुभाष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। Greater Noida News
जानकारों का दावा है कि GBU में हुआ घोटाला मात्र पांच करोड़ रूपए का नहीं है। GBU में छात्रों की फीस का घोटाला कई वर्षों से चल रहा है। इस बात की भरपूर संभावना है कि जीबीयू... का यह घोटाला सैकड़ों करोड़ रुपये से भी अधिक का हो सकता है। इस घोटाले में GBU के अनेक अधिकारी तथा कर्मचारी शामिल हैं। GBU के छात्रों का कहना है कि यदि इस पूरे मामले की ईमानदारी से जांच की गई तो बहुत बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा में स्थापित GBU की पहचान उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में है। इतनी प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी में हुए घोटाले की जांच ग्रेटर नोएडा पुलिस कर रही है। ग्रेटर नोएडा पुलिस की यह जिम्मेदारी बनती है कि इस पूरे मामले की बारीकी से जांच करके पूरे प्रकरण की सत्यता को सामने लाया जाए। साथ ही इस घोटाले में शामिल अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए। Greater Noida News
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