
Greater Noida: थाना नॉलेज पार्क में एक फाइनेंस कंपनी के 8 डायरेक्टरों सहित 12 लोगों के खिलाफ कूट रचित दस्तावेजों से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पीडि़त का आरोप है कि फाइनेंस कंपनी ने फाइनेंस कराए गए ट्रक को भी अपने कब्जे में ले रखा है। आरोपी ना तो उसके पैसे लौटा रहे हैं और ना ही ट्रक वापस दे रहे हैं।
सेक्टर 31 ए ब्लॉक निवासी नरेंद्र अवाना पुत्र गजे सिंह ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उसने एक ट्रक टाटा सिग्ना अप्रैल 2021 में धारा मोटर फाइनेंस लिमिटेड बसंतपुर रोड महिपालपुर दिल्ली से लोन लेकर फाइनेंस कराया था। उसने उक्त गाड़ी मालवाहक ट्रॉली बनवाई जिसमें करीब 116940 देना तय हुआ था। लोन लेने के बाद 45 दिन बाद ट्रक की किश्त दी जानी थी। धारा मोटर फाइनेंस लिमिटेड ने ट्रक के रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज 3 माह की देरी से आरटीओ कार्यालय भेजें जिस कारण ट्रक का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। रजिस्ट्रेशन ना होने पर फाइनेंस कंपनी के कर्ताधर्ता ने कहा कि वह गाड़ी ना चलाएं और उसे कंपनी में जमा करा दें।
नरेंद्र अवाना ने बताया कि इस संबंध में उसने फाइनेंस कंपनी के जीएम आर के सिंह से बात की तो उन्होंने बताएं कि वह 40 हजार रुपये कंपनी के खाते में जमा कर दें तो जुलाई 2021 तक का उनका जुर्माना जीरो बैलेंस हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ट्रक के लोन की किस्त के रूप में 1028346 रुपये का भी भुगतान कर दिया। नरेंद्र अवाना का आरोप है कि उन्होंने 189600 का भुगतान लोन की किस्त के रूप में किया लेकिन यह धनराशि उनके लोन अकाउंट में जमा नहीं की गई। आरोपियों ने उनके ट्रक को भी अपने कब्जे में ले रखा है जिसे वह नहीं लौटा रहे हैं।
नरेंद्र अवाना की शिकायत पर धारा मोटर फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर विनोद कुमार कथुरिया, अरुण कुमार, राजेंद्र सिंह, शिवराज सिंह राणा, घनश्याम सिंह चौहान, मनीष कुमार, गजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, असिस्टेंट मैनेजर अभिनव, जीएम आर के सिंह, कर्मचारी नूपुर तथा सिमरनजीत कौर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।