गौतमबुद्धनगर में एक साल में 18,364 बच्चे कुपोषण से निकलकर सामान्य श्रेणी में पहुंचे। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 से 12 हजार और सहायिकाओं का 4 से 6 हजार हुआ।

Greater Noida : ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्धनगर) में बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालकर स्वस्थ और सुपोषित बनाने के अभियान में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पिछले एक वर्ष के दौरान जनपद में 18,364 बच्चों को कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों से बाहर निकालकर सामान्य पोषण श्रेणी में लाया गया है। इनमें 3,827 अति-कुपोषित (SAM) और 14,537 कुपोषित (MAM) बच्चे शामिल हैं। यह महत्वपूर्ण जानकारी ग्रेटर नोएडा स्थित विकास भवन/जिला प्रशासन परिसर में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग तथा महिला कल्याण विभाग द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सामने आई। कार्यक्रम में अयोध्या में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की गई।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की सौगात दी गई। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह, जबकि सहायिकाओं का मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और कुपोषण से निकलकर सामान्य श्रेणी में पहुंचे बच्चों के माता-पिता ने इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। Greater Noida :
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि गौतमबुद्धनगर में बच्चों को कुपोषण से सुपोषण की ओर ले जाने के अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के लगातार प्रयासों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियमित निगरानी और बच्चों के माता-पिता के सक्रिय सहयोग से पिछले एक वर्ष में 18,364 बच्चों को कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों से बाहर निकालकर सामान्य श्रेणी में लाया गया। आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान में 3,827 SAM श्रेणी के अति-कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हुआ और उन्हें सामान्य श्रेणी में लाया गया। वहीं 14,537 MAM श्रेणी के कुपोषित बच्चों को भी लगातार पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रयासों के जरिए सामान्य श्रेणी तक पहुंचाने में सफलता मिली। जिलाधिकारी ने कहा कि 18 हजार से अधिक बच्चों का कुपोषण की श्रेणी से बाहर आना केवल विभाग की उपलब्धि नहीं है। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत के साथ-साथ बच्चों के अभिभावकों और परिवारों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही है।
गौतमबुद्धनगर में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की 5 परियोजनाओं के अंतर्गत 1,108 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष की आयु के 81,159 बच्चे पंजीकृत हैं। इन सभी बच्चों के पोषण स्तर की नियमित निगरानी की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि पोषण संबंधी जोखिम वाले बच्चों की समय से पहचान की जाए और उन्हें आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर कुपोषण की स्थिति से बाहर निकाला जाए।
सम्मान समारोह के दौरान प्रशासक जिला पंचायत एवं जिलाधिकारी मेधा रूपम ने SAM और MAM श्रेणी से निकलकर सामान्य पोषण श्रेणी में पहुंचे बच्चों तथा उनके अभिभावकों से संवाद किया। जिलाधिकारी ने बच्चों के माता-पिता से उनके खान-पान और स्वास्थ्य में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। बच्चों को खिलौने एवं पुस्तिकाएं वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विविध एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने का आह्वान किया। साथ ही कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। Greater Noida :
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि टेक-होम राशन (THR) सहित सभी पोषण योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बच्चों के पोषण स्तर की नियमित निगरानी जारी रखने तथा चिन्हित बच्चों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सही पोषण स्वस्थ बचपन और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। इसलिए परिवार, आंगनबाड़ी केंद्र और समुदाय—सभी को मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए नियमित वजन और स्वास्थ्य निगरानी, पोषण संबंधी परामर्श तथा अभिभावकों को जागरूक करने की व्यवस्था को आगे भी पूरी गंभीरता से जारी रखा जाएगा।
कार्यक्रम में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत पोषण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस वर्ष ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ ‘हर निवाले में विविधता, पोषण में खुशहाली’ का संदेश दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों और परिवारों के भोजन में अनाज एवं मिलेट्स, दालें, फल-सब्जियां, दूध, मावे तथा अन्य पोषक खाद्य पदार्थों को शामिल करना आवश्यक है। विविध आहार से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं और बच्चों के बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल पोषण ही नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीखने, बातचीत और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रारंभिक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम विभाग के अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति सामुदायिक सहभागिता एवं जवाबदेही मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। बच्चों को बेहतर पोषण और प्रारंभिक विकासात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों एवं माताओं के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक परियोजना से सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दो-दो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और दो-दो सहायिकाओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कुपोषण से निकलकर सामान्य पोषण श्रेणी में पहुंचे बच्चों की माताओं को भी प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके बच्चों को खिलौने वितरित किए गए।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि पोषण संबंधी जोखिम वाले प्रत्येक बच्चे की समय से पहचान कर उसके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार किया जाए। इसके लिए नियमित निगरानी, परिवारों को पोषण के प्रति जागरूक करने और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। गौतमबुद्धनगर में पिछले एक वर्ष में 18,364 बच्चों का कुपोषण से सामान्य पोषण श्रेणी में पहुंचना इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि आने वाले समय में कुपोषण के मामलों को और कम करते हुए अधिक से अधिक बच्चों को स्वस्थ और सामान्य पोषण श्रेणी में लाया जाए।
कार्यक्रम में यह रहे शामिल
कार्यक्रम में प्रशासक जिला पंचायत अमित कुमार, जिलाधिकारी मेधा रूपम, मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, सीडीपीओ सिटी अनामिका सिंह सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। Greater Noida :
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