ग्रेटर नोएडा में मंगलवार को 40 देशों के सिविल सेवकों का 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, जहां विदेशी अधिकारियों ने गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास मॉडल, ई-गवर्नेंस और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को करीब से समझा।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में मंगलवार को दुनिया के अलग-अलग देशों से आए 40 सदस्यीय सिविल सेवकों के प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी रही। नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) की टीम के साथ गौतमबुद्धनगर पहुंचे इन अधिकारियों ने सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद किया। विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास मॉडल, ई-गवर्नेंस और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को समझा। कार्यक्रम की शुरुआत जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधिमंडल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और शासन की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण और संवाद हुआ।

प्रतिनिधिमंडल को गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक संरचना और जिला स्तर पर शासन व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी और डिप्टी कलेक्टर डॉ. पूर्वा शर्मा ने जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर की भूमिका के साथ प्रशासन के विभिन्न कार्यों की जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि राजस्व प्रशासन, विभागों के बीच समन्वय, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन कार्य और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जिले में सदर, दादरी और जेवर तीन तहसील हैं। इसके अलावा बिसरख, दादरी और जेवर तीन विकासखंड संचालित हैं। जिले में छह नगर निकाय भी कार्यरत हैं। Greater Noida News :
विदेशी अधिकारियों को गौतमबुद्धनगर में तकनीकी नवाचार और ई-गवर्नेंस के इस्तेमाल की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा किया गया। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से कर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, पीएम पोषण, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित कई योजनाओं की जानकारी साझा की गई। राज्य सरकार की शादी अनुदान योजना, अटल आवासीय विद्यालय, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, एक जनपद एक उत्पाद, मुख्यमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में भी प्रतिनिधिमंडल को बताया गया। Greater Noida News :
संवाद के दौरान गौतमबुद्धनगर की विशिष्ट प्रशासनिक व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि नियोजित शहरी विकास और विस्तार से जुड़े कार्यों के लिए जिले में तीन विकास प्राधिकरण कार्यरत हैं। इसके साथ कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग के लिए जिले में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। विदेशी अधिकारियों को इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में विभिन्न देशों से आए सिविल सेवकों और गौतमबुद्धनगर के प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, सुशासन को प्रभावी बनाने और तकनीकी नवाचारों के इस्तेमाल को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। Greater Noida News :
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के तहत तैयार उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन अरुण कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर पूर्वा शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुराग सारस्वत, प्रभारी जिला विकास अधिकारी नेहा सिंह सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीपी शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस प्रशासनिक संवाद के जरिए विभिन्न देशों के अधिकारियों को गौतमबुद्धनगर की शासन व्यवस्था, डिजिटल प्रशासन और विकास मॉडल को करीब से समझने का अवसर मिला। वहीं अधिकारियों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान भविष्य में बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
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