ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ 44 गांवों के किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के बिरौंडा गांव में किसानों की महापंचायत आयोजित की गई।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ 44 गांवों के किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के बिरौंडा गांव में किसानों की महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष की रणनीति तैयार करने का ऐलान किया है। महापंचायत में 4 प्रतिशत आबादी प्लॉट समेत किसानों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। किसानों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें शासन-प्रशासन और प्राधिकरण के स्तर पर उठाई जाती रही हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण अब आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है। Greater Noida News
बिरौंडा गांव में आयोजित महापंचायत में 44 गांवों के किसानों की भागीदारी रही। किसानों ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के विकास के लिए ग्रामीणों और किसानों ने अपनी जमीन दी है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में उनके अधिकारों और लंबित मांगों का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। किसानों की ओर से 4 प्रतिशत आबादी प्लॉट की मांग को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया गया। किसानों ने कहा कि यह मामला लंबे समय से लंबित है और अब इसे केवल स्थानीय स्तर पर उठाने के बजाय शासन के उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा। Greater Noida News
महापंचायत में किसानों ने महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसला लिया। चेनपाल प्रधान ने कहा कि अब किसानों की मांगों का विस्तृत ज्ञापन क्षेत्रीय विधायकों और सांसदों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं पर शासन स्तर से सीधे हस्तक्षेप हो और लंबे समय से लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए किसानों की मांगों को एकजुट कर विस्तृत ज्ञापन तैयार किया जाएगा। Greater Noida News
महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि अब वे केवल स्थानीय प्रशासनिक आश्वासनों के भरोसे नहीं बैठेंगे। किसानों के अनुसार, कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और समय-समय पर उनके समाधान का आश्वासन मिलता रहा है, लेकिन धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिखाई दिए। महापंचायत में मौजूद किसानों ने कहा कि यदि शासन स्तर से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक रणनीति बनाई जाएगी। किसानों ने इसे अपने अधिकारों की लड़ाई बताते हुए एकजुट रहने का संकल्प लिया। Greater Noida News
बिरौंडा गांव में आयोजित महापंचायत की अध्यक्षता प्रकाश प्रधान ने की, जबकि संचालन चेनपाल प्रधान ने किया। पंचायत में किसानों की समस्याओं और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। चेनपाल प्रधान ने किसानों की मांगों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को अब शासन के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि लंबित मांगों पर प्रभावी निर्णय हो सके।
महापंचायत में धर्मवीर नंबरदार, अमित पहलवान, राकेश नंबरदार, बाबूराम भाटी, मुखिया बीडीसी महावीर नागर, प्रमोद मुखिया, विजयपाल भाटी, लाला प्रधान, बालवीर प्रधान, प्रताप आर्य, राहुल आर्य, ओमेंद्र भाटी, महावीर भाटी, नरेंद्र भाटी, श्रीचंद शर्मा, रूपा गौतम और गोपीचंद समेत अनेक किसान एवं स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे। महापंचायत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि उनके मुद्दों को अब निर्णायक स्तर पर उठाया जाएगा। 44 गांवों के किसानों की इस एकजुटता के बाद आने वाले दिनों में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और शासन स्तर पर इस मुद्दे को लेकर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। Greater Noida News
बिरौंडा गांव में हुई इस महापंचायत ने ग्रेटर नोएडा में किसानों के लंबित मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। 4 प्रतिशत आबादी प्लॉट की मांग को लेकर किसानों ने जिस तरह जनप्रतिनिधियों के जरिए मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने की रणनीति बनाई है, उससे अब निगाहें शासन स्तर पर होने वाली अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं। Greater Noida News
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