
Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर आज पीड़ित किसानों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। पीड़ित किसान द्वारा लगातार पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। आज के धरने प्रदर्शन में 40 गांवों के पीड़ित किसानों ने सैकड़ों की संख्या में एकत्र होकर प्राधिकरण का घेराव किया। धरना प्रदर्शन में पुरुषों से अधिक संख्या मैं महिलाएं उपस्थित हैं। पुलिस द्वारा धरने में शामिल होने वाले समाजवादी पार्टी के नेता इंद्र प्रधान और जय जवान जय किसान के नेता सुनील फौजी को हाउस अरेस्ट क्या हुआ है। जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता तब तक वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे। पीड़ित किसानों द्वारा प्राधिकरण के खिलाफ वादा धोखेबाजी के नारे लगाए गए।
ग्रेटर नोएडा पर पीड़ित किसानों द्वारा महापड़ाव डाला हुआ है। किसान दिन और रात में प्राधिकरण के गेट के बाहर बैठकर अपनी समस्याओं के निवारण के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग गांवों से टोली बनकर सैकड़ों किसान महापड़ाव में शामिल हुए। जिन्होंने एकत्र होकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का घेराव किया।
किसान सभा के प्रवक्ता रुपेश वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण की मनमानी किसानों के लिए अब असहनीय है। प्राधिकरण द्वारा पीड़ित किसानों पर अत्याचार किया जा रहा है। आज के महापड़ाव में 40 गांवों के सैकड़ों के किसान एकत्र हुए हैं। प्राधिकरण अपनी मनमर्जी से किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाले लाभों को समाप्त करने का कार्य लगातार करता रहा है। जिसके अंतर्गत किसानों को आवासीय योजनाओं में मिलने वाले 17.5% कोटा को समाप्त कर दिया गया है। किसानों को मिलने वाले प्लाट का न्यूनतम साइज 120 वर्ग मीटर किया गया है। अब किसान आरपार के मूड में है।
जगबीर नंबरदार ने बताया कि प्राधिकरण ने हमारे क्षेत्र से पंचायत व्यवस्था को समाप्त कर हमारे अधिकारों का हनन किया है। क्योंकि जो हमारे पंचायत प्रतिनिधि चुने जाते थे वह लोगों के छोटे-छोटे मुद्दों को हल कराने में सहयोग करते थे। आज प्राधिकरण गांव में सड़क और नाली की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं करा पा रहा है, सीवर की तो हालत ही बहुत बेकार है, सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है, हम इस मंच के माध्यम से प्राधिकरण और राज्य सरकार को कहना चाहते हैं कि वह हमारे जिले में या तो पंचायत व्यवस्था बहाल करें।
किसान सुदेश यादव का कहना है कि इस प्राधिकरण ने हमारी पूर्वजों के समय की आबादियों पर बुलडोजर चलाकर तानाशाह होने का प्रमाण दिया है हम किसी भी सूरत में अपनी आबादियों को जीने नहीं देंगे जब तक हमारी समस्याएं हल नहीं हो जाती हमारा धरना लगातार जारी रहेगा। सभा की अध्यक्षता कर रही शांति देवी ने कहा कि इस महापड़ाव में पहली बार देखने को मिला है कि महिलाओं की भागीदारी भी पुरुषों के बराबर है और अब महिलाओं ने भी तय किया है कि वह भी घर के कार्य करने के साथ-साथ अपने हक और अधिकार की लड़ाई के लिए धरने पर भी समर्थन देंगी।
धरना प्रदर्शन के दौरान तिलक देवी, यतेंद्र मैनेजर, निशांत रावल, सुरेश यादव कृष्णा नगर, रविंद्र चपराना, प्रीतम नगर, मुकेश खेड़ी, मोहित भाटी जुनपत, अजय पाल भाटी, नरेंद्र भाटी, संदीप भाटी, भीम पहलवान, नीरज शर्मा जुनपत, श्यामा देवी, महकार सिंह, विनोद भाटी, सतीश यादव, गवरी मुखिया, नीरज शर्मा, हरिकिशन, संदीप भाटी, सुरेश यादव, नरेंद्र भाटी, महेश गुर्जर, भीम प्रधान, ब्रह्मपाल सूबेदार, अमित भाटी, पुष्पेंद्र त्यागी, अजय पाल भाटी, अजब सिंह नेताजी, राहुल भाटी, प्रवीण शर्मा, राजकुमार शर्मा, जयवीर नागर, मनीष शर्मा और 40 गांवों के पीड़ित किसान सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे।