ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव में सुबह होते ही आखिर ऐसा क्या शुरू हो जाता है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है? वायरल वीडियो के बाद शराब के ठेके की कैंटीन, पुलिस की कार्यशैली और गरीब रेहड़ी-पटरी वालों से कथित वसूली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव और उसके आसपास के इलाकों में अवैध शराब की बिक्री तथा अवैध वसूली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव में स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में शराब के ठेके की कैंटीन पर सुबह-सुबह ही शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। सुबह 6 बजे से शराब पीने वालों की महफिल सजने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में ऐच्छर पुलिस चौकी क्षेत्र की पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इलाके में खुलेआम हो रही कथित शराब बिक्री की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। कुछ लोगों ने पुलिस और अवैध शराब बेचने वालों के बीच कथित सांठगांठ के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव के स्थानीय लोगों के अनुसार ऐच्छर गांव और उसके आसपास शराब के ठेके की कैंटीन पर सुबह-सुबह ही शराब पीने वालों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्धारित समय से पहले ही देशी शराब की बिक्री की जाती है। सुबह 6 बजे से शराबियों की महफिल सजने की बात सामने आने के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। 4 नवंबर की सुबह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो को लेकर स्थानीय लोग आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का सवाल है कि यदि किसी शराब की दुकान या उससे जुड़ी कैंटीन पर नियमों के विपरीत शराब की बिक्री हो रही है तो संबंधित विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया है?
ऐच्छर गांव की समस्या केवल अवैध शराब बिक्री तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सड़कों के किनारे ठेले लगाने वाले गरीब दुकानदारों से अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने रखी हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र का एक युवक खुद को किसी कुख्यात बदमाश का रिश्तेदार बताकर सड़क किनारे ठेले लगाने वाले लोगों पर दबाव बनाता है और उनसे अवैध वसूली करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीब मजदूर और छोटे दुकानदार डर के कारण खुलकर शिकायत करने से बचते हैं। उन्हें आशंका रहती है कि विरोध करने पर उनके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है या उनका रोजगार प्रभावित हो सकता है।
ऐच्छर गांव तथा इसके आसपास का इलाका ग्रेटर नोएडा के महत्वपूर्ण आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, मजदूर, छोटे व्यापारी तथा आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोग रहते हैं। ऐसे में यदि सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विरुद्ध शराब की बिक्री हो रही है और सड़क किनारे छोटे दुकानदारों को कथित रूप से धमकाकर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं तो यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। स्थानीय लोगों के आरोपों के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। शराब की दुकानों के निर्धारित संचालन समय, बिक्री के नियमों और कैंटीन की गतिविधियों की जांच की जानी चाहिए। साथ ही अवैध वसूली की शिकायतों पर भी पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, ताकि शिकायत करने वाले गरीब दुकानदारों को किसी प्रकार का डर न रहे।
ऐच्छर गांव के मामले में स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर कई सवाल सामने आ रहे हैं।
ऐच्छर गांव से सामने आए ये आरोप केवल शराब की अवैध बिक्री का मामला नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़े हैं। ग्रेटर नोएडा पुलिस, संबंधित पुलिस चौकी और जिला आबकारी विभाग को वायरल वीडियो तथा स्थानीय लोगों की शिकायतों का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यदि अवैध शराब बिक्री या वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गरीब रेहड़ी-पटरी वालों को बिना किसी भय के अपना रोजगार करने का अवसर मिले। कानून का राज तभी प्रभावी माना जाएगा जब आम आदमी, मजदूर और छोटा दुकानदार भी खुद को सुरक्षित महसूस कर सके। अब देखना यह है कि ऐच्छर गांव में सामने आए इन गंभीर आरोपों पर ग्रेटर नोएडा पुलिस और आबकारी विभाग क्या कार्रवाई करते हैं।
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