
सार Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के मूल निवासी प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता तथा राजनेता अजित सिंह दौला को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस नियुक्ति से अजित दौला के नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के समर्थकों में हर्ष की लहर फैल गई है। तमाम समर्थक उन्हें बधाईयां दे रहेे हैं।
विस्तार आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के दौला रजपुरा (जेवर) गांव के मूल निवासी अजित सिंह दौला को रालोद में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनकी नियुक्ति की घोषणा रालोद के प्रदेश अध्यक्ष राम आशीष राय ने की है। अजित सिंह दौला के साथ ही साथ मुजफ्फरनगर के रहने वाले पूर्व मंत्री योगराज सिंह, लखनऊ के हाजी वसीम हैदर, कानपुर के सुरेश गुप्ता, मथुरा के कुंवर नरेन्द्र सिंह, गोरखपुर संतोष कुमार मिश्रा, मेरठ से नरेन्द्र खजूरी, जौनपुर से रामआत्रे विश्वकर्मा, प्रतापगढ़ से चंद्रबली यादव, मिर्जापुर से बद्री पटेल, गाजियाबाद से कुंवर अयूब अली तथा हरदोई से आदित्य विक्रम सिंह को भी रालोद में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।
गौतमबुद्धनगर में किसानों की आवाज उठाने के लिए बनाए गए संगठन देहात मोर्चा से अपने संघर्ष की पारी शुरू करने वाले अजित सिंह दौला मूल रूप से जेवर विधानसभा क्षेत्र के दौला रजपुरा पोस्ट तिलबेगमपुर के मूल निवासी हैं और इन दिनों ग्रेटर नोएडा में रह रहे हैं। उनके पिता का नाम वेदराम भाटी तथा माता का नाम श्रीमती विद्या देवी है। अजित सिंह दौला देहात मोर्चा में मुख्य महासचिव तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के पद पर रहे।
श्री दौला किसान सेवा समिति तथा जनविकास मंच के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं। इसी कड़ी में जन मोर्चा में उन्होंने प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रभारी पश्चिमी उ.प्र का पद भी संभाला। ग्रेटर नोएडा विकास मंच के अजित सिंह दौला अध्यक्ष भी हैं। साथ ही किसान संघर्ष समिति पश्चिमी उ.प्र. में वह संयोजक के पद पर रहे हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी कांग्रेस पार्टी से शुरू की। उन्होंने कांग्रेस में प्रभारी जिला मेरठ, उप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सदस्य के अलावा बागपत, अलीगढ, बुलंदशहर, मुरादाबाद, सहारनपुर और गाजियाबाद जिले में प्रभारी का भी कामकाज देखा। 2014 में उन्हें गाजियाबाद संसदीय क्षेत्र से मुख्य चुनाव प्रतिनिधि बनाया गया। 2012 में उन्होंने कांग्रेस में पश्चिमी उप्र के मीडिया कॉर्डिनेटर का पद भी संभाला था। वे जिला पंचायत में जेवर क्षेत्र के एक वार्ड का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।
देहात मोर्चा के निर्माण से लेकर आज तक का उनका सफर संघर्षशील रहा है। घोड़ी-बछेड़ा आंदोलन से लेकर भटटा पारसौल, टप्पल आंदोलन और चोला आंदोलन में भी उन्होंने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। राष्ट्रीय लोकदल में उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये जाने पर उनके समर्थकों में हर्ष है और उन्हें बधाईयों का तांता लगा हुआ है।