ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 में घर के बाहर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई। 500 रुपये के चालान और 10 हजार तक जुर्माने की चेतावनी।

ग्रेटर नोएडा शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए अब घरों के बाहर कूड़ा-कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 सेक्टर में सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकने के मामले में प्राधिकरण के अधिकारियों ने चालान काटे हैं। अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि यदि लोग अपनी आदतों में सुधार नहीं करते हैं तो अगली कार्रवाई में 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस अभियान से उन लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो घरों से निकलने वाला कचरा सड़क, खाली स्थान या दूसरे सार्वजनिक स्थलों पर फेंक देते हैं।
अल्फा-1 सेक्टर में गंदगी फैलाने की शिकायतों के बीच प्राधिकरण के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कूड़ा फेंकने के मामले में 500 रुपये का चालान किया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अधिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इस कार्रवाई के दौरान सेक्टर निवासी मनीष डावर और गजेंद्र शर्मा भी अधिकारियों के साथ मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर इस पहल को सेक्टर में स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अभियान के तहत अधिकारियों ने कूड़े की जांच कर उससे संबंधित व्यक्ति की पहचान करने पर जोर दिया है। दी गई जानकारी के मुताबिक, कूड़े में मिलने वाली पर्चियों और फोटो-वीडियो जैसे साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कूड़ा उठाने से पहले उसकी जांच की जाए और यदि किसी व्यक्ति की पहचान से जुड़ा प्रमाण मिले तो उसे कार्रवाई के लिए भेजा जाए। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ जुर्माना लगाने से पहले साक्ष्यों की पुष्टि और संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई किया जाना जरूरी होगा।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले चरण में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 10,000 रुपये तक का चालान कराया जा सकता है। यह चेतावनी उन लोगों के लिए है, जो कूड़ा संग्रह करने वाली गाड़ी आने के बावजूद घर के बाहर या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकते हैं। अभियान को लेकर दी गई सूचना में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को कार्रवाई का उल्लेख है।
सेक्टरवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों का कूड़ा निर्धारित कूड़ा संग्रहण गाड़ी को ही दें। जानकारी के मुताबिक, घरों से कचरा लेने के लिए प्रतिदिन गाड़ी आती है। ऐसे में कचरे को घर के बाहर, सड़क किनारे या किसी खाली स्थान पर फेंकना न केवल इलाके की सफाई व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी परेशानी पैदा करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्राधिकरण की कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी जरूरी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर का कचरा उचित तरीके से निस्तारित करे तो सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अल्फा-1 में शुरू हुई यह कार्रवाई शहर के अन्य सेक्टरों के लिए भी एक संदेश है कि सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्राधिकरण की निगरानी, नियमों के अनुसार जुर्माना और स्थानीय निवासियों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है। सीधा संदेश है—घर का कूड़ा कूड़ा गाड़ी को दें, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं और जुर्माने से बचने के लिए स्वच्छता के
नियमों का पालन करें।
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