
Greater Noida : UP के ग्रेटर नोएडा में कासना थाने में दर्ज कराई गई एक FIR ने हड़कंप मचा दिया है। नोएडा से लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक सब जगह इस FIR की चर्चा हो रही है। इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक जांच पहुंचने की भी चर्चा है।
आपको बता दें कि रविवार को कासना थाने में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराई है। इस FIR ने नोएडा से लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक हड़कंप मचा दिया है। मामला छत्तीसगढ़ में हुए अरबों रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में हुए इतने बड़े शराब घोटाले के तार यूपी के ग्रेटर नोएडा से भी जुड़े हुए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच टीम ने अपनी जांच के सारे तार जोड़ लिए हैं।
यह मामला आपको विस्तार से बता देते हैं। असल में छत्तीसगढ़ में एक बड़ा शराब घोटाला हुआ है। छत्तीसगढ़ में हुए करोड़ों के शराब घोटाले में कासना स्थित कंपनी में बने मूल और नकली होलोग्राम प्रयोग किए गए थे। इस मामले में छत्तीसगढ़ के विशेष सचिव आबकारी उत्पादन शुल्क, आबकारी आयुक्त (IAS) अधिकारी सहित पांच के खिलाफ थाना कासना में केस दर्ज किया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय रायपुर में तैनात उपनिदेशक हेमंत ने रविवार को थाना कासना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में हुए करोड़ों के शराब घोटाले की जांच में पता चला है कि विधु गुप्ता की नोएडा स्थित मेसर्स प्रिज्म फोटोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड ने असली और नकली होलोग्राम बनाए थे। छत्तीसगढ़ के विशेष सचिव उत्पादक शुल्क अरुणपति त्रिपाठी आपूर्ति के लिए मूल और डुप्लीकेट होलोग्राम का विवरण उन्हें बताते थे। होलोग्राम की संख्या उसके हिसाब से मुद्रित करके भेजी जाती थी।
अरुणपति त्रिपाठी द्वारा उपलब्ध कराए गए नंबरों के होलोग्राम को सड़क मार्ग से छत्तीसगढ़ ले जाया जाता था। इंडी ने जांच के दौरान कंपनी से डुप्लीकेट होलोग्राम जब्त किए हैं। इस मामले में थाना कासना में अरुण पति त्रिपाठी (ITS) स्पेशल सेक्रेट्री एक्साइज, निरंजन दास (आईएस) एक्साइज कमिश्नर, अनिल टुटेजा (IAS) विधु गुप्ता तथा अनवर देहबर के खिलाफ के दर्ज किया गया है। इस मामले में IPC की धारा 420, 468, 471, 473, 484, 120 बी अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। Greater Noida