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अरिहंत अंबर सोसाइटी के टावर डी-1507 में रहने वाले विकास चावला शनिवार देर शाम अपनी बाइक से कहीं जाने के लिए निकले थे। वह सोसाइटी परिसर से बाहर निकल रहे थे तभी अचानक बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से से प्लास्टर का एक बड़ा टुकड़ा टूटकर उनके ऊपर आ गिरा।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक नामी हाउसिंग सोसाइटी में शनिवार शाम ऐसा हादसा हुआ जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। रोज की तरह अपने काम से बाहर निकल रहे एक निवासी को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही सेकेंड में उनकी जिंदगी खत्म हो जाएगी। बिल्डिंग से अचानक प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरा और इसकी चपेट में आने से 46 वर्षीय विकास चावला की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे सोसाइटी परिसर में शोक और गुस्से का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, अरिहंत अंबर सोसाइटी के टावर डी-1507 में रहने वाले विकास चावला शनिवार देर शाम अपनी बाइक से कहीं जाने के लिए निकले थे। वह सोसाइटी परिसर से बाहर निकल रहे थे तभी अचानक बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से से प्लास्टर का एक बड़ा टुकड़ा टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। प्लास्टर गिरते ही विकास अपनी बाइक का संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर गए। गिरने के दौरान उनका सिर पास की दीवार के किनारे से टकरा गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण काफी खून बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और बिना समय गंवाए यथार्थ अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विकास चावला की मौत की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में मातम छा गया। सोसाइटी के कई निवासियों का कहना है कि इमारतों के बाहरी हिस्सों में लंबे समय से प्लास्टर टूटने और झड़ने की शिकायतें सामने आ रही थीं। ऐसे में यह हादसा लोगों की चिंता को और बढ़ाने वाला है।
घटना की सूचना मिलने के बाद बिसरख थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि, घायल को अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की ओर से मिलने वाली शिकायत और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे के बाद अरिहंत अंबर सोसाइटी के निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इमारतों की मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान दिया गया होता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। निवासियों का मानना है कि बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अब लोग सोसाइटी की इमारतों की मजबूती और रखरखाव को लेकर जवाब मांग रहे हैं।
हादसे के बाद अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) भी सक्रिय हो गई है। एओए ने बिल्डर से लंबित संरचनात्मक मरम्मत कार्य को जल्द पूरा करने की मांग की है। इसके साथ ही गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजने की तैयारी भी की जा रही है। सोसाइटी में रहने वाले लोगों का समर्थन जुटाने के लिए प्रत्येक टावर के रिसेप्शन पर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। एओए का कहना है कि निवासियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
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