ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के बाद अब श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। 144वीं बोर्ड बैठक में EWS फ्लैट, ट्रांजिट लेबर हॉस्टल, पब्लिक लाइब्रेरी, नई सड़कों, फुटओवर ब्रिज, NDRF के लिए 30 फ्लैट और मैकेनिकल स्वीपिंग समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले किसानों और मजदूरों के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी पहल की है। बृहस्पतिवार, 3 सितंबर 2026 को हुई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास, कनेक्टिविटी, श्रमिकों के आवास, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और साफ-सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला ग्रेटर नोएडा में काम करने वाले अप्रवासी श्रमिकों के लिए EWS आवास और ट्रांजिट लेबर हॉस्टल विकसित करने का है। प्राधिकरण किसानों के हित में अपने बड़े फैसले पहले ही घोषित कर चुका है। अब बोर्ड बैठक में श्रमिकों के लिए आवास और अन्य सुविधाएं विकसित करने का निर्णय लेकर औद्योगिक शहर में काम करने वाले हजारों मजदूर परिवारों को बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसके अलावा सेक्टर अल्फा-1 में सार्वजनिक पुस्तकालय, ग्रेटर नोएडा को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए डबल डेकर सड़क, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक 105 मीटर चौड़ी सड़क, रिठौरी में फुटओवर ब्रिज, आवासीय भूखंडों पर निर्माण के लिए अतिरिक्त समय, NDRF के लिए 30 फ्लैट और शहर की सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में दूसरे जिलों और राज्यों से श्रमिक रोजगार की तलाश में आते हैं। निर्माण क्षेत्र, उद्योगों और अन्य आर्थिक गतिविधियों में इन श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। रोजगार मिलने के बाद इन श्रमिकों के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने के लिए किफायती और सुरक्षित आवास की होती है। बिल्डर परियोजनाओं में फ्लैटों की कीमत अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक परिवार वहां मकान नहीं खरीद पाते। मजबूरी में कई लोग अनधिकृत कॉलोनियों में अपना पैसा लगा देते हैं। इस समस्या को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में EWS फ्लैट विकसित करने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसी वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन EWS आवासों का उद्देश्य दूसरे जिलों और राज्यों से ग्रेटर नोएडा आने वाले निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराना है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की योजना के अनुसार पतवाड़ी और बिरौंडी में EWS आवास विकसित किए जाएंगे। इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। यह योजना उन श्रमिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है जो ग्रेटर नोएडा में लंबे समय से रोजगार कर रहे हैं, लेकिन महंगे निजी आवास के कारण स्थायी घर का सपना पूरा नहीं कर पा रहे हैं। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि परियोजना से श्रमिकों को न केवल आवास मिले, बल्कि उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण भी उपलब्ध हो। Greater Noida News
रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आने वाले अप्रवासी श्रमिकों के सामने शुरुआती दिनों में रहने की समस्या भी बड़ी चुनौती होती है। होटल या निजी आवास उनके लिए महंगा पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए प्राधिकरण ने ट्रांजिट लेबर हॉस्टल बनाने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ट्रांजिट हॉस्टल योजना के तहत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ईकोटेक-06 और ईकोटेक-11 में 3000-3000 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित की है। प्राधिकरण इन भूखंडों को श्रम विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करेगा। हॉस्टल का निर्माण श्रम विभाग की ओर से किया जाएगा। इस हॉस्टल में रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिकों को कम किराये पर अस्थायी आवास मिल सकेगा। रोजगार मिलने के बाद वे अपने लिए स्थायी आवास की व्यवस्था कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इस फैसले से हर वर्ष ग्रेटर नोएडा आने वाले हजारों श्रमिकों को लाभ मिलेगा। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सेक्टर अल्फा-1 में सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने को मंजूरी दी गई है। यह लाइब्रेरी करीब 1360 वर्ग मीटर भूमि पर विकसित होगी। इसमें लगभग 440 वर्ग मीटर क्षेत्र में तीन मंजिला लाइब्रेरी भवन बनाया जाएगा। शेष क्षेत्र में पार्किंग, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लाइब्रेरी में छोटे बच्चों, छात्रों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए किताबें उपलब्ध रहेंगी। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उन विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलेगा जो महंगी किताबें खरीदने में सक्षम नहीं हैं। विद्यार्थी न्यूनतम शुल्क देकर यहां किताबें इश्यू करा सकेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इस परियोजना का निर्माण भी इसी वर्ष के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बोर्ड बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया है। 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत पहले चरण में एक मूर्ति से नाले तक डबल डेकर सड़क बनाई जाएगी। परियोजना की अनुमानित लागत 756.01 करोड़ रुपये है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को दी थी। सर्वेक्षण के दौरान दो वैकल्पिक मार्ग सामने आए थे। समिति ने पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाने का निर्णय लिया है। दूसरे चरण में शेष सड़क का निर्माण पूरा किया जाएगा। परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरण द्वारा समान रूप से वहन की जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से ग्रेटर नोएडा और खासतौर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा के विकास और कनेक्टिविटी को लेकर बोर्ड बैठक में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। 105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
ग्रेटर नोएडा फेस-1 में इस सड़क का करीब छह किलोमीटर हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है। अब फेस-2 में ग्राम जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क विकसित की जाएगी। इस मार्ग के बीच रेलवे लाइन, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लिंक लाइन और जीटी रोड आएंगे। इन स्थानों पर तीन ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। प्रस्तावित सड़क को 10 लेन और चार सर्विस लेन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए जरूरी भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि सड़क निर्माण का खर्च NHAI उठाएगा। सड़क के दायरे में ग्रेटर नोएडा फेस-1, फेस-2 और DNGIR क्षेत्र की जमीन आएगी। DNGIR क्षेत्र का विकास नोएडा प्राधिकरण कर रहा है। इसलिए इस क्षेत्र में आने वाली भूमि का अधिग्रहण नोएडा प्राधिकरण करेगा। भूमि अधिग्रहण की लागत नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 50:50 के अनुपात में वहन करेंगे। Greater Noida News
ग्राम रिठौरी के ग्रामीणों के लिए भी बोर्ड बैठक में राहत भरा फैसला लिया गया है। गांव के लोगों को रेलवे लाइन पार करने में होने वाली परेशानी को देखते हुए फुटओवर ब्रिज बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फुटओवर ब्रिज में रैंप, सीढ़ियों और लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना के लिए वर्ष 2022 में सांसद डॉ. महेश शर्मा की ओर से प्राधिकरण को पत्र मिला था। इसके बाद प्राधिकरण ने डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुरोध किया था। दोनों विभागों की टीम ने संयुक्त निरीक्षण के बाद फुटओवर ब्रिज बनाने पर सहमति जताई। इसका निर्माण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण करेगा। रेलवे लाइन के ऊपर निर्माण के लिए रेलवे से स्वीकृति और NOC लेना भी आवश्यक होगा। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा की आवासीय भूखंड योजनाओं के आवंटियों को भी बोर्ड बैठक में बड़ी राहत दी गई है। जिन आवंटियों के भूखंडों पर अभी तक निर्माण पूरा नहीं हुआ है अथवा जिन्होंने कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया है, उन्हें 30 जून 2028 तक अतिरिक्त समय दिया गया है। यह समय विस्तार वर्तमान में लागू विलंब शुल्क के साथ दिया गया है। प्राधिकरण ने इसे अंतिम अवसर के रूप में मंजूरी दी है। निर्धारित अवधि के बाद यदि किसी आवंटी ने निर्माण पूरा कर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया तो उसका आवंटन रद्द किया जा सकता है। Greater Noida News
आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य को तेज करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने NDRF के रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर के लिए 30 फ्लैट निशुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया है। ये फ्लैट सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें टाइप-2 और टाइप-3 श्रेणी के आवास शामिल होंगे। NDRF की 8वीं वाहिनी, गाजियाबाद की ओर से रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर के लिए भवन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। प्रस्ताव के अनुसार यहां तैनात कर्मी परिवार के साथ स्थायी रूप से नहीं रहेंगे, बल्कि आपदा और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए टीम के रूप में तैनात रहेंगे। इन आवासों का इस्तेमाल कैंप, परिसर और स्टाफ कार्यालय के रूप में किया जाएगा। टीमों की तैनाती रोटेशन के आधार पर होगी। इससे प्राकृतिक आपदा, औद्योगिक दुर्घटना, भवन गिरने, बाढ़ और अन्य आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा में धूल और मिट्टी को नियंत्रित करने तथा वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। CAQM और IIT रुड़की के सुझावों के आधार पर ग्रेटर नोएडा के सेंट्रल और ईस्ट जोन में सड़कों की पांच वर्ष तक मैकेनिकल स्वीपिंग कराई जाएगी। इसके लिए मशीनरी प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि मशीनों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी चयनित कॉन्ट्रैक्टर की होगी। IIT रुड़की के एस्टीमेट के आधार पर दोनों जोन के लिए टेंडर जारी किए गए थे और सफाई के लिए कॉन्ट्रैक्टर का चयन कर लिया गया है। Greater Noida News
सेंट्रल जोन में सेक्टर ईटा-1, डेल्टा-1, डेल्टा-2, डेल्टा-3, केपी-4, जीटा-1, ईटा-2, बेगमपुर, बोड़ाकी, मकौड़ा, मलकपुर, मुबारकपुर, पाली, साकीपुर, लखनावली सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। Greater Noida News
ईस्ट जोन में सेक्टर-36, 37, म्यू-1, ज्यु-1, 2 और 3, चाई-5, अस्तौली, डाबरा, चुहड़पुर, घरबरा, घोड़ी-बछेड़ा, जुनपत, जुनैदपुर, घंघोला, देवला, अजायबपुर, अटाई मुरादपुर, दाउदपुर, खेरली, लड़पुरा, लुक्सर, मायचा, कनारसी, कासना, खानपुर, पौवारी, सलेमपुर गुर्जर, विरौंडी, विरौंडा समेत कई गांव शामिल हैं। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों से स्पष्ट है कि प्राधिकरण ने एक साथ श्रमिक कल्याण, आवास, शिक्षा, कनेक्टिविटी, ग्रामीण सुविधाओं, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण जैसे विषयों पर फोकस किया है। एक ओर जहां पतवाड़ी और बिरौंडी में EWS आवास तथा ईकोटेक में ट्रांजिट लेबर हॉस्टल बनने से श्रमिकों को राहत मिलेगी, वहीं अल्फा-1 की पब्लिक लाइब्रेरी से छात्रों और युवाओं को सुविधा मिलेगी। दूसरी ओर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी की योजनाएं ग्रेटर नोएडा के भविष्य के यातायात नेटवर्क को मजबूत करने वाली साबित हो सकती हैं। बोर्ड बैठक में अध्यक्ष ( चेयरमैन ) तथा उत्तर प्रदेश के औधौगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव व प्रसिद्ध IAS अधिकारी दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार (वर्चुअल), ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ सुमित यादव, यीडा के ओएसडी शैलेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। Greater Noida News
विज्ञापन