जऱा सी बारिश और ग्रेटर नोएडा बेहाल, सडक़ें बनीं तालाब, उद्योग जलमग्न; थीम पार्क नहीं, पहले मूलभूत सुविधाएं दें : अमित कुमार उपाध्याय ईकोटेक-3 से लेकर आवासीय सेक्टरों तक जलभराव ने बढ़ाई परेशानी, उद्यमियों ने उठाए प्राधिकरण की तैयारियों पर सवाल

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में बारिश एक बार फिर शहर के विकास और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलती नजर आई। 4 सितंबर 2026 को हुई मामूली सी बारिश ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अरबों रूपये के विकास के दावों की पोल खोल कर दी। हलकी सी बारिश में ही ग्रेटर नोएडा के तमाम सेक्टरों में पानी भरा हुआ नअर हाया। जल भराव की हालत यह थी कि ग्रेटर नोएडा में स्थित नोएडा की जिलाधिकारी श्रीमती मेधा रूपम जिस कार्यालय (कलेक्ट्रेट) में बैठती हैं उसके प्रांगण में घुटनों तक पानी भरा हुआ नजर आया। ग्रेटर नोएडा में ही गौतमबुद्धनगर जिले की कचहरी भी मौजूद है। कचहरी में जल भराव ने सबको चौंका दिया। ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 सेक्टर-2 के एच ब्लॉक में पानी भर जाने के कारण पूरे एच ब्लॉक की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गयी। हलकी सी बारिश के कारण ध्वस्त हुई एनपीसीएल की बिजली व्यवस्था ने लोगों को इतना तंग कर दिया कि अल्फा-2 के नागरिक प्रदर्शन पर उतर आए। इस प्रदर्शन को रोकने के लिए ग्रेटर नोएडा में स्थित बीटा-2 थाने की पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस के आने के बाद नागरिकों ने अपना प्रदर्शन स्थगित किया तथा किसी तरह से जोड़तोड़ करके बिजली आपूर्ति को संचालित कराया गया। कमोबेश यही स्थिति ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों में नजर आई। ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों में रहने वाले नागरिक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को गालियां देते हुए नजर आए।

पानी में डूबी हुई नजर आई ग्रेटर नोएडा शहर की मुख्य सडक़ें4 सितंबर 2026 को हुई हल्की सी बारिश में ग्रेटर नोएडा शहर के कई आवासीय क्षेत्रों में सडक़ें पानी में डूबी नजर आईं, वहीं औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-3 में जलभराव की पुरानी समस्या ने एक बार फिर उद्यमियों और श्रमिकों की चिंता बढ़ा दी। 5 सितंबर को भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी के बीच जलभराव की समस्या को लेकर लोगों की मुश्किलें और बढऩे की आशंका बनी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग के नोएडा केंद्र ने ग्रेटर नोएडा में 5 सितंबर के लिए बारिश तथा गरज के साथ बारिश की संभावना के साथ भारी बारिश की चेतावनी भी दर्ज की थी। इसी मुद्दे को लेकर ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश से पहले जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही दावों और जमीन पर दिखाई देने वाली हकीकत के बीच का अंतर सामने आ जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में बैठा हुआ प्राधिकरण का महा प्रबंधक परियोजना (GM Project) रिटायर होने के बाद भी नौकरी पर जमा हुआ है। यह महाप्रबंधक ग्रेटर नोएडा के विकास, मेंटीनेंस, जल भराव, सफाई तथा दूसरे काम देखने की बजाए सुबह से शाम तक ‘‘टेंडर मैनेज’’करने के अभियान में जुटा रहता है। ग्रेटर नोएडा शहर में सक्रिय ग्रेटर नोएडा जनकल्याण समिति के अध्यक्ष तथा चेतना मंच के संपादक आर.पी. रघुवंशी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महा प्रबंधक परियोजन(GM Project)) प्रतिदिन कमीशन में कमाए गए धन का हिसाब-किताब करने में ही व्यस्त रहता है। इस महाप्रबंधक को रिटायरमेंट के बावजूद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नौकरी में रखकर उससे काम कराना अपने आप में ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पूरी कार्यप्रणाली की पूरी पोल खोल देता है।

अमित कुमार उपाध्याय ने बताया कि ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र पिछले कई वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। बारिश के दौरान मुख्य सडक़ों और अंदरूनी मार्गों पर पानी भरने से उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है। ग्रेटर नोएडा में हल्की सी बारिश होते ही पानी फैक्ट्रियों के अंदर तक घुस जाता है और जिससे मशीनरी, कच्चे माल और तैयार माल को नुकसान का खतरा पैदा हो जाता है। दिलचस्प बात यह है कि 4 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों में भी ईकोटेक-3 के जलभराव की समस्या को स्वीकार करते हुए नए नाले के निर्माण की योजना की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक पानी की निकासी बेहतर करने के लिए करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से न्यू हॉलैंड की तरफ नया नाला बनाने की योजना है। DSC Road पर पुलिया बनने के बावजूद जलभराव की समस्या बने रहने की बात भी सामने आई है। यानी एक तरफ प्राधिकरण जलनिकासी के लिए नई परियोजना की तैयारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ उद्यमियों का सवाल है कि आखिर वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान अभी तक क्यों नहीं हो पाया। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के उद्यमियों का यह भी बड़ा सवाल है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महा प्रबंधक परियोजना (GM Project) में ऐसे क्या सुर्खाब के पर लगे हैं कि जो उन्हें रिटायरमेंट के बाद भी कुर्सी का मोह नहीं छोडऩे दे रहा है।Greater Noida News :
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