
Greater Noida : उत्तर प्रदेश की आधुनिक सिटी ग्रेटर नोएडा में हड़ताल पर गए सैकड़ों सफाई कर्मचारियों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने घर बैठा दिया है। प्राधिकरण ने सफाई ठेकेदारों को नई भर्ती करने के आदेश दिए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले से सफाई कर्मचारियों में न केवल हड़कंप मचा हुआ है, बल्कि आक्रोश भी व्याप्त है।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सैकड़ों सफाई कर्मचारी अपनी कई मांगों को लेकर पिछले करीब दस दिनों से हड़ताल पर चले आ रहे थे। ठेकेदारों के अधीनस्थ इन कर्मचारियों की बहुत सी मांगों को मान भी लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद यह सफाई कर्मचारी अपनी हड़ताल समाप्त करने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण ग्रेटर नोएडा की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है।
ग्रेटर नोएडा की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और हड़ताल पर गए कर्मचारियों से सख्ती से निपटने के लिए प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी के आदेश पर अब सख्त कदम उठा गए हैं। सीईओ रवि कुमार एनजी के आदेश पर प्राधिकरण में सूचीबद्ध सफाई ठेकेदारों को हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारियों को घर भेजने यानि परमानेंट छुट्टी देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आदेश दिए गए हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए जल्द से जल्द नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाए।
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि सफाईकर्मी जिस अवधि में काम नहीं करेंगे, उस अवधि का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा। आपको बता दें कि हड़ताल पर गए सफाईकर्मियों के साथ शुक्रवार को एक बैठक की गई थी, जिसमें सफाई कर्मियों की शेष मांगों पर निर्णय करने के लिए कमेटी की बैठक शीघ्र कराने का आश्वासन प्राधिकरण की तरफ से दिया गया।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सफाई कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते चले आ रहे हैं। इसी आंदोलन के तहत दिवाली से पहले सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इनकी मांग है कि उनका मासिक वेतन 17 हजार 170 रुपये से बढ़कर 20 हजार रुपये प्रति माह किया जाए।
सफाई कर्मचारियों की मांग का जवाब देते हुए प्राधिकरण का कहना है कि टेंडर के अनुरुप ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है। टेंडर के नियम व शर्तों के अनुसार, वेतन में हर दो साल में पांच फीसदी की वृद्धि का प्रावधान है। प्राधिकरण ने आश्वसन दिया है कि टेंडर में निर्धारित समय पर वेतन वृद्धि कर दी जाएगी। सफाई कर्मियों की दूसरी मांग बोनस के भुगतान की थी। प्राधिकरण ने विगत वर्ष की भांति ही दिवाली से पहले बोनस का भुगतान कर दिया है। सफाई कर्मियों का कहना है कि किसी भी सफाईकर्मी की किसी भी परिस्थिति में मृत्यु होने पर भी 10 लाख रुपये बीमा राशि दिलाई जाए, जबकि ऑन ड्यूटी दुर्घटना में मृत्यु होने पर 10 लाख का बीमा का प्रावधान पूर्व से ही किया जा चुका है।