ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में स्टाफ की कमी से विकास कार्य और किसानों की समस्याओं के निस्तारण में देरी का आरोप। कर्मवीर नागर ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रमुख कर्मवीर नागर ने आरोप लगाया है कि प्राधिकरण में पर्याप्त स्टाफ की तैनाती नहीं होने से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और किसानों की समस्याओं के निस्तारण में देरी हो रही है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में कर्मचारियों की कमी दूर करने और तबादलों व पदोन्नतियों में अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है।
कर्मवीर नागर के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में काम के दबाव के अनुरूप अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पा रही है। उनका दावा है कि प्राधिकरण के अधिकारी शासन स्तर पर कई बार अतिरिक्त स्टाफ की मांग कर चुके हैं, लेकिन जरूरत के मुताबिक तैनाती नहीं होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसका असर किसानों की समस्याओं के समाधान, आम लोगों के काम और विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने पर पड़ रहा है। उनका मानना है कि समय से शिकायतों का निस्तारण नहीं होने के कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की कमी के कारण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं लेनी पड़ रही हैं। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवा अवधि बढ़ाने की मंजूरी में देरी से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब प्राधिकरण में काम का बोझ अधिक है, तब पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करना जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों और सेवा विस्तार से जुड़े मामलों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है। Greater Noida News
कर्मवीर नागर का कहना है कि प्राधिकरण में पर्याप्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से किसानों के भूमि संबंधी मामलों और अन्य शिकायतों के निस्तारण में देरी हो रही है। उनके अनुसार, इस स्थिति से क्षेत्र की विकास योजनाओं की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समस्याओं के समाधान में देरी के कारण कुछ लोगों को बिचौलियों के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हालांकि, इस संबंध में किसी ठोस उदाहरण या स्वतंत्र रूप से सत्यापित साक्ष्य का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों, तैनाती तथा पदोन्नति की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में निर्धारित नियमों और मानदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे पात्र अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग के अभिलेखों और शासन का पक्ष सामने आना जरूरी है। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने मुख्यमंत्री से ग्रेटर नोएडा सहित प्रदेश के अन्य औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में स्टाफ की कमी दूर करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समय पर कर्मचारियों की तैनाती, किसानों की समस्याओं का समाधान और विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, औद्योगिक प्राधिकरण प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण से किसानों तथा आम नागरिकों का भरोसा मजबूत किया जा सकता है। Greater Noida News
विज्ञापन