ग्रेटर नोएडा में छोटे और मध्यम उद्यमों को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जाने वाला है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब अपने क्षेत्र में फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना शुरू करने की तैयारी में है। इस बहुप्रतीक्षित योजना को जल्द ही बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में छोटे और मध्यम उद्यमों को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जाने वाला है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब अपने क्षेत्र में फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना शुरू करने की तैयारी में है। इस बहुप्रतीक्षित योजना को जल्द ही बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। माना जा रहा है कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक ढांचे को नई रफ्तार मिलेगी और खासतौर पर लघु उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। ग्रेटर नोएडा में लंबे समय से इस तरह की औद्योगिक सुविधा की मांग उठती रही है। अभी तक नोएडा, यमुना प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रों में फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन ग्रेटर नोएडा में इसकी कमी महसूस की जा रही थी। अब प्राधिकरण इस कमी को दूर करने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 13 और 14 अप्रैल को होने वाली बोर्ड बैठक में फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना का प्रस्ताव पेश किए जाने की तैयारी है। इस बैठक को ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक विकास के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। उम्मीद है कि बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद इस योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। ग्रेटर नोएडा में यह परियोजना केवल एक निर्माण योजना नहीं होगी, बल्कि इसे छोटे उद्योगों के लिए राहत और औद्योगिक विस्तार के नए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। खासकर उन उद्यमियों के लिए, जो लंबे समय से कम लागत में बेहतर औद्योगिक स्पेस की मांग कर रहे थे।
ग्रेटर नोएडा में लघु उद्योग संगठनों ने लंबे समय से यह मुद्दा उठाया था कि नई औद्योगिक इकाइयों के लिए पर्याप्त और सुलभ जगह उपलब्ध नहीं है। जो भूखंड उपलब्ध हैं, वे अधिकतर बड़े निवेशकों और बड़ी फैक्ट्रियों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। ऐसे में छोटे और मध्यम उद्यमियों को ग्रेटर नोएडा में अपनी इकाई स्थापित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। मौजूदा समय में ग्रेटर नोएडा में भूखंडों का आवंटन ई-ऑक्शन के जरिए किया जाता है। इस व्यवस्था में बड़ी कंपनियां और अधिक पूंजी वाले निवेशक ऊंची बोली लगाकर छोटे प्लॉट भी अपने नाम कर लेते हैं। इसी वजह से छोटे उद्यमियों के लिए औद्योगिक जमीन हासिल करना मुश्किल हो जाता है। लगातार मिल रही शिकायतों और मांगों को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल को लागू करने की तैयारी कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा में फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना को ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक एक्सटेंशन क्षेत्र में विकसित किए जाने की तैयारी है। प्राधिकरण का फोकस इस प्रोजेक्ट को ऐसे औद्योगिक समाधान के रूप में तैयार करना है, जहां कम जगह में अधिक इकाइयों को स्थापित किया जा सके। ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित इस परियोजना के तहत करीब 40 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाएगा। योजना के मुताबिक यहां लगभग एक हजार फ्लैटेड फैक्ट्री यूनिट विकसित की जाएंगी। इन इकाइयों के जरिए दो हजार से अधिक औद्योगिक यूनिट्स के संचालन की संभावना जताई जा रही है। इससे ग्रेटर नोएडा में रोजगार और निवेश दोनों को नई ताकत मिल सकती है।
फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा में तीन से चार मंजिला औद्योगिक ढांचा तैयार किया जाएगा। इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सीमित जमीन पर अधिक से अधिक इकाइयों को जगह दी जा सकेगी। यही वजह है कि बड़े शहरों और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह का मॉडल अब ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है। ग्रेटर नोएडा के लिए भी यह परियोजना काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि यहां लगातार औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन छोटे निवेशकों के लिए किफायती और व्यवस्थित स्पेस की जरूरत महसूस की जा रही थी। फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल इस जरूरत को काफी हद तक पूरा कर सकता है। Greater Noida News