
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Greater Noida Authority) में तैनात रहे युवा इंजीनियर मोहित भाटी के हत्यारे की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। आजीवन कारावास की सजा काट रहा मोहित का हत्यारा भारतीय जनता पार्टी के विधायक का भांजा है। हाईकोर्ट से जमानत रद्द होने की सूचना पर क्षेत्रवासी खुश है। उनका मत है कि हत्यारों को जेल में ही रखा जाना चाहिए।
आपको बताना जरुरी है ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के होनहार इंजीनियर मोहित भाटी की पांच साल पहले 27 नवंबर 2018 को हत्या कर दी गई थी। घटना के समय मोहित प्राधिकरण कार्यालय में अपनी ड्यूटी पूरी करके दादरी के पास स्थित अपने गांव लुहारली वापस जा रहा था। रास्ते में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में नामजद कराए गए पुनीत नामक युवक को 29 अगस्त 2022 को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पुनीत की जमानत कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बैंच में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने उसकी याचिका का को खारिज कर दिया। याचिका खारिज करते हुए अदालत ने साफ साफ कहा कि पुनीत खतरनाक अपराधी है। उसे समाज के बीच में खुला नहीं छोड़ा जा सकता।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जिस होनहार इंजीनियर मोहित भाटी की हत्या की गई थी उसके परिवार में अब तक 3 हत्याएं हो चुकी है। आपको बता दें कि मोहित भाटी लुहारली गांव के रहने वाले महेश भाटी का पुत्र था। महेश भाटी समाजवादी पार्टी के नेता हैं। मोहित भाटी की हत्या के केस में महेश भाटी के भाई उमेश भाटी गवाह थे। अदालत में गवाही से पहले ही उमेश की भी हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं महेश के दूसरे भाई की भी हत्या की जा चुकी है। महेश भाटी के परिजन अपने घर में तीन तीन सदस्यों की हत्या का दर्द झेल रहे हैं।
इंजीनियर मोहित भाटी की हत्या में सजा काट रहे पुनीत भाजपा विधायक का भांजा है। इस कारण इस हत्याकांड को राजनीतिक कारणों से जोड़कर भी देखा जाता रहा है। ग्रेटर नोएडा (दादरी) क्षेत्र के नागरिकों ने जमानत रद्द हो जाने पर संतोष व्यक्त किया है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि जिसने इतने होनहार इंजीनियर मोहित भाटी की हत्या की थी उसे जेल में ही होना चाहिए। कुछ नागरिकों ने कहा कि हत्यारे को आजीवन कारावास नहीं बल्कि फांसी की सजा दी जानी चाहिए। Greater Noida