
Greater Noida : अन्नदाता यानि किसानों (Farmers) से जुड़ी हुई एक बड़ी खबर आ रही है। खबर यह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय किसानों के तीन दर्जन संगठन एक झंडे के नीचे आ गए हैं। सभी किसान संगठनों ने एक सुर में घोषणा की है कि किसानों के मुददे उठाने के लिए गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को किसान महापंचायत करेंगे।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में किसान संगठनों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में पश्चिमी उप्र के सभी प्रमुख किसान संगठनों के नेता शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि संयुक्त किसान मोर्चा बनाकर किसानों के सारे मुददे एक ही स्तर से उठाए जाएंगे। इसी मकसद से 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान महा पंचायत बुलाई गई है।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय किसान नेता सुनील फौजी ने चेतना मंच को बताया कि पूर्व में दो दौर की मीटिंगों के बाद ग्रेटर नोएडा के अखिल भारतीय गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान के सभागार में तीन दर्जन से अधिक संगठनों ने दिल्ली में हुए संयुक्त किसान मोर्चा की तर्ज पर संयुक्त किसान आंदोलन के बैनर तले जमीन पर किसानों के अधिकारों को तय कराने का निर्णय लिया। मीटिंग की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने की। उपस्थित संगठनों ने दिल्ली एनसीआर एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग अलग स्थानों पर चल रहे धरना प्रदर्शनों को पूरा समर्थन देने की घोषणा की। साथ ही 2 अक्टूबर 2023 को जमीन पर किसानों के सभी अधिकारों के लिए विशाल किसान महापंचायत करने का निर्णय भी लिया है। 2 अक्टूबर से पहले दिल्ली एनसीआर एवं वेस्ट यूपी के जनपदों में अलग अलग स्थानों पर चल रहे धरना प्रदर्शनों को समर्थन देने का भी निर्णय लिया गया।
संयुक्त किसान आंदोलन की इस बैठक में जय जवान जय किसान मोर्चा, भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन चढूनी, भाकियू अजगर, भाकियू बलराज, भाकियू भानू, भाकियू अखण्ड, भाकियू अराजनीतिक, भाकियू अंबावता , बेरोजगार सभा, किसान एकता संघ, डासना किसान संघर्ष समिति, विकास संघर्ष समिति गाजियाबाद, हरियाणा किसान संघर्ष समिति, भूमि बचाओ आंदोलन, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे संघर्ष समिति, अंसल प्रतिरोध किसान मोर्चा, हाईटेक बिल्डर प्रतिरोध किसान मोर्चा, देहात मोर्चा, ग्रामीण विकास मंच, जय किसान आंदोलन, भाकियू कृषक शक्ति, भारतीय वीर दल, भाकियू भानू, राष्ट्रीय किसान संघ, भारतीय किसान सभा, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन सिस्टम सुधार संगठन, दिल्ली ग्रामीण समाज, भाकियू अखिल यादव, पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।