ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का बोडाकी गाँव एक ऐतिहासिक गाँव है। ग्रेटर नोएडा का यह ऐतिहासिक गाँव बोडाकी जल्दी ही पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए विकास के नए दरवाजे खोलेगा।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का बोडाकी गाँव एक ऐतिहासिक गाँव है। ग्रेटर नोएडा का यह ऐतिहासिक गाँव बोडाकी जल्दी ही पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए विकास के नए दरवाजे खोलेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बोडाकी गाँव के आसपास के गाँवों की 99 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की योजना पर काम शुरू कर दिया है। वह दिन ज्यादा दूर नहीं है जब ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का बोडाकी गाँव पूरे भारत में अपनी पहचान को नया मुकाम देगा।
भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बोडाकी गाँव को लेकर बड़ा फैसला किया है। बोडाकी में स्थापित हो रहे रेलवे के बड़े हब को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे टर्मिनल का विकल्प बनाने का फैसला हुआ है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जल्दी ही बोड़ाकी को आनंद विहार टर्मिनल के विकल्प के रूप में तैयार किया जाएगा। रेलवे मंत्रालय के प्रस्ताव पर अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अतिरिक्त जमीन की खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। पहले यहां 39 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जानी थी। इसमें अब 99 एकड़ की बढ़ोतरी की गई है जिससे करीब 13 यात्री प्लेटफॉर्म बनाए जा सकेंगे। नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने की वजह से भी यहां आने वाले वर्षों में यात्रियों का दबाव बढऩे की संभावना है। ऐसे में इस क्षेत्र को बस और मेट्रो सेवा से भी जोडऩे की तैयारी है। प्रस्तावित टर्मिनल के बनने से गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को दिल्ली या आनंद विहार नहीं जाना होगा। इससे नई दिल्ली और आनंद विहार में बढ़ती भीड़ का दबाव भी कम होगा। इसे नोएडा एयरपोर्ट, जेवर व यमुना सिटी से भी सीधे जोडऩे की योजना है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एन.जी. रवि कुमार हैं। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बोडाकी में स्थापित हो रहे रेलवे के बड़े नेटवर्क के विषय में उन्होंने बड़ी जानकारी दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि नए प्लॉन में यहां करीब 138 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। ऐसे में आसपास के सात गांवों में जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बोड़ाकी रिडेवपलमेंट की संशोधित योजना की वजह से यहां से प्रभावित लोगों को जमीन के बदले जमीन देने के लिए करीब 250 एकड़ जमीन की खरीद की जानी है। प्राधिकरण इसके लिए मुआवजे की नई दरें तय करेगा। जिसके आधार पर जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। परियोजना पर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में विकसित हो रहे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के फेज-2 के रूप में काम होना तय हुआ है। फेज-1 के लिए टेंडर प्रक्रिया चालू है। जल्दी ही यहां 358 एकड़ में करीब 1700 करोड़ रुपये का निवेश कर निजी कंपनी की मदद से काम शुरू होगा।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बोडाकी रेलवे टर्मिनल के लिए क्षेत्र के 8 गाँवों की जमीनका अधिग्रहण किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के आठ गांवों में रेल संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 20ए के अंतर्गत जमीन अधिगृहीत की जाएगी। चमरावली, बोड़ाकी, दादरी, तिलपता करनवास, पाली, पल्ला और चमरावली रामगढ़ गांव में इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस जमीन अधिग्रहण से एक हजार से अधिक किसान प्रभावित होंगे। ऐसे में उनको मुआवजा के साथ भूखंड का विकल्प चुनने का मौका होगा।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बोडाकी गाँव में केवल रेलवे का बड़ा टर्मिनल ही नहीं बनेगा। बोडाकी गाँव में जल्दी ही अंतर्राज्यीय बस अड्डा (ISBT) भी स्थापित किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO एन.जी. रवि कुमार ने बताया कि आनंद विहार की तरह ही यहां रेलवे स्टेशन के अलावा इंटरस्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) भी विकसित किया जाना है। मेट्रो सेवा भी यहां से मिलेगी। जो एक्वा मेट्रो के डिपो से बोड़ाकी तक विस्तार में मिलनी है। ऐसे में एक ही परिसर में रेल, मेट्रो और बस की सुविधा यात्रियों को मिल जाएगी। यहां अब 12 से 13 प्लेटफॉर्म और लगभग 63 यार्ड लाइनें बनाई जाएंगी। इससे 100 से अधिक ट्रेनें जिनमें वंदे भारत और सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल यहां रूकेंगी। Greater Noida News