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एनसीआर के प्रमुख शहरों में शामिल ग्रेटर नोएडा में अब बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6048 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है।

एनसीआर के प्रमुख शहरों में शामिल ग्रेटर नोएडा में अब बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6048 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। इस बजट के जरिए शहर के विकास को नई दिशा देने की योजना बनाई गई है। जहां एक तरफ कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है वहीं दूसरी तरफ आम लोगों को कुछ राहत भी दी गई है।
इस बैठक में सबसे बड़ा असर प्रॉपर्टी सेक्टर पर देखने को मिला है। अब ग्रेटर नोएडा में जमीन और संपत्ति खरीदना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। प्राधिकरण ने संपत्ति आवंटन दरों में 3.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है जो कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स के आधार पर तय की गई है। हालांकि, सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं को पुरानी दरों पर ही जमीन दी जाएगी ताकि उनके प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा असर न पड़े।
बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि पानी के बिल में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। साल 2026-27 में होने वाली 10 प्रतिशत बढ़ोतरी को रोक दिया गया है। इसके अलावा बकाया बिल जमा करने वालों को छूट देने की योजना भी लागू की गई है जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी।
इस बड़े बजट का सबसे ज्यादा हिस्सा शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर और गांवों के विकास पर खास ध्यान दिया गया है। इन सभी क्षेत्रों के लिए कुल 5294 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है जिससे शहर की बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो सकें।
बजट में जमीन अधिग्रहण के लिए 1150 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 2176 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा शहर में हरियाली और पर्यावरण सुधार के लिए 108 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। इन योजनाओं के जरिए ग्रेटर नोएडा को और बेहतर और सुविधाजनक बनाने की तैयारी की जा रही है।
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