अरविंद के मुताबिक उन्होंने कई बार परिजनों और रिश्तेदारों को साथ बैठाकर समझौते की कोशिश की, लेकिन ग्रेटर नोएडा में रहने वाला पंकज हर बार बहाने बनाकर उन्हें गुमराह करता रहा। स्थिति बिगड़ने पर अरविंद ने कानूनी रास्ता चुनते हुए न्यायालय की शरण ली।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में कंपनी शुरू कराने के नाम पर रिश्तेदार को 10 लाख रुपये देना डिफेंस कॉलोनी, मोदीनगर (गाजियाबाद) निवासी एक व्यक्ति के लिए मुसीबत बन गया। ग्रेटर नोएडा में रहने वाले इस रिश्तेदार ने न सिर्फ रकम लौटाने से इनकार कर दिया, बल्कि पैसे मांगने पर पीड़ित और उसकी बेटी के साथ मारपीट तक कर दी। न्यायालय के आदेश पर सूरजपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2022 में ग्रेटर नोएडा में कंपनी खोलने के लिए उन्होंने अपने दूर के रिश्तेदार पंकज को 10 लाख रुपये उधार दिए थे। पंकज ने उस समय भरोसा दिलाया था कि कंपनी खड़ी होने के बाद वह रकम लौटा देगा। लेकिन तय समय बीतने के बाद जब अरविंद ने पैसा वापस मांगा तो पंकज ने लगातार टालमटोल शुरू कर दी। अरविंद के मुताबिक उन्होंने कई बार परिजनों और रिश्तेदारों को साथ बैठाकर समझौते की कोशिश की, लेकिन ग्रेटर नोएडा में रहने वाला पंकज हर बार बहाने बनाकर उन्हें गुमराह करता रहा। स्थिति बिगड़ने पर अरविंद ने कानूनी रास्ता चुनते हुए न्यायालय की शरण ली।
अरविंद ने आरोप लगाया कि 24 जुलाई 2025 को वह अपनी बेटी साधना के साथ सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय, ग्रेटर नोएडा में अपने अधिवक्ता से मिलने गए थे। वकील से मुलाकात कर जैसे ही वे कोर्ट से बाहर निकले, वहीं ग्रेटर नोएडा का निवासी पंकज अपने दो अज्ञात साथियों के साथ पहुंच गया और तीनों ने उन्हें घेर लिया। शिकायत के अनुसार, पंकज और उसके साथियों ने पहले अशब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली–गलौज की, फिर सड़क पर ही अरविंद और उनकी बेटी के साथ मारपीट शुरू कर दी। हाथापाई के दौरान आरोपियों ने अरविंद को धक्का देकर गिरा दिया और लात–घूंसे बरसाए। झड़प के बीच आरोपियों ने साधना को जबरन गाड़ी में खींचने की कोशिश भी की और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। शोर–शराबा सुनकर आसपास मौजूद लोग और कोर्ट परिसर के बाहर खड़े अन्य लोग मौके पर जुट गए। भीड़ बढ़ती देख तीनों आरोपी ग्रेटर नोएडा की ओर फरार हो गए, जाते–जाते पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दे डाली।
अरविंद का कहना है कि पूरी घटना के बाद उन्होंने सूरजपुर थाने और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन ग्रेटर नोएडा पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद सूरजपुर थाना पुलिस को आरोपी पंकज और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में अब ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि ग्रेटर नोएडा से जुड़ी इस पूरी घटना में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Greater Noida News