
Greater Noida: शहर में कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन करेगा। इसके लिए इनको पालने वाले को शुल्क देना होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। रजिस्ट्रेशन के लिए एक ऐप बनाया जाएगा। ऐप बनाने के लिए कंपनी की तलाश की जा रही है।
बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रयास ग्रेटर नोएडा में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। आए दिन प्राधिकरण के पास भी शिकायतें पहुंचती हैं। अभी प्राधिकरण के पास डॉग पालिसी नहीं है। जबकि नोएडा में इस तरह की पॉलिसी बन चुकी है। अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन करेगा। इसकी नीति तैयार हो चुकी है। अब रजिस्ट्रेशन के लिए एक ऐप बनाया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने आरएफपी निकाल दिया है।
10 दिसंबर तक इच्छुक कंपनियां अपना कोटेशन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को दे सकते हैं। कंपनी का चयन होने के बाद ऐप बनाया जाएगा। ऐप बनते ही पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। पिछले महीने ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेजिडेंशिया सोसाइटी की लिफ्ट में एक बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसका संज्ञान लिया और कुत्ते के मालिक पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया।
ग्रेनो प्राधिकरण के ओएसडी रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कुत्ते के काटने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। नोएडा की तरह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी डॉग पालिसी बनाई जा रही है। इस पॉलिसी से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और कुत्तों पर संरक्षण भी हो सकेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. प्रेमचंद ने बताया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के साथ कुत्तों का संरक्षण भी जरूरी है। प्राधिकरण अब डॉग पालिसी की दिशा में आगे बढ़ रहा है।