
Greater Noida News (अमन भाटी) ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर पिछले 50 दिन से किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। धरने स्थल पर लगातार राजनेता किसानों को समर्थन देने के लिए पहुंच रहे हैं। मंगलवार को धरना स्थल पर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद किसानों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने प्राधिकरण को चुनौती दी है कि अगर 1 हफ्ते के अंदर किसानों को रिहा नहीं किया गया तो प्राधिकरण के गेट पर ताला जड़ दिया जाएगा। इस दौरान धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने किसानों के समर्थन में पहुंचे।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर पीड़ित किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर पिछले 50 दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन धरना जारी है। किसान तेज गर्मी के चलते धरने पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को धरना स्थल पर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह किसानों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने प्राधिकरण को सीधी चुनौती देते हुए जेल में बंद किसानों की रिहाई की मांग की है। वहीं किसानों के समर्थन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पहुंचने की भी चर्चा जोरों शोरों पर है।
किसानों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर प्राधिकरण द्वारा 1 हफ्ते के अंदर किसानों को रिहा नहीं किया गया तो सैकड़ों की संख्या में किसान मिलकर प्राधिकरण के गेट पर ताला लगा दिया जाएगा। ना तो किसी को अंदर से बाहर और बाहर से अंदर जाने दिया जाएगा। फिर चाहे उसके लिए जेल जाना पड़े तो सैकड़ों किसान जेल जाने के लिए तैयार हैं। अब प्राधिकरण का रवैया किसान सहन नहीं करेंगे। यह सरकार किसान विरोधी सरकार है। अगर किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो विपक्ष पार्टियां एकजुट होकर किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरेंगी।
समाजसेवी अमन टाइगर में बताया कि प्राधिकरण सीईओ बेहद कमजोर अधिकारी है। वह किसान विरोधी है और किसानों की समस्याओं का हल नहीं करना चाहती। जबकि 50 गांवों के हजारों किसान धरना दे रहे हैं। लोकतंत्र में इस तरह की संवेदनहीनता ना काबिले बर्दाश्त है। लोक सेवक को लोक सेवक की तरह व्यवहार करना चाहिए और किसानों की वाजिब समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए। किसानों ने पूरे 1 साल का मन बना कर आंदोलन की शुरुआत की है। यहां पर पक्का मोर्चा लगा दिया है। मोर्चा जब तक चलेगा जब तक कि किसानों की समस्याएं हल नहीं होता।
रजनी देवी ने कहा किसान विरोधी प्राधिकरण अधिकारियों को या तो किसानों की समस्याएं हल करनी होंगी या यहां से जाना पड़ेगा। यदि प्राधिकरण ने किसानों की समस्याएं हल नहीं की तो यह आंदोलन सत्ताधारी पार्टी को आने वाले चुनाव में भारी पड़ सकता है। 50 गांव के किसान आक्रोशित हैं और बिना समस्याओं को हल कराए बिना घर जाने वाले नहीं हैं। हम अपने पूर्वजों की जमीन पर कोई हमला नहीं होने देंगे। जब तक आबादियों की लीज बैक 10% आबादी प्लाट 40 वर्ग मीटर का भूमिहीनों का प्लाट रोजगार 17.5 पर्सेंट का किसान कोटा, 120 वर्ग मीटर का न्यूनतम प्लाट और अन्य मुद्दे हल नहीं हो जाते तब तक किसान प्राधिकरण को घेरने का काम करेंगे। Greater Noida