ग्रेटर नोएडा की डिजाइन आर्च ई-होम्स सोसायटी में बच्चे की मौत के मामले में हत्या की FIR क्यों दर्ज हुई ? पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किन चोटों का उल्लेख है ? पिता ने दोबारा पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच की मांग क्यों की है ? सूरजपुर पुलिस अब किन साक्ष्यों की जांच करेगी ?

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सूरजपुर थाने में पड़ने वाली डिजाइन आर्या ई होम्स सोसायटी में एक बच्चे की मौत का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। जिस मामले को लेकर शुरुआत में ग्रेटर नोएडा की पुलिस आत्महत्या का प्रचार कर रही थी उस मामले में मृतक बच्चे के पिता की शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो गया है। पिता का आरोप है कि उनके बच्चे की मौत को आत्महत्या बताकर मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों का उल्लेख है। पिता ने इन चोटों की निष्पक्ष जांच, दोबारा पोस्टमार्टम और मामले में प्रभावी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस प्रकरण ने न केवल बच्चे की मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण बना दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों और घटनाक्रम के बीच संबंध की जांच किस प्रकार की जाती है। हत्या के आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होगी। Greater Noida News
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मृतक बच्चे के पिता तपन कुमार ढाका ने पुलिस उपायुक्त, ग्रेटर नोएडा को संबोधित अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि उनके बच्चे की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण चोटों का उल्लेख है। उनका आरोप है कि इन चोटों की प्रकृति और गंभीरता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया और मामले को आत्महत्या के रूप में देखने का प्रयास किया गया। पिता ने अपने प्रार्थना पत्र में शरीर पर चोटों के विभिन्न निशानों का उल्लेख करते हुए उनकी परिस्थितियों की गहन जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों के संकेत मौजूद हैं तो यह तो हत्या हुई है ना। Greater Noida News
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पिता द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए शरीर पर चोटों के कई निशानों का उल्लेख किया गया है। शिकायत में प्रमुख रूप से निम्न बिंदु उठाए गए हैं:
• घुटनों पर चोटें: दोनों घुटनों पर चोटों और खरोंचों के निशान होने का उल्लेख किया गया है।
• छाती पर चोट के निशान: छाती पर खरोंच तथा चोटों के निशान होने की बात कही गई है।
• सिर पर चोट: शिकायत में सिर पर चोट के निशानों का उल्लेख करते हुए उनकी प्रकृति की जांच की मांग की गई है।
• रीढ़ और पसलियों में चोट: प्रार्थना पत्र में रीढ़ की हड्डी तथा पसलियों में गंभीर चोट और फ्रैक्चर होने का दावा किया गया है।
• पेट पर चोट: पेट पर किसी कठोर वस्तु से चोट लगने की आशंका जताते हुए इस पहलू की जांच की मांग की गई है।
• गर्दन पर निशान: गर्दन पर निशानों का उल्लेख करते हुए उनकी परिस्थितियों और प्रकृति की चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की गई है।
ये विवरण पिता की शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर आधारित हैं। चोटों की वास्तविक प्रकृति, उनका कारण, मृत्यु से उनका संबंध और क्या वे किसी आपराधिक कृत्य का परिणाम थीं, इसका निर्धारण मूल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय विशेषज्ञों की राय तथा पुलिस जांच के आधार पर किया जाना आवश्यक है। Greater Noida News
तपन कुमार ढाका के अनुसार, उन्होंने इस मामले में 25 अक्टूबर 2026 को भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को उन्होंने पुलिस उपायुक्त, ग्रेटर नोएडा को संबोधित एक विस्तृत शिकायत दी, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों, मौत की परिस्थितियों और जांच की दिशा पर सवाल उठाए गए। शिकायत में उन्होंने मामले को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। पिता की मांग है कि मौत के संबंध में उपलब्ध सभी चिकित्सकीय और अन्य साक्ष्यों की गंभीरता से समीक्षा की जाए तथा यदि प्रारंभिक जांच में कोई महत्वपूर्ण पहलू छूट गया है, तो उसे भी जांच के दायरे में लाया जाए। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुनः जांच और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग भी उठाई है, ताकि चोटों की प्रकृति और मौत के कारण को लेकर किसी तरह का संदेह शेष न रहे। Greater Noida News
बच्चे के पिता की शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा में स्थापित सूरजपुर थाने की पुलिस ने हत्या की FIR दर्ज कर ली है। इस मामले में दर्ज एफआईआर से स्पष्ट है कि अब पुलिस को हत्या के आरोपों की जांच करनी होगी। शिकायतकर्ता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों और अन्य परिस्थितियों का हवाला देते हुए बच्चे की मौत को सामान्य आत्महत्या मानने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। FIR के अनुसार, थाना सूरजपुर में 27 अक्टूबर 2026 को शाम 5:27 बजे मुकदमा दर्ज किया गया। FIR संख्या 0606 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता तरुण कुमार ढाका हैं। मामले की विवेचना निरीक्षक नासिर हुसैन को सौंपी गई है। Greater Noida News
एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, घटना 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से 8:15 बजे के बीच की बताई गई है। घटनास्थल डिजाइन आर्च ई-होम्स, औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर का बताया गया है। शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में बच्चे की मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में दावा किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से संबंधित कई महत्वपूर्ण चोटों का पूरा विवरण सामने नहीं आया है। तहरीर के अनुसार, शरीर की दोनों जांघों पर चोट और गहरे प्रहार के निशान, छाती पर नाखूनों के निशान, गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर तथा रीढ़ की हड्डी और स्पाइनल कॉर्ड से संबंधित गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने टखने पर किसी वस्तु से काटने जैसे निशान और गर्दन पर नीले निशान तथा रस्सी के कसने जैसे चिह्न होने का भी दावा किया है। उनका कहना है कि इन परिस्थितियों की समुचित जांच आवश्यक है। तहरीर में उपलब्ध वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बच्चे को ऊंचाई से नीचे फेंके जाने की आशंका की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने मामले में साक्ष्यों की गहन पड़ताल और वीडियो फुटेज की सही तरीके से जांच कराने की मांग की है। Greater Noida News
इस मामले में 27 अक्टूबर को हत्या से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज होने के बाद विवेचना शुरू हो गई है। अब जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय साक्ष्य, घटनास्थल की परिस्थितियों, वीडियो फुटेज और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा। बच्चे की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, शिकायतकर्ता द्वारा उठाए गए सवालों में कितनी सच्चाई है और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है—इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। इस मामले में दर्ज FIR का विवरण इस प्रकार है कि थाना सूरजपुर, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर; मुकदमा संख्या 0606; दिनांक 27 अक्टूबर 2026; भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238। Greater Noida News
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