ग्रेटर नोएडा जिला न्यायालय ने 2009 के एक पुराने मुकदमे में अमित कसाना को दोषी ठहराते हुए सात साल तक की सजा सुनाई। जानिए किस मामले में हुई कार्रवाई, किन धाराओं में मिला दंड और कैसे हुई पुलिस की पैरवी।

ग्रेटर नोएडा में 2009 के मुकदमे में अदालत का फैसला, हत्या के प्रयास और पुलिसकर्मियों पर हमले समेत कई धाराओं में सुनाई गई सजा
Greater Noida News : गौतमबुद्धनगर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद एक पुराने आपराधिक मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। ग्रेटर नोएडा स्थित जिला न्यायालय ने थाना दादरी में वर्ष 2009 में दर्ज मुकदमे में अभियुक्त अमित कसाना को दोषी ठहराते हुए अधिकतम सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला 14 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल, थाना दादरी पुलिस और अभियोजन इकाई ने मामले की पैरवी की।
पुलिस के अनुसार, थाना दादरी में मुकदमा अपराध संख्या 498/2009 दर्ज किया गया था। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अभियुक्त अमित कसाना पुत्र सतवीर को दोषी पाया गया। पुलिस की विज्ञप्ति में अभियुक्त का मूल पता रिस्तल, थाना लोनी, गाजियाबाद और वर्तमान पता रिठौरी, थाना दादरी, गौतमबुद्धनगर बताया गया है।
पुलिस ने विज्ञप्ति में अभियुक्त को शासन द्वारा घोषित अपराधी भी बताया है। Greater Noida News
अदालत ने अभियुक्त को अलग-अलग धाराओं में दोषी ठहराते हुए निम्नलिखित सजा और जुर्माना निर्धारित किया है:
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को तीन माह और 20 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। Greater Noida News
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, पुराने आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इस मामले की लगातार पैरवी की गई। इसमें मॉनिटरिंग सेल, थाना दादरी पुलिस और अभियोजन इकाई की भूमिका रही। इस फैसले के साथ पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और न्यायालयों में प्रभावी पैरवी आगे भी जारी रहेगी। Greater Noida News
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