
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के जेवर क़स्बे के पास स्थित गांव भवोकरा में पैदा हुए भारत के लाल को अंतिम विदाई देने के लिए ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हज़ारों नम आँखों ने देश के जवान को अंतिम विदाई दी।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र ज़ेवर क़स्बे के पास स्थित गाँव भवोकरा का लाल पाकिस्तान के बोर्डर पर जैसलमेर राजस्थान में तैनात था, जहां डेंगू की चपेट में आने से उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। चिकित्सकों की टीम ने जवान रिंकू चौधरी को बचाने का हरसंभव प्रयास किया मगर मंगलवार को उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड दिया था।
गांव भवोकरा निवासी ऋषि चौधरी के दुसरे नम्बर के पुत्र रिंकू चौधरी राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान बोर्डर पर तैनात थे । जहां करीब बीस दिन पूर्व ड्यूटी के दौरान डेंगू की चपेट में आ गये थे हालत बिगड़ने पर उनको सेना के अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती कराया, मगर उनकी हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही थी जिसको लेकर उनकी पत्नि कमलेश देवी भी बेहद परेशान हो रही थी। मंगलवार को रिंकू चौधरी की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, मगर रिंकू चौधरी को नही बचा सके और उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही पत्नि कमलेश देवी अस्पताल में दहाड़ मारकर रोने लगी और घटना की जानकारी अपनी सुसराल भवोकरा व मायका जिला अलीगढ़ के गांव रसूलपुर में दी, जहां परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
गुरुवार को सेना के जवान रिंकू चौधरी का शव भारत की आन बान शान के प्रतीक तिरंगे झन्डे में लिपटकर सरकारी वाहन से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के गांव भवोकरा पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शव के साथ कमलेश देवी अपने पति के साथ अंतिम समय तक मौजूद रही। जवान का शव गाँव में पहुंचते ही हजारों की तादात में लोग भारत माता की जयकारों के साथ रिंकू चौधरी अमर रहे के नारे लगा रहे थे।
परिजन व गांव के लोगों द्वारा सेना के जवान रिंकू चौधरी के अंतिम दर्शन करने के बाद शवयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जहां सेना के जवानों ने सलामी देकर व पुष्पगुच्छ चढ़ाकर व मातमी धुन बजाकर अंतिम विदाई दी। रिंकू चौधरी के शव को मुखाग्नि उनके बड़े भाई उत्तम चौधरी ने दी। बता दे की रिंकू चौधरी का छोटा भाई योगेश चौधरी भी आर्मी में गुवाहाटी में तैनात है। Greater Noida