ठग ने खुद को अधिक विश्वसनीय दिखाने के लिए ग्रेटर नोएडा स्थित उनके पते और पुराने बैंक डिटेल तक सही–सही बताई। इसके बाद उसने आदित्य को एक ई–मेल भेजे जाने की बात कही और कहा कि उस ई–मेल में दिए गए लिंक के जरिए दोबारा क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर दें, कार्ड तुरंत जारी हो जाएगा।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में रह रहे एक युवक के लिए ऑनलाइन शिकायत करना भारी पड़ गया। कथित रूप से बैंक कर्मचारी बनकर आए एक फोन कॉल और ई–मेल पर भेजे गए लिंक ने देखते ही देखते उसके खाते से 1,93,857 रुपये साफ कर दिए। मामला ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी–2 में रहने वाले आदित्य महेश्वरी ने 19 नवंबर को बैंक द्वारा क्रेडिट कार्ड जारी न करने को लेकर ट्विटर पर शिकायत दर्ज की थी। इसी शिकायत के आधार पर साइबर ठगों ने उन्हें निशाना बनाया। 29 नवंबर को आदित्य के मोबाइल पर एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को एचएसबीसी बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि बैंक की गलती के कारण उनका क्रेडिट कार्ड इश्यू नहीं हो पाया, जिसे वह “तुरंत दुरुस्त” करवा सकता है। ठग ने खुद को अधिक विश्वसनीय दिखाने के लिए ग्रेटर नोएडा स्थित उनके पते और पुराने बैंक डिटेल तक सही–सही बताई। इसके बाद उसने आदित्य को एक ई–मेल भेजे जाने की बात कही और कहा कि उस ई–मेल में दिए गए लिंक के जरिए दोबारा क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर दें, कार्ड तुरंत जारी हो जाएगा।
पीड़ित आदित्य महेश्वरी के अनुसार, जैसे ही उन्होंने ई–मेल में आए लिंक पर क्लिक किया, उनके मोबाइल फोन का नियंत्रण ठग के हाथ में चला गया। थोड़ी ही देर में उनके HSBC बैंक के क्रेडिट कार्ड से 97,528 रुपये और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक से 96,329 रुपये की अवैध ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हो गई। आदित्य ने बताया कि कॉल काटने के कुछ मिनट बाद ही उनके मोबाइल पर लगातार मैसेज आने लगे, जिनमें खाते से पैसे कटने की जानकारी थी। यह देखकर ग्रेटर नोएडा निवासी आदित्य को समझ आ गया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत बिसरख थाने पहुंचकर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ तहरीर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगी, आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। ग्रेटर नोएडा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है। ठग द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल नंबर, ई–मेल आईडी, लिंक और ट्रांजैक्शन ट्रेल को खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ग्रेटर नोएडा से जुड़े किसी नेटवर्क से यह अपराध हुआ या बाहर बैठे किसी गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया। Greater Noida News