ग्रेटर नोएडा में पानी बिल बकाएदारों पर चलेगा डंडा, कटेंगे कनेक्शन

ग्रेटर नोएडा में पानी का बिल नहीं जमा करने वाले बकाएदारों के लिए अब अंतिम चेतावनी जैसी स्थिति बन गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ संकेत दिए हैं कि जल शुल्क का बकाया मौजूदा दरों पर जमा करने का मौका सिर्फ 31 मार्च तक ही है।

ग्रेटर नोएडा में कटेंगे पानी कनेक्शन
ग्रेटर नोएडा में कटेंगे पानी कनेक्शन
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Mar 2026 01:40 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में पानी का बिल नहीं जमा करने वाले बकाएदारों के लिए अब अंतिम चेतावनी जैसी स्थिति बन गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ संकेत दिए हैं कि जल शुल्क का बकाया मौजूदा दरों पर जमा करने का मौका सिर्फ 31 मार्च तक ही है। इसके बाद 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का ब्याज जुड़ने लगेगा, जिससे बकाएदारों पर भुगतान का बोझ और बढ़ जाएगा। इतना ही नहीं, तय समय सीमा तक रकम जमा नहीं होने पर ग्रेटर नोएडा में पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।

ग्रेटर नोएडा में 29 हजार से ज्यादा जल कनेक्शनों पर भारी बकाया

आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में पानी के कुल 51 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। इनमें से 29 हजार से ज्यादा कनेक्शनों पर जल शुल्क बकाया चल रहा है। इन बकायों की कुल रकम करीब 270 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। सबसे ज्यादा बकाया ग्रेटर नोएडा की बिल्डर सोसाइटियों पर है। बताया गया है कि अकेले 92 बिल्डर प्रोजेक्ट और सोसाइटियों पर ही लगभग 150 करोड़ रुपये जल शुल्क लंबित है। इसके अलावा बड़ी संख्या में आवासीय संपत्तियां, संस्थागत भूखंड, औद्योगिक इकाइयां, आवासीय समितियां और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी भी बकाए की सूची में शामिल हैं।

प्राधिकरण ने दी अंतिम चेतावनी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बकाएदारों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बकाया जमा नहीं किया। अब तक प्राधिकरण ने यह सोचकर कनेक्शन काटने से परहेज किया कि कहीं ग्रेटर नोएडा के निवासियों को अनावश्यक परेशानी न हो। हालांकि लगातार बढ़ते बकाये को देखते हुए अब जल विभाग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जो आवंटी 31 मार्च तक अपना बकाया साफ नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अप्रैल से कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई की जा सकती है।

KYC अपडेट वालों को भेजी गई सूचना

ग्रेटर नोएडा के आवंटियों की सुविधा के लिए जल शुल्क का बकाया देखने और भुगतान करने की व्यवस्था ऑनलाइन उपलब्ध है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर उपभोक्ता अपना बकाया बिल प्राप्त कर सकते हैं और जमा भी कर सकते हैं। जिन उपभोक्ताओं की KYC अपडेट है, उन्हें जल शुल्क की जानकारी SMS और ईमेल के जरिए भी भेजी गई है। वहीं, भुगतान या बकाया से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है।

जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने में खर्च होगी वसूली गई राशि

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि शहर में बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित करना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है, लेकिन पानी का बिल समय से जमा करना आवंटियों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बकाया राशि की वसूली से मिलने वाला धन ग्रेटर नोएडा के जलापूर्ति नेटवर्क को और मजबूत व आधुनिक बनाने में लगाया जाएगा। उन्होंने सभी बकाएदारों से अपील की कि वे 31 मार्च से पहले अपना बकाया जमा कर दें, ताकि बाद में किसी सख्त कार्रवाई और उससे होने वाली असुविधा से बचा जा सके। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो पर संसद में मुखर हुए सांसद सुरेंद्र नागर

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। तेजी से फैलते इस शहरी इलाके में मेट्रो परियोजना की रफ्तार फिर थमती दिख रही है। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने शुक्रवार को सदन में यह मामला उठाते हुए केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है।

सांसद सुरेंद्र नागर
सांसद सुरेंद्र नागर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Mar 2026 12:04 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। तेजी से फैलते इस शहरी इलाके में मेट्रो परियोजना की रफ्तार फिर थमती दिख रही है। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने शुक्रवार को सदन में यह मामला उठाते हुए केंद्र सरकार से बड़ी मांग की हैराज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने शुक्रवार को सदन में यह मामला उठाते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट को जल्द अंतिम मंजूरी दी जाए, ताकि टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ सके और निर्माण कार्य शुरू हो। सांसद ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं और रोजाना नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली समेत दूसरे इलाकों के लिए आवाजाही करते हैं। लेकिन इतनी बड़ी आबादी के बावजूद इस क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की मजबूत व्यवस्था अब तक नहीं बन पाई है। इसका सीधा असर यहां रहने वाले लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी से बढ़ा जाम

उन्होंने सदन में यह भी कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पर्याप्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या लगातार गहराती जा रही है। निजी वाहनों पर बढ़ती निर्भरता ने हालात और कठिन बना दिए हैं। ऐसे में इस पूरे क्षेत्र के लिए मेट्रो अब सुविधा से ज्यादा जरूरत बन चुकी है। जानकारी के मुताबिक, जिन तीन मेट्रो परियोजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाने की तैयारी की गई थी, उनमें सेक्टर-142 से बोटैनिकल गार्डन, डिपो से बोडाकी और सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट रूट शामिल हैं। हालांकि इनमें से ग्रेटर नोएडा वेस्ट वाले रूट का टेंडर अब तक जारी नहीं हो पाया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि परियोजना को अभी केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है।

पुरानी है ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो नेटवर्क की मांग

दरअसल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की मांग काफी पुरानी है। वर्ष 2009 में जब दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन नोएडा सिटी सेंटर तक पहुंची थी, तभी यह उम्मीद बनी थी कि आगे चलकर मेट्रो का विस्तार इस इलाके तक भी होगा। इसके बाद सेक्टर-71 के रास्ते ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने की चर्चाएं भी सामने आईं। बाद में नोएडा मेट्रो विस्तार की योजनाओं में भी इस क्षेत्र का नाम आया, लेकिन बदलती प्राथमिकताओं और रूट प्लानिंग के कारण ग्रेटर नोएडा वेस्ट बार-बार पीछे छूटता गया। इसी बीच ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़े पैमाने पर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित हुए, हजारों परिवार यहां आकर बसे और यह इलाका तेजी से एक बड़े रिहायशी हब में बदल गया। लेकिन जिस मेट्रो कनेक्टिविटी के भरोसे यहां विकास की तस्वीर दिखाई गई थी, वह अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी। यही कारण है कि यहां के निवासियों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो को मंजूरी का इंतजार

नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) की एक्वा लाइन के विस्तार से जुड़ी तीन अहम परियोजनाओं पर एक साथ काम शुरू कराने की तैयारी की गई थी। इनमें ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी रेलवे स्टेशन (2.6 किलोमीटर),सेक्टर-142 से बोटैनिकल गार्डन (11.56 किलोमीटर) और सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (7.5 किलोमीटर) तक विस्तार शामिल है। प्राधिकरण स्तर पर अप्रैल में इन परियोजनाओं के शिलान्यास की रूपरेखा भी बनाई गई थी। इनमें से दो रूटों को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से अनुमति मिल चुकी है, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर अब भी मंजूरी का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट की डिटेल ड्राइंग और डिजाइन तैयार की जाएगी। इसके बाद टेंडर जारी होगा और निर्माण का रास्ता साफ हो सकेगा। फिलहाल, मंजूरी की यह देरी पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो संचालन बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, इस रूट पर मेट्रो शुरू होने से यातायात का दबाव कम होगा, लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिलेगा और पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र के शहरी विकास को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो समेत बाकी लंबित रूटों को भी जल्द मंजूरी दी जाएगी। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा में कल रहेगा रूट डायवर्जन, निकलने से पहले जान लें अपडेट

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रविवार को आयोजित होने वाली साइक्लोथॉन को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। कार्यक्रम के चलते ग्रेटर नोएडा के कई अहम मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट रूट डायवर्जन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट रूट डायवर्जन
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Mar 2026 11:02 AM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रविवार को आयोजित होने वाली साइक्लोथॉन को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। कार्यक्रम के चलते ग्रेटर नोएडा के कई अहम मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। कुछ हिस्सों में यातायात पूरी तरह बंद रहेगा, जबकि कई रास्तों पर डायवर्जन लागू किया गया है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी जरूर कर लें। जानकारी के मुताबिक, साइक्लोथॉन की शुरुआत ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक मूर्ति गोलचक्कर से होगी। यहां से प्रतिभागी राजेश पायलट चौक होते हुए D-Park के पास निर्धारित यू-टर्न प्वाइंट तक जाएंगे और फिर उसी मार्ग से वापस एक मूर्ति गोलचक्कर लौटेंगे। इस आयोजन को देखते हुए पूरे रूट पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।

सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा असर

ट्रैफिक विभाग के अनुसार ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रविवार सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रूट डायवर्जन प्रभावी रहेगा। इस अवधि में एक मूर्ति गोलचक्कर से D-Park चौकी तक मुख्य मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा गढ़ी चौक से तिलपता गोलचक्कर और तिलपता गोलचक्कर से गौर सिटी चौक के बीच भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

भारी वाहनों के लिए अलग व्यवस्था

ग्रेटर नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं। NH-24 से 130 मीटर रोड की ओर आने वाले ऐसे वाहनों को छिजारसी, मॉडल टाउन गोलचक्कर, सेक्टर-62, सेक्टर-60 अंडरपास और आगे एलिवेटेड रोड के रास्ते जाने की सलाह दी गई है। वहीं पर्थला से गौर चौक होकर शाहबेरी और गाजियाबाद की ओर बढ़ने वाले वाहन किसान चौक, तिगरी गोलचक्कर और ताज हाईवे का इस्तेमाल कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। साइक्लोथॉन के दौरान राहत की बात यह है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक मूर्ति गोलचक्कर से D-Park चौकी के बीच बाइक, स्कूटर, ऑटो, ई-रिक्शा और कार जैसे छोटे वाहन सर्विस रोड का उपयोग कर सकेंगे। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लोगों को भीड़ और असुविधा से बचने के लिए समय से पहले यात्रा की योजना बना लेनी चाहिए।

15 मार्च को भी रहेगा ट्रैफिक प्रबंधन

अधिकारियों के मुताबिक 15 मार्च को भी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में साइक्लोथॉन का आयोजन इसी रूट पर किया जाएगा। कार्यक्रम एक मूर्ति गोलचक्कर से शुरू होकर D-Park यू-टर्न तक जाएगा। ऐसे में उस दिन भी आवश्यकता के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि आयोजन के दौरान धैर्य बनाए रखें और जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, ताकि ग्रेटर नोएडा में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। Greater Noida News

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