ग्रेटर नोएडा में पानी बिल बकाएदारों पर चलेगा डंडा, कटेंगे कनेक्शन
ग्रेटर नोएडा में पानी का बिल नहीं जमा करने वाले बकाएदारों के लिए अब अंतिम चेतावनी जैसी स्थिति बन गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ संकेत दिए हैं कि जल शुल्क का बकाया मौजूदा दरों पर जमा करने का मौका सिर्फ 31 मार्च तक ही है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में पानी का बिल नहीं जमा करने वाले बकाएदारों के लिए अब अंतिम चेतावनी जैसी स्थिति बन गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ संकेत दिए हैं कि जल शुल्क का बकाया मौजूदा दरों पर जमा करने का मौका सिर्फ 31 मार्च तक ही है। इसके बाद 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का ब्याज जुड़ने लगेगा, जिससे बकाएदारों पर भुगतान का बोझ और बढ़ जाएगा। इतना ही नहीं, तय समय सीमा तक रकम जमा नहीं होने पर ग्रेटर नोएडा में पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।
ग्रेटर नोएडा में 29 हजार से ज्यादा जल कनेक्शनों पर भारी बकाया
आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में पानी के कुल 51 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। इनमें से 29 हजार से ज्यादा कनेक्शनों पर जल शुल्क बकाया चल रहा है। इन बकायों की कुल रकम करीब 270 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। सबसे ज्यादा बकाया ग्रेटर नोएडा की बिल्डर सोसाइटियों पर है। बताया गया है कि अकेले 92 बिल्डर प्रोजेक्ट और सोसाइटियों पर ही लगभग 150 करोड़ रुपये जल शुल्क लंबित है। इसके अलावा बड़ी संख्या में आवासीय संपत्तियां, संस्थागत भूखंड, औद्योगिक इकाइयां, आवासीय समितियां और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी भी बकाए की सूची में शामिल हैं।
प्राधिकरण ने दी अंतिम चेतावनी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बकाएदारों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बकाया जमा नहीं किया। अब तक प्राधिकरण ने यह सोचकर कनेक्शन काटने से परहेज किया कि कहीं ग्रेटर नोएडा के निवासियों को अनावश्यक परेशानी न हो। हालांकि लगातार बढ़ते बकाये को देखते हुए अब जल विभाग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जो आवंटी 31 मार्च तक अपना बकाया साफ नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अप्रैल से कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई की जा सकती है।
KYC अपडेट वालों को भेजी गई सूचना
ग्रेटर नोएडा के आवंटियों की सुविधा के लिए जल शुल्क का बकाया देखने और भुगतान करने की व्यवस्था ऑनलाइन उपलब्ध है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर उपभोक्ता अपना बकाया बिल प्राप्त कर सकते हैं और जमा भी कर सकते हैं। जिन उपभोक्ताओं की KYC अपडेट है, उन्हें जल शुल्क की जानकारी SMS और ईमेल के जरिए भी भेजी गई है। वहीं, भुगतान या बकाया से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है।
जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने में खर्च होगी वसूली गई राशि
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि शहर में बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित करना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है, लेकिन पानी का बिल समय से जमा करना आवंटियों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बकाया राशि की वसूली से मिलने वाला धन ग्रेटर नोएडा के जलापूर्ति नेटवर्क को और मजबूत व आधुनिक बनाने में लगाया जाएगा। उन्होंने सभी बकाएदारों से अपील की कि वे 31 मार्च से पहले अपना बकाया जमा कर दें, ताकि बाद में किसी सख्त कार्रवाई और उससे होने वाली असुविधा से बचा जा सके। Greater Noida News
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में पानी का बिल नहीं जमा करने वाले बकाएदारों के लिए अब अंतिम चेतावनी जैसी स्थिति बन गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ संकेत दिए हैं कि जल शुल्क का बकाया मौजूदा दरों पर जमा करने का मौका सिर्फ 31 मार्च तक ही है। इसके बाद 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का ब्याज जुड़ने लगेगा, जिससे बकाएदारों पर भुगतान का बोझ और बढ़ जाएगा। इतना ही नहीं, तय समय सीमा तक रकम जमा नहीं होने पर ग्रेटर नोएडा में पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।
ग्रेटर नोएडा में 29 हजार से ज्यादा जल कनेक्शनों पर भारी बकाया
आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में पानी के कुल 51 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। इनमें से 29 हजार से ज्यादा कनेक्शनों पर जल शुल्क बकाया चल रहा है। इन बकायों की कुल रकम करीब 270 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। सबसे ज्यादा बकाया ग्रेटर नोएडा की बिल्डर सोसाइटियों पर है। बताया गया है कि अकेले 92 बिल्डर प्रोजेक्ट और सोसाइटियों पर ही लगभग 150 करोड़ रुपये जल शुल्क लंबित है। इसके अलावा बड़ी संख्या में आवासीय संपत्तियां, संस्थागत भूखंड, औद्योगिक इकाइयां, आवासीय समितियां और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी भी बकाए की सूची में शामिल हैं।
प्राधिकरण ने दी अंतिम चेतावनी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बकाएदारों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बकाया जमा नहीं किया। अब तक प्राधिकरण ने यह सोचकर कनेक्शन काटने से परहेज किया कि कहीं ग्रेटर नोएडा के निवासियों को अनावश्यक परेशानी न हो। हालांकि लगातार बढ़ते बकाये को देखते हुए अब जल विभाग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जो आवंटी 31 मार्च तक अपना बकाया साफ नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अप्रैल से कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई की जा सकती है।
KYC अपडेट वालों को भेजी गई सूचना
ग्रेटर नोएडा के आवंटियों की सुविधा के लिए जल शुल्क का बकाया देखने और भुगतान करने की व्यवस्था ऑनलाइन उपलब्ध है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर उपभोक्ता अपना बकाया बिल प्राप्त कर सकते हैं और जमा भी कर सकते हैं। जिन उपभोक्ताओं की KYC अपडेट है, उन्हें जल शुल्क की जानकारी SMS और ईमेल के जरिए भी भेजी गई है। वहीं, भुगतान या बकाया से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है।
जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने में खर्च होगी वसूली गई राशि
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि शहर में बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित करना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है, लेकिन पानी का बिल समय से जमा करना आवंटियों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बकाया राशि की वसूली से मिलने वाला धन ग्रेटर नोएडा के जलापूर्ति नेटवर्क को और मजबूत व आधुनिक बनाने में लगाया जाएगा। उन्होंने सभी बकाएदारों से अपील की कि वे 31 मार्च से पहले अपना बकाया जमा कर दें, ताकि बाद में किसी सख्त कार्रवाई और उससे होने वाली असुविधा से बचा जा सके। Greater Noida News












