रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलते ही ग्रेटर नोएडा को उत्तर भारत के एक ‘स्मार्ट इंडस्ट्रियल और ट्रांसपोर्ट पॉवरहाउस’ के रूप में विकसित करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

ग्रेटर नोएडा के विकास को नई रफ्तार मिलने वाली है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब (MMLH) को मास्टर प्लान 2041 में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया। रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलते ही ग्रेटर नोएडा को उत्तर भारत के एक ‘स्मार्ट इंडस्ट्रियल और ट्रांसपोर्ट पॉवरहाउस’ के रूप में विकसित करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFCC) से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब को जोड़ने के लिए नई रेलवे लाइन निर्माण का रहा। न्यू दादरी रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर लंबी लाइन तैयार होगी, जो यहां स्थापित औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों को मुंबई, कोलकाता और देश के अन्य हिस्सों तक सीधे पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। इस अलाइनमेंट को बोर्ड ने औपचारिक स्वीकृति दे दी है।
मेट्रो कनेक्टिविटी को लेकर भी बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया। ग्रेटर नोएडा डिपो से ट्रांसपोर्ट हब तक 1.8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक बनाया जाएगा। यह ट्रैक 105 मीटर रोड के समानांतर विकसित होगा और मेट्रो, बस टर्मिनल और रेलवे सुविधाओं को एक ही स्थान पर सुव्यवस्थित तरीके से जोड़ देगा। टर्मिनल बोड़ाकी क्षेत्र के पास विकसित होगा, जहां से पूर्व दिशा पूर्वी यूपी, बिहार, बंगाल जाने वाली अधिकांश ट्रेनें चलने का प्रस्ताव है। इससे दिल्ली, नई दिल्ली और आनंद विहार जैसे व्यस्त स्टेशनों पर भीड़ में बड़े स्तर पर कमी आएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन मिलकर क्षेत्र के भविष्य को बदलने वाली तीन मेगा परियोजनाओं इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब पर तेज़ी से काम आगे बढ़ा रहे हैं। इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में कई उद्योग इकाइयों ने संचालन शुरू कर दिया है, जिसके चलते ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक परिदृश्य नए आयाम छू रहा है और क्षेत्र एक उभरते हुए स्मार्ट इंडस्ट्रियल ज़ोन के रूप में विकसित हो रहा है।
बैठक में सेक्टर इकोटेक-8 में बन रहे टूल रूम की निर्माण अवधि बढ़ाने पर भी सहमति दी गई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा विकसित किए जा रहे इस प्रशिक्षण केंद्र में 8–10 हजार युवाओं को हाई-टेक ट्रेड्स में ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कार्य-तैयार बन पाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन दीपक कुमार ने की। सीईओ एन.जी. रवि कुमार की ओर से सभी विकास प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिन्हें विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति मिल गई। बैठक में एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिंह, श्रीलक्ष्मी वीएस, प्रेरणा सिंह, सुमित यादव सहित यीडा और नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।