ग्रेटर नोएडा में 756 करोड़ रुपये की डबल डेकर एलिवेटेड रोड परियोजना को मंजूरी मिली है। एक मूर्ति चौक से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक सीधी कनेक्टिविटी, शाहबेरी के जाम से राहत और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को बड़ा फायदा मिलेगा।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास के लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर है। शहर की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली डबल डेकर एलिवेटेड रोड परियोजना को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक मूर्ति चौक से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NH-9) तक सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी। शाहबेरी के संकरे और अक्सर जाम रहने वाले रास्ते पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अलाइनमेंट को मंजूरी दी गई। पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति चौक तक डबल डेकर एलिवेटेड रोड विकसित करने का प्रस्ताव है। इस चरण के लिए करीब 756.01 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा तैयार की गई है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, शाहबेरी और गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर आवासीय विकास हुआ है। हजारों परिवार रोजाना ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ आवागमन करते हैं। समस्या यह है कि शाहबेरी की मौजूदा सड़क अपेक्षाकृत संकरी है और कई हिस्सों में अतिक्रमण तथा भारी यातायात के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है। सामान्य चार लेन के एलिवेटेड रोड के लिए जिस चौड़ाई की आवश्यकता थी, वह उपलब्ध नहीं होने के कारण डबल डेकर मॉडल को अधिक व्यावहारिक विकल्प माना गया। डबल डेकर संरचना में दोनों दिशाओं के यातायात को अलग-अलग स्तर पर संचालित करने की योजना है। इससे सीमित चौड़ाई वाले कॉरिडोर में भी अधिक क्षमता विकसित की जा सकेगी और नीचे मौजूदा सड़क पर यातायात को पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता कम होगी। Greater Noida News
परियोजना का रणनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ग्रेटर नोएडा की 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कड़ी होगी। अधिकारियों के अनुसार 130 मीटर चौड़ी सड़क ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गौर सिटी क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रॉन क्षेत्र तक जाती है। इसके दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ जाने पर ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट से NH-9 की ओर जाने वाले यातायात को अधिक सीधा मार्ग मिल सकेगा। इसका सीधा असर ग्रेटर नोएडा वेस्ट, एक मूर्ति चौक, शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के बीच आवागमन पर पड़ने की उम्मीद है। Greater Noida News
इस परियोजना को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में लंबाई के अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसका मुख्य कारण परियोजना के पहले चरण और पूरे प्रस्तावित कॉरिडोर को अलग-अलग तरीके से रिपोर्ट किया जाना है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जानकारी के अनुसार पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति चौक तक डबल डेकर हिस्से को विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 756.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। व्यापक कनेक्टिविटी कॉरिडोर को कई रिपोर्टों में लगभग 7 किलोमीटर तक बताया गया है। वहीं कुछ रिपोर्टों में डबल डेकर और उसके बाद बनने वाले सिंगल एलिवेटेड हिस्से को मिलाकर लगभग 5.75 से 7 किलोमीटर के कॉरिडोर का उल्लेख किया गया है। इसलिए परियोजना की अंतिम लंबाई और प्रत्येक हिस्से का तकनीकी स्वरूप NHAI की विस्तृत डिजाइन एवं DPR के अगले चरणों में स्पष्ट होगा। Greater Noida News
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार डबल डेकर हिस्से की अनुमानित लागत 756.01 करोड़ रुपये है, जबकि डबल डेकर तथा उससे जुड़े शेष एलिवेटेड कॉरिडोर को मिलाकर पूरी परियोजना की लागत करीब 1,280 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना की लागत को लेकर भी यह समझना जरूरी है कि 756.01 करोड़ रुपये प्रथम चरण की लागत है, जबकि 1,280 करोड़ रुपये पूरे प्रस्तावित कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत के तौर पर सामने आई है। Greater Noida News
यह सिर्फ ग्रेटर नोएडा की स्थानीय सड़क परियोजना नहीं है। इसकी कनेक्टिविटी का लाभ ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ गाजियाबाद और आसपास के बड़े क्षेत्र को मिलेगा। रिपोर्टों के अनुसार परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के बीच समान रूप से साझा की जानी है। इस तरह यह परियोजना पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और NCR की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाती है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक के बीच भौगोलिक दूरी बहुत अधिक नहीं है, लेकिन सड़क नेटवर्क की क्षमता और शाहबेरी की स्थिति के कारण इस क्षेत्र में नियमित रूप से ट्रैफिक दबाव देखने को मिलता है। डबल डेकर कॉरिडोर बनने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहनों को बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है। दूसरी तरफ गाजियाबाद और क्रॉसिंग रिपब्लिक की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी आवागमन आसान होगा। Greater Noida News
इस परियोजना को केवल एक फ्लाईओवर के रूप में देखना उचित नहीं होगा। यह ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग हिस्सों को क्षेत्रीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने वाली बड़ी योजना का हिस्सा है। 130 मीटर रोड के माध्यम से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा का आंतरिक नेटवर्क मजबूत होगा और दूसरी तरफ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दिशा में तेज आवागमन का रास्ता बनेगा। यही वजह है कि एक मूर्ति चौक इस पूरे कनेक्टिविटी नेटवर्क का महत्वपूर्ण जंक्शन बनकर उभर सकता है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इसी बोर्ड बैठक में कनेक्टिविटी को लेकर एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। यह सड़क लगभग 105 मीटर चौड़ी और 10 लेन की बताई गई है। इससे ग्रेटर नोएडा को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दादरी, सिकंदराबाद और प्रस्तावित मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) क्षेत्र से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इस सड़क में तीन ओवरब्रिज की योजना का भी उल्लेख सामने आया है। Greater Noida News
जुनपत-EPE लिंक का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि दादरी-बोड़ाकी क्षेत्र में भविष्य में बड़े लॉजिस्टिक्स और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क विकसित किए जाने की योजना है। इस कनेक्टिविटी के विकसित होने पर ग्रेटर नोएडा के अंदरूनी हिस्सों से EPE की ओर जाने वाले यातायात को बेहतर विकल्प मिलेगा और क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क मजबूत होगा। Greater Noida News
बोर्ड बैठक में रिठौरी गांव के पास रेलवे लाइन को पार करने के लिए फुटओवर ब्रिज की योजना को भी मंजूरी दी गई है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से इसकी जरूरत महसूस की जा रही थी। यह कदम पैदल यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी, नए हाउसिंग प्रोजेक्ट, औद्योगिक गतिविधियां और दिल्ली-NCR से बढ़ता आवागमन शहर के मौजूदा सड़क नेटवर्क पर लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में डबल डेकर एलिवेटेड रोड और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाएं भविष्य के यातायात दबाव को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में मंजूर इस परियोजना का सबसे बड़ा संदेश यही है कि एक मूर्ति चौक से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंच अब केवल मौजूदा शाहबेरी मार्ग पर निर्भर नहीं रहेगी। अगर योजना DPR और निर्माण के अगले चरणों के मुताबिक आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा वेस्ट–शाहबेरी–क्रॉसिंग रिपब्लिक–दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पूरा ट्रैफिक नेटवर्क नई तस्वीर में नजर आ सकता है। Greater Noida News
चेतना मंच के लिए खास बात: यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गाजियाबाद और भविष्य के मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जोड़ने वाली बड़ी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के रूप में देखी जा रही है। Greater Noida News
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