Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 17 मार्च को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “12 मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा गैस सिलिंडरों का वितरण” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिले की गैस एजेंसियों पर वितरण के समय फैली अव्यवस्था दूर होगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने सभी एजेंसी पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की है। कुल 12 मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं जो एजेंसियों पर गैस सिलिंडर वितरण की व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। इस काम में पुलिस की भी मदद ली जाएगी। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि एजेंसियों से अपात्र लोगों को लाइन से हटाया जाएगा। ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध के कारण भारत में गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। इस कारण सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोक दी थी। जिसके बाद से घरेलू गैस सिलिंडर की मारामारी शुरू हो गई थी। जिले की 62 गैस एजेंसियों पर रोजाना करीब 28 हजार गैस सिलिंडर का वितरण हो रहा है। यहां रोजाना सुबह से ही लोगों की कतार लग जाती है। लोग एजेंसियों पर कालाबाजारी का आरोप लगा रहे हैं। इस समस्या को देखकर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सभी एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की है। कुल 12 मजिस्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर विवेक भदौरिया, वेदप्रकाश पांडेय व चारूल यादव, एसडीएम जेवर दुर्गेश सिंह, एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता, नगर मजिस्ट्रेट अरविंद मिश्र, तहसीलदार प्रतीत चौहान, ओम प्रकाश पासवान व अजय कुमार और नायब तहसीलदार प्रज्ञा चौहान, अजेंद्र तोमर, प्रीति बालियान शामिल हैं। सभी को 4 से 5 एजेंसी की जिम्मेदारी दी गई है।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “मारपीट पर भड़के वकील, कचहरी के गेट बंद कर पुलिस को खदेड़ा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सूरजपुर जिला न्यायालय परिसर सोमवार को शांति की बजाय उबाल का केंद्र बन गया, जब गुस्साए अधिवक्ताओं ने अपने ही न्यायालय के दरवाजों को बंद कर सुरक्षा कर्मियों को खदेड़ दिया। न्यायालय के शांत माहौल में अचानक अराजकता और आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा, और अधिवक्ताओं ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। इस नाटकीय घटनाक्रम ने न्यायिक कार्य को ठप कर दिया जिससे वादकारियों को परेशान होना पड़ा। जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी ने बताया कि आम सभा की बैठक में घटना के कृत्य की निंदा की गई। जिन पुलिसकर्मियों ने मारपीट की थी। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मुकदमे के बारे में बताया गया कि अगर जरूरत पड़ी तो न्यायालय के माध्यम से मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। हालांकि असंवैधानिक कार्य का समर्थन नहीं किया जाएगा। जो लोग भी ऐसा कार्य कर रहे हैं बार उनके समर्थन नहीं करती है। एक अधिवक्ता राकेश शर्मा की ओर से शिकायत की गई है कि जिन अधिवक्ता के साथ मारपीट की गई वह बार के सदस्य नहीं है। इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई।
सभी अधिवक्ता पीड़ित के साथ वहीं अधिवक्ता नीरज भाटी ने बताया कि मंगलवार को भी धरना जारी रहेगा। मांग पूरी नहीं होने पर पुलिस आयुक्त कार्यालय के घेराव की रणनीति भी बनाई जाएगी। प्रकरण में बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष और सचिव द्वारा दूरी बनाए रखने को लेकर भी अधिवक्ताओं में नाराजगी है। अगर अध्यक्ष और सचिव आंदोलन में सहयोग नहीं करते हैं तो जल्द ही कार्यकारी अध्यक्ष और सचिव घोषित कर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। अधिवक्ता फरीद 2022 से नियमित रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं। हार साल सदस्यता शुल्क अदा करते हैं। उनका पंजीकरण है। अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) पास कर रही है। वोटिंग लिस्ट में नाम न होना का मतलब यह नहीं है कि वह बार के सदस्य नहीं है।
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अमर उजाला ने 17 मार्च 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “चार दिन बाद कंपनी में मिला कर्मचारी का शव” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम कंपनी में आग लगने की घटना के चौथे दिन कंपनी के अंदर एक कर्मचारी का शव मिला है। उसकी पहचान उपेंद्र के रूप में हुई है जो हरौला में रहते थे। रविवार रात को आग बुझने के बाद सफाई के दौरान बेसमेंट में शव मिला। कोतवाली फेज वन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। सेक्टर-4 स्थित बी-40 में कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड कंपनी में बृहस्पतिवार सुबह अग लग गई थी। तीन मंजिला इस बिल्डिंग में सुबह करीब पौने छह बजे उस वक्त आग लगी थी जब रात्रि शिफ्ट में 300 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। आग लगने के बाद पूरी बिल्डिंग में आग की लपटें व धुआं फैल गया। इसके बाद कई लोगों ने दूसरी व तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। इनमें 37 लोग घायल हो गए थे। आग इतनी भयंकर थी कि चार दिन में आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। कंपनी के नीचे डबल बेसमेंट हैं। इसी बेसमेंट में लगी आग को बुझाने में करीब 20 लाख लीटर से अधिक पानी लगा। वहीं 32 गाड़ियों पर तैनात 100 से अधिक अग्निशमन कर्मचारी लगे रहे। दरअसल फैक्टरी में डबल बेसमेंट बना हुआ है। इसमें मीटर बनाने के लिए प्लास्टिक का दाना भी रखा हुआ था। रविवार रात को उपेंद्र का शव बेसमेंट में मिला। उपेंद्र आग लगने की घटना के बाद से लापता थे। वह बुधवार शाम को वह फैक्टरी आए थे। बृहस्पतिवार सुबह जब आग लगी तब से वह नहीं मिले। बेटे के घर नहीं पहुंचने पर उनके पिता लगातार कंपनी के बाहर आ रहे थे। उपेंद्र के पिता श्रवण कुमार ने बताया कि उनका बेटा एक साल से यहां काम करता था। कोतवाली प्रभारी अमित मान ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 17 मार्च 2026 का प्रमुख समाचार “नोएडा एयरपोर्ट पर आग में झुलसे मरीजों को 'प्राइवेट' बर्न यूनिट में मिलेगा जीवनदान” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आग की घटना या हादसे में गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को तत्काल - चिकित्सा सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट बर्न वार्ड तैयार कराया है। पर्थला स्थित श्रीराम मेमोरियल अस्पताल में चार बेड के बर्न यूनिट को विशेषतौर पर नोएडा एयरपोर्ट के लिए तैयार किया गया है, जिसमें झुलसे मरीज को आसानी से सुपरस्पेशयलिटी अस्पताल की तर्ज पर इलाज होगा। वहीं जिम्स और ईएसआइसी मेडिकल कालेज की फोरेंसिक प्रयोगशाला में जटिल मामलों की जांच की दुविधा दूर करने की रणनीति बन रही है। भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण टैरिफ दरों को लेकर सभी हितधारकों से सुझाव भी लेगा। 23 मार्च को इस संबंध में बैठक होगी। अप्रैल 2026 से पांच साल के लिए दरें लागू हो जाएंगी। खास बात है कि नोएडा एयरपोर्ट को नागर विमानन महानिदेशालय ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है। माह माह के अंत में एयरपोर्ट का उद्घाटन संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी अपनी तरफ से कोई कोताही नहीं बरतना चाहता है। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. चंदन सोनी ने बताया कि पर्थला स्थित श्रीराम मेमोरियल अस्पताल में चार बेड की बर्न यूनिट बनाई गई है। नोएडा एयरपोर्ट पर आग की घटना में झुलसे मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए बर्न यूनिट का निरीक्षण किया गया। मानकों पर यूनिट मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन को यूनिट के लिए हरी झंडी दे दी गई। इसके अलावा जिम्स और शारदा केयर में भी अस्पताल प्रबंधकों से बर्न यूनिट पर वार्ता हो रही है।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “सोसायटी में तकनीकी कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर की हड़ताल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसायटी में तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने पर हड़ताल कर दी। हर माह की सात तारीख को उनका वेतन मिलता था। इस बार यह वेतन नहीं मिल सका। एक मार्च को हुए एओए चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी को डिप्टी रजिस्ट्रार ने पंजीकृत नहीं किया है। पुरानी कार्यकारिणी की ओर से तकनीकी सेवा दे रही एजेंसी को भुगतान नहीं किया। भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सका। बता दें पास टिएरा सोसायटी में पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने चुनाव पारदर्शिता के साथ नहीं होने का आरोप लगाते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में शिकायतें दर्ज कराईं। चुनाव को दो सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी एओए का पंजीकरण नहीं हो सका है। नई कार्यकारिणी के पास बैंक खाते से किसी को भुगतान करने का अधिकार नहीं हैं। तकनीकी क्षेत्र में सेवाएं दे रही एजेंसी को पांच माह का भुगतान नहीं हुआ है। एजेंसी 32 कर्मचारियों को अपनी ओर से भुगतान कर रही थी। एजेंसी ने इस महीने का भुगतान नहीं किया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। वर्तमान एओए अध्यक्ष सुखपाल सिंह राणा ने बताया कि चुनाव में प्रतिभाग करने और जीत दर्ज नहीं कर पाने वाले नौ उम्मीदवारों ने डिप्टी रजिस्ट्रार को लिखे पत्र में चुनाव पारदर्शिता के साथ ही होने की बात कही है। पुरानी एओए बोर्ड से दो प्रमुख पदाधिकारी गलत शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। सोमवार को भी कार्यकारिणी ने बैठक कर डिप्टी रजिस्ट्रार से एओए पुंजीकरण की गुहार लगाई है।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 17 मार्च का प्रमुख समाचार “भंगेल एलिवेटेड पर बनेंगे चार लूप एक लाख लोगों को मिलेगी राहत” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेंट्रल नोएडा में एक लाख से ज्यादा लोगों को यातायात सुविधा देने के लिए भंगेल एलिवेटेड पर चार लूप बनाए जाने है। इनका डिजाइन तैयार किया गया है। यह डिजाइन आइआइटी दिल्ली भेजा गया है। 14 दिन के अंदर आइआइटी से अप्रूव के बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। महाप्रबंधक सिविलं एके अरोड़ा ने बताया कि करीब 4.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड को नवंबर में खोला गया था। इस पर चढ़ने और उतरने के लिए सेक्टर-49-107 चौराहे पर दोनों ओर दो-दो लूप बनाए जाएंगे। सेक्टर-37 से आकर सेवन एक्स सेक्टर की ओर जाने के लिए हनुमान मूर्ति के पास लूप उतरेगा। इसी तरह सेवन एक्स से फेज टू की ओर से सूरजपुर की ओर जाने वालों के लिए लूप चढ़ाया जाएगा। इसके दूसरी तरफ सेक्टर-107 की ओर चढ़ने-उतरने के लिए लूप बनेगा। भंगेल एलिवेटेड रोड को उत्तर प्रदेश सेतुं निगम ने बनाया। अनुबंध के अनुसार उसके नीचे करीब पांच किमी लंबी सड़क भी वहीं बना रहा है। जिसे तीन माह में पूरा किया जाएगा। लूप बनाने का काम नोएडा प्राधिकरण खुद करेगा। महाप्रबंधक एके अरोड़ा ने आइआइटी से अप्रूवल आने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा। चारों लूप का निर्माण एक ही कंपनी करेगी। समय से पूरा होने पर ये काफी फायदा देगी। इन लूप को बनाने में करीब 45 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके बनने से एलिवेटेड रोड की वायबिलिटी काफी बढ़ जाएगी क्योंकि सेवन एक्स सेक्टर में अधिकांश सोसायटी है। अभी एलिवेटेड पर चढ़ने और उतरने के लिए यहां कोई लूप नहीं है।
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