
ग्रेटर नोएडा। अपनी मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर आंदोलन कर रहे 40 किसानों की गिरफ्तारी और इसका विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज के मामले ने तूल पकड़ लिया है। तमाम किसान संगठनों और समाजसेवियों ने प्राधिकरण की हठधर्मिता और पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे बर्बर, असंवैधानिक और लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। इस बीच, आंदोलनकारी किसानों का समर्थन करने जा रहे किसान एकता संघ के सैकड़ों के सदस्यों को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है।
किसान एकता संघ के पदाधिकारी नजरबंद, घरों पर पुलिस का पहला
किसानों के आंदोलन को कुचलने की कोशिशों के विरोध में किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान के नेतृत्व में बुधवार की सुबह भारी संख्या में किसान दनकौर स्थित कैंप कार्यालय पर इकट्ठा होना शुरू हुए। उसके बाद पुलिस प्रशासन ने सभी किसानों को प्राधिकरण जाने से रोक दिया और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रमेश कसाना ने कहा कि किसानों के आंदोलन को कुचलने की पुलिस और प्रशासन की कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस आंदोलन के समर्थन में किसान एकता संघ शामिल है। उन्होंने कहा कि किसानों के समर्थन के लिए जाने की सूचना पर एसीपी पवन गौतम और कई थानों की फोर्स किसान एकता संघ कैम्प कार्यालय पहुंचकर संगठन के कार्यकर्ताओं को सुबह 6 बजे ही हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन जल्द से जल्द किसानों को रिहा कर किसानों की मांगों को पूरी करे अन्यथा विशाल आंदोलन किया जाएगा।
इन्हें किया गया हाउस अरेस्ट
हाउस अरेस्ट होने वाले किसानों में चौधरी बाली सिंह, देशराज नागर, गीता भाटी, रमेश कसाना, वनीश प्रधान, श्रीकृष्ण बैसला, अखिलेश प्रधान, अरविंद सेक्रेटरी, आशु खान, बिज्जन नागर, सतीश कनारसी, विक्रम नागर, मेहरबान खान, अजयपाल नेता जी, हरेन्द्र कसाना, विदेश नागर, वीके चौधरी, जगदीश शर्मा, राकेश चौधरी, उमेद एडवोकेट, मोहनलाल नागर और अकरम खान आदि शामिल हैं।
प्राधिकरण के गेट पर ताला जड़ने के बाद हुआ बवाल
शहर के औद्योगिक विकास के लिए अधिग्रहित जमीन के लिए बेहतर पुनर्वास सुविधाओं और मुआवजे की मांग को लेकर 50 गांव के किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सामने 43 दिनों से धरने पर बैठे थे। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले धरने पर बैठे किसानों ने मंगलवार को प्राधिकरण के दोनों गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया। दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 21 अप्रैल, 2023 को अपनी 129वीं बोर्ड बैठक में किसानों के लिए भूमि मुआवजे की दर को 3,750 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बढ़ाकर 4,125 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया। लेकिन, किसान प्राधिकरण के इस फैसले से खुश नहीं हैं।
पुलिस की कार्रवाई बर्बर, असंवैधानिक और लोकतंत्र पर हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के किसान अपनी जायज और वैधानिक मांगों को लेकर कई साल से आंदोलित हैं। डेढ़ महीने से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर धरना चल रहा था। पुलिस ने लाठीचार्ज कर जबरन उनका धरना खत्म करा दिया। किसान गिरफ्तारी देना चाहते थे, किंतु लाठी चार्ज कर उन्हें पुलिस लाइन से खदेड़ दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को बर्बर, असंवैधानिक और लोकतंत्र पर हमला करार दिया है।
ग्रेटर नोएडा के किसान अपनी जायज और वैधानिक मांगों को लेकर कई साल से आंदोलित हैंl डेढ़ महीने से ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के कार्यालय पर धरना चल रहा थाlआज पुलिस ने लाठीचार्ज कर जबरन उनका धरना खत्म कर दियाI किसान गिरफ्तारी देना चाहते थे किंतु उन्हें पुलिस लाइन से भगा दिया गया l pic.twitter.com/fFvnK1r3bR
— Rajkumar Bhati (@rajkumarbhatisp) June 6, 2023
पुलिस की कार्रवाई पर किसानों और समाजसेवियों में उबाल
किसान सभा के प्रवक्ता रुपेश वर्मा ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 40 किसानों को गिरफ्तार कर लिया। मौके पर उपस्थित लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध किया तो पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया। उसके बाद सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष किसान पुलिस लाइन पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। इसके बाद एक बार फिर पुलिस ने किसानों पर लाठियां बरसाईं। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी किसानों को जेल भेज दिया है।

किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं
किसानों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा करते हुए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पश्चिमी प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गत 43 दिन से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के गेट पर धरना दे रहे थे। अचानक भारी पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंचा और 40 से अधिक किसानों को जबरन गाड़ी में भरकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह तानाशाही पुलिस नहीं दी जाएगी। संगठन के बड़े नेताओं से वार्ता कर आगे के आंदोलन की घोषणा की जाएगी। पवन खटाना ने कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ किसानों के हितेषी होने की बात करती है और वहीं दूसरी ओर सरकार के ही नुमाइंदे किसानों के ऊपर लाठी चार्ज करते हैं।
किसानों को लूट रहा है प्राधिकरण
समाजसेवी अमन टाइगर का कहना है कि किसान अपने हक़ मांगें तो पुलिस की लाठियों के आलावा कुछ नहीं मिलता है। जहां पुलिस को बीच का रास्ता निकलना चाहिए और किसानों के पक्ष में होना चाहिए, वहां पुलिस भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे प्राधिकरण के पक्ष मे खड़ी नजर आती है। मौजूदा वक्त में गौतमबुद्ध नगर की आम जनता, शहर के लोग और किसान लाचार हैं। विकास के नाम पर किसानों की जमीनों को लूट लिया गया। फिर भी बच्चों को रोजगार नहीं, स्वास्थ्य के नाम पर लूट, शिक्षा के नाम पर लूट और फैसिलिटी के नाम पर लूट हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि प्राधिकरण को विकास करने के लिए लाया गया है या यहां के किसानों को लूटने के लिए।
विपक्षी दलों और कई किसान संगठनों का समर्थन
किसान सभा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र भाटी ने कहा किसान विरोधी प्राधिकरण अधिकारियों को या तो किसानों की समस्याएं हल करनी होंगी या यहां से जाना पड़ेगा। उपाध्यक्ष सूबेदार ब्रह्मपाल ने कहा कि यदि प्राधिकरण ने किसानों की समस्याएं हल नहीं की तो यह आंदोलन सत्ताधारी पार्टी को आने वाले चुनाव में भारी पड़ सकता है। 50 गांव के किसान आक्रोशित हैं और बिना समस्याओं को हल कराए बिना घर जाने वाले नहीं हैं। संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि किसानों के इस आंदोलन को सभी विपक्षी पार्टियों, पूर्व चेयरमैन गजराज सिंह, सपा के जिलाध्यक्ष सुधीर, पूर्व अध्यक्ष इंद्र प्रधान, भारतीय किसान यूनियन अंबावता के नेता कृष्ण बृजेश, किसान परिषद के नेता सुखबीर खलीफा का समर्थन मिल रहा है।
ये हैं किसानों की मांगें
जय जवान जय किसान संगठन के नेता सुनील फौजी किसानों के समर्थन में आए हैं। आंदोलन का हिस्सा रहे गवरी मुखिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम अपने पूर्वजों की जमीन पर कोई हमला नहीं होने देंगे। जब तक आबादियों की लीज बैक, 10% आबादी प्लाट, 40 वर्गमीटर का भूमिहीनों का प्लाट, रोजगार, 17.5 परसेंट का किसान कोटा, 120 वर्गमीटर का न्यूनतम प्लाट और अन्य मुद्दे हल नहीं हो जाते, तब तक आंदोलन को कुचलने की हर कोशिश को नाकाम कर दिया जाएगा।
इनपुट : रमाकांत पांडेय, अमन भाटी
नोएडा ग्रेटर– नोएडाकी खबरों से अपडेट रहने के लिएचेतना मंचसे जुड़े रहें।
देश–दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।