नोएडा से जुड़ी हर बड़ी खबर, 18 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें

18 मार्च के अखबारों में नोएडा की बड़ी खबरें—साइबर ठगी, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, यमुना सिटी निवेश, हादसा टला और पुराने घोटाले में नई हलचल।

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locationभारत
userदिनेश गुप्ता
calendar18 Mar 2026 10:42 AM
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Noida News: उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और विकसित शहर Noida हर दिन नई खबरों के साथ सुर्खियों में रहता है। 18 मार्च को शहर से प्रकाशित विभिन्न समाचार पत्रों में छपी अहम खबरों को हम एक जगह संकलित कर आपके लिए लेकर आए हैं, ताकि आप एक नजर में दिनभर की सभी प्रमुख अपडेट जान सकें।


Noida News: समाचार अमर उजाला से  


अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट कर दिखाया कोर्ट रूम, ठग लिए 1.29 करोड़ रुपयेशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि  साइबर जालसाजों ने सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। ग्रेटर नोएडा निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग बैंक ऑफ महाराष्ट्र में मैनेजर थे। छह फरवरी को ट्राइ का अधिकारी बनकर एक जालसाज ने उन्हें कॉल कर कहा कि आपके नाम पर एक सिम कार्ड जारी हुआ है, जिसका इस्तेमाल गैरकानूनी कामों में हो रहा है। कुछ ही देर बाद जालसाजों ने वीडियो कॉल कर कहा कि आपको डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। वीडियो कॉल पर उन्होंने कोर्ट जैसी सेटिंग दिखाई गई और कहा गया कि सहयोग नहीं करेंगे तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ठगों ने पीड़ित पर दबाव बनाया और कहा कि उसके बैंक खातों की जांच होगी। जांच पूरी होने तक घर से बाहर नहीं जाना है और फोन कॉल चालू रखना है। करीब दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर खाते का सत्यापन के नाम पर पीड़ित से रकम ट्रांसफर कराई गई। 13 फरवरी 2026 को करीब 51.95 लाख रुपये, 19 फरवरी को 48.95 लाख रुपये, 21 फरवरी को 10.95 लाख रुपये, 25 फरवरी को 17.20 लाख रुपये और 26 फरवरी को 56 हजार 962 रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 1 करोड़ 29 लाख 61 हजार 962 रुपये ठगों के खातों में चले गए। कुछ दिन बाद ठगों ने ने पीड़ित को सुप्रीम कोर्ट और मुंबई पुलिस के नाम से फर्जी लेटर भी भेजे और कहा कि उसे नो ड्यूज सर्टिफिकेट मिल गया है और पैसा जल्द वापस कर दिया जाएगा। काफी समय बीतने के बाद भी पैसा वापस नहीं आया, तब ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल का कहना है कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच की जा रही है।


Noida News:


अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार जिले में 2969 फ्लैट और दुकानों का होगा निर्माण शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने प्रदेश के 13 जिलों में 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण को मंजूरी दी है। इनमें 6800 करोड़ के निवेश से 7830 फ्लैट व दुकानें बनेंगी। निवेश की धनराशि का सबसे बड़ा हिस्सा अकेले गौतमबुद्ध नगर के 5 प्रोजेक्टों में होगा। यहां 5218 करोड़ की लागत से 2969 फ्लैट व दुकानों का निर्माण होगा।

गौतमबुद्ध नगर में तीन कॉमर्शियल, एक आवासीय और एक मिक्स्ड यूज प्रोजेक्ट शामिल है। इस पर 5218.41 करोड़ का निवेश होगा। गौतमबुद्ध नगर के बाद लखनऊ के 4 प्रोजेक्टों को मंजूरी मिली है। इनमें 132.65 करोड़ के निवेश से 651 फ्लैट व दुकानें बनेंगे। आगरा के तीन प्रोजेक्टों में 162.75 करोड़ के निवेश से 312 फ्लैटों का निर्माण होगा। गाजियाबाद के भी तीन प्रोजेक्टों के पंजीकरण को मंजूरी दी गई है। इनमें दो कॉमर्शियल और एक आवासीय प्रोजेक्ट शामिल है। मथुरा के एक प्रोजेक्ट में 9.13 करोड़ की लागत से 136 फ्लैट बनेंगे। सहारनपुर में भी एक आवासीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इसी तरह मेरठ के एक आवासीय प्रोजेक्ट में 1167 फ्लैट, बागपत के एक प्रोजेक्ट में 97 फ्लैट बनेंगे। बांदा के एक प्रोजक्ट में 501 फ्लैट, हापुड़ के एक प्रोजेक्ट में 912 दुकानें और बाराबंकी में 459.09 करोड़ से 567 फ्लैटों का निर्माण होगा। 

 

Hindi News:


अमर उजाला ने 18 मार्च 2026 के अंक में प्रमुख समाचार ट्रैक्टर निर्माण से होगी फोर्ड की वापसी, आवंटित हुई जमीनशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में काम कर रही अमेरिका की फोर्ड कंपनी अपनी वापसी कर रही है। यह वापसी ट्रैक्टर निर्माण से होगी। यमुना सिटी में कंपनी ने न्यू हॉलैंड के साथ एक संयुक्त उपक्रम सीएनएच इंडस्ट्रियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के लिए यीडा ने 100 एकड़ जमीन आवंटित की है। यहां कंपनी ट्रैक्टर निर्माण करेगी। यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने. बताया कि फोर्ड और न्यू हॉलैंड के जेवी सीएनएच इंडस्ट्रियल को यमुना सिटी के सेक्टर-8डी में 100 एकड़ का भूखंड आवंटित कर दिया गया है। इंवेस्ट यूपी के जरिए कंपनी ने जमीन मांगी थी। कंपनी का प्रस्ताव यहां पर ट्रैक्टरों के निर्माण के लिए प्लांट लगाने का है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी करीब 1220 करोड़ का निवेश करेगी। इससे करीब 1200 लोगों के लिए रोजगार का सृजन होगा। इसके अलावा जापानी कंपनी एस्कॉर्ट्स कुबोता को भी सेक्टर-10 में 154 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। यह कंपनी भी ट्रैक्टर और इससे जुड़े उपकरण बनाएगी। अधिकारियों के मुताबिक एस्कॉर्ट्स कुबोता को करीब 2029 करोड़ रुपये का निवेश करना है जिससे 4000 व्यक्तियों हेतु रोजगार सृजन होगा। इन दोनों दिग्गज कंपनियों के यहां आने से यमुना सिटी ट्रैक्टर निर्माण का भी एक बड़ा हब बन सकेगा। वहीं कृषि उपकरणों के निर्माण, ट्रैक्टर निर्माण के लिए जरूरी कच्चे माल के निर्माण के लिए भी एमएसएमई को विकसित करने के लिए एक बड़ा ईको सिस्टम तैयार हो सकेगा।


Noida News: समाचार दैनिक जागरण से


दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 18 मार्च 2026 का प्रमुख समाचारनाले में गिरी अनियंत्रित कार, हादसा टला शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर 126 थानाक्षेत्र में हाजीपुर अंडरपास के पास मंगलवार शाम को तेज रफ्तार एक कार अनियंत्रित होकर सर्विस लेन के सूखे नाले में गिर गई। गनीमत रही कि कार सवार प्राइवेट कालेज के चारों छात्रों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस ने कार को बाहर निकलवाया। हाजीपुर अंडरपास के पास सर्विस रोड से मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे हरियाणा नंबर की कार सवार चार छात्र जा रहे थे। एकाएक चालक का ध्यान भटकने से कार सड़क से उतर गई। रोड किनारे बने सूखे नाले में गिर गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हुए। पुलिस को सूचना देते हुए चारों छात्रों को बाहर निकाला। पुलिस ने हाइड्रा मशीन से कार को नाले से बाहर निकलवाया। इस दौरान कुछ समय के लिए सर्विस लेन पर यातायात भी प्रभावित रहा।


दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार यादव सिंह प्रकरण में 12 साल बाद प्रोजेक्ट इंजीनियर की होगी बहालीशीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि 12 साल पहले 'नोएडा प्राधिकरण में हुए 954 करोड़ के अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले मामले में सस्पेंड चल रहे प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र की बहाली हो सकती है। हाइकोर्ट के आदेश के बाद प्रोजेक्ट इंजीनियर ने प्राधिकरण में अपना सबमिशन दाखिल किया है। रामेंद्र का सस्पेंशन शासन ने किया था। इसलिए प्राधिकरण सबमिशन के साथ एक रिपोर्ट शासन को भेजेगी। वहीं इस प्रकरण से जुड़े नोएडा प्राधिकरण के तीन अधिकारियों आरपी सिंह (वर्तमान में महाप्रबंधक जल सीवर एवं ईएंडएम), निजामुद्दीन (नोएडा से तबादला) व प्रमोद (नोएडा से तबादला) के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है। ओएसडी स्तर के अधिकारी इसकी जांच कर रहे है। जल्द ही तीनों अधिकारियों से ग्राउंड स्तर पर सवाल जवाब किए जाएंगे। बता दें कि साल 2020 में अंडरग्राउंड केबलिंग प्रकरण में अपने चहेती कंपनियों को टेंडर देकर लाभ कमाने के मामले में यादव सिंह समेत 20 अन्य अधिकारियों की चार्जशीट जारी हुई थी। इस चार्जशीट में प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह का. नाम भी था। वो उस समय प्राधिकरण के इलेक्ट्रिकल मैनटेनेंस-2 डिवीजन में थे। जांच में नाम पर शासन ने उनका सस्पेंशन कर दिया था।  


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ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार का कहर, सड़क हादसे में युवक की मौत

ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं है। ग्रेटर नोएडा के मकोड़ा अंडरपास के पास कुछ दिन पहले हुए हादसे में घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

ग्रेटर नोएडा हादसा
ग्रेटर नोएडा हादसा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 04:46 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं है। ग्रेटर नोएडा के मकोड़ा अंडरपास के पास कुछ दिन पहले हुए हादसे में घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब इस मामले में मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा था युवक

पुलिस को दी गई तहरीर में ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि उनका बेटा अंकुश 9 जनवरी को ड्यूटी पूरी करने के बाद बाइक से घर लौट रहा था। बताया गया कि जैसे ही वह ग्रेटर नोएडा स्थित मकोड़ा अंडरपास के पास पहुंचा, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई एक दूसरी बाइक ने उसकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में अंकुश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद आरोपी बाइक सवार मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन घायल अंकुश को इलाज के लिए ग्रेटर नोएडा के ग्रीन सिटी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां हालत नाजुक होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 13 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

 बेटे की मौत के बाद पिता ने दर्ज कराया केस

युवक की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। मृतक के पिता ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना के कारण बेटे की मौत होने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए बाइक नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और फरार चालक को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा में ECHS कार्ड के फर्जी इस्तेमाल का बड़ा खेला, 4 गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अस्पतालों में फर्जी ECHS कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले एक सुनियोजित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।

ग्रेटर नोएडा में ECHS फर्जीवाड़ा
ग्रेटर नोएडा में ECHS फर्जीवाड़ा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 04:30 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अस्पतालों में फर्जी ECHS कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले एक सुनियोजित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में उजागर हुए इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने दूसरी युवती की पहचान का इस्तेमाल कर इलाज कराया, लाखों रुपये का फायदा उठाया और मौत के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे खेल को छिपाने की कोशिश की।

ग्रेटर नोएडा में जांच के दौरान खुला फर्जी इलाज का नेटवर्क

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के मीडिया सेल के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा की बिसरख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी ECHS कार्ड और आधार कार्ड के जरिए मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, ECHS कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वादी की बेटी के नाम से बने दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए तनु नाम की महिला का इलाज कराया। इस इलाज पर आने वाले करीब 6 लाख 50 हजार रुपये के खर्च का गलत तरीके से लाभ उठाया गया। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उपचार के दौरान महिला की मौत हो जाने पर गिरोह ने कथित तौर पर उसी फर्जी पहचान के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र भी तैयार करवा दिया।

बहन के इलाज के लिए अपनाया गया फर्जी रास्ता

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिखा सिंह, यश सिंह, जितेंद्र यादव और दानिश खान के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में शिखा सिंह ने बताया कि उसकी सगी बहन तनु लंबे समय से बीमार थी। परिवार की आर्थिक हालत कमजोर होने के कारण उसका इलाज ठीक से नहीं हो पा रहा था। इसी दौरान बुलंदशहर स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी एक परिचित के जरिए उसकी मुलाकात दानिश खान से हुई। शिखा के मुताबिक, दानिश ने कम खर्च में इलाज कराने का भरोसा दिया। उसके कहने पर उसने और उसके भाई यश सिंह ने तनु को किसी दूसरी युवती की पहचान पर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके लिए व्हाट्सएप पर भेजे गए फर्जी ECHS कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया।

इलाज के दौरान मौत, फिर फर्जी नाम पर लिया गया शव

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि उपचार के दौरान तनु की मौत हो गई। इसके बाद शव भी उसी फर्जी नाम और पहचान के आधार पर लिया गया। पूछताछ में यह भी पता चला कि इस पूरे काम के बदले दानिश खान को करीब 65 हजार रुपये ऑनलाइन दिए गए, जबकि बाकी रकम नकद में चुकाई गई। यह खुलासा ग्रेटर नोएडा में अस्पतालों की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। जिस आसानी से फर्जी कागजात के सहारे इलाज, क्लेम और बाद की औपचारिकताएं पूरी की गईं, उसने पूरे सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

दो साल से चल रहा था धोखाधड़ी का खेल

पूछताछ में दानिश खान ने बताया कि वह अपने साथी प्रदीप के साथ मिलकर पिछले करीब दो वर्षों से इस तरह का काम कर रहा था। दोनों ऐसे लोगों को तलाशते थे, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं होते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी दस्तावेजों के जरिए अस्पतालों में भर्ती कराया जाता था और इलाज या क्लेम की प्रक्रिया पूरी कराकर कमीशन लिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, इस तरह के मामलों में आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। जरूरतमंद मरीजों की पहचान करना, फर्जी दस्तावेज जुटाना, अस्पताल में भर्ती कराना और बाद में क्लेम का लाभ लेना यह पूरा खेल एक तय नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि दानिश खान और उसका साथी प्रदीप पहले भी नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र से जेल जा चुके हैं। अब ग्रेटर नोएडा पुलिस फरार आरोपी प्रदीप की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इलाज दिलाया है। Greater Noida News

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