वर्षों से अपने हक के लिए इंतजार कर रहे ग्रेटर नोएडा के करीब 700 किसानों के लिए आखिरकार वह खबर सामने आ गई है, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था। 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे को लेकर किसानों की लड़ाई अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है।

Greater Noida News : वर्षों से अपने हक के लिए इंतजार कर रहे ग्रेटर नोएडा के करीब 700 किसानों के लिए आखिरकार वह खबर सामने आ गई है, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था। 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे को लेकर किसानों की लड़ाई अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। किसान सभा के लगातार आंदोलन, अधिकारियों के साथ हुई वार्ताओं और शासन स्तर पर चल रही कवायद के बाद इस मामले में आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही किसानों के लंबे समय से अटके अतिरिक्त मुआवजे के भुगतान की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हो गई है। हालांकि, अब असली नजर इस बात पर है कि शासनादेश के बाद भुगतान की प्रक्रिया कब शुरू होती है और करीब 700 किसानों तक उनका हक कब पहुंचता है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के करीब 700 किसान 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे के लाभ से वंचित रह गए थे। वर्ष 2022 में किसानों की समस्याओं को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री के बीच हुई वार्ता के बाद 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का लाभ गजराज सिंह आदि प्रकरणों में याचिका दाखिल करने वाले किसानों तक सीमित कर दिया गया था। इस वजह से ऐसे करीब 700 किसानों का अतिरिक्त मुआवजा अटक गया था, जो इस लाभ के लिए पात्र होने का दावा कर रहे थे। Greater Noida News
किसान सभा ने इस मुद्दे को लगातार आंदोलन और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता के दौरान उठाया। संगठन की ओर से मुआवजे का रास्ता खोलने के लिए शासन स्तर पर आदेश जारी कराने की मांग की जाती रही। 16 सितंबर को अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में भी किसानों को आश्वासन दिया गया था कि शासन से जल्द आदेश प्राप्त कराकर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। अब शासन से आदेश जारी होने के बाद किसानों में राहत की उम्मीद जगी है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण से जुड़े किसानों के लिए 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर लंबे समय से बड़ा मुद्दा रहा है। अदालतों और शासन स्तर पर हुए विभिन्न निर्णयों के बाद किसानों को इस अतिरिक्त मुआवजे का लाभ दिया गया। यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों के मामले में भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का मुद्दा लंबे समय तक कानूनी और प्रशासनिक विवाद में रहा है। वर्ष 2026 में यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों के लिए 53 करोड़ रुपये की राशि 340 किसानों को वितरित किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की खबर सामने आई थी। Greater Noida News
हालांकि 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का रास्ता खुलने के बावजूद किसानों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नगर के अनुसार, संगठन किसानों के 10 प्रतिशत विकसित भूखंड समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर भी संघर्ष जारी रखेगा। किसानों का कहना है कि 10 प्रतिशत विकसित भूखंड के मुद्दे पर प्रशासन की ओर से वार्ता की तारीख तय करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक वार्ता की तारीख निर्धारित नहीं हुई है। यदि जल्द वार्ता नहीं होती है तो किसान संघर्ष मोर्चा आंदोलन की अगली तारीख घोषित कर सकता है। Greater Noida News
शासन का आदेश जारी होना निश्चित रूप से किसानों के लिए महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन अब किसानों की निगाह मुआवजा वितरण की वास्तविक प्रक्रिया और भुगतान की तारीख पर रहेगी। किसानों का कहना है कि वर्षों के संघर्ष के बाद शासनादेश मिला है, इसलिए अब बिना किसी नए पेच के पात्र किसानों के खातों में अतिरिक्त मुआवजे की राशि पहुंचनी चाहिए। 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे के साथ-साथ 10 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का मुद्दा भी आने वाले दिनों में ग्रेटर नोएडा की किसान राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है। Greater Noida News
किसानों का कहना है कि शासनादेश केवल कागज तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अब अगला कदम मुआवजे का वास्तविक भुगतान है। वर्षों से अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे किसानों की निगाहें अब प्राधिकरण और शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। Greater Noida News
विज्ञापन