ग्रेटर नोएडा में किसानों की मांगों को लेकर एक बार फिर मामला क्यों गरमा गया है ? आखिर किसानों को किन मांगों पर अभी भी राहत का इंतजार है और किन मामलों का समाधान लंबे समय से नहीं हो सका है ?

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में किसानों से जुड़े लंबित मामलों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी मांगें प्रमुखता से उठाईं। संगठन ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की स्वीकृति पर खुशी जताते हुए जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही शेष 4 प्रतिशत भूखंड की स्वीकृति नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक किसानों से जुड़े सभी लंबित मामलों का समाधान नहीं होता, तब तक उनकी कई प्रमुख मांगें अधूरी रहेंगी। Greater Noida News
भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि 64.7 प्रतिशत की स्वीकृति किसानों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसके लिए जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। हालांकि उन्होंने कहा कि समझौते का दूसरा पहलू भी है। किसानों को मिलने वाले शेष 4 प्रतिशत भूखंड की स्वीकृति अभी बाकी है। कृष्ण नागर ने उम्मीद जताई कि शासन जल्द ही शेष 4 प्रतिशत भूखंड की भी स्वीकृति देगा, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिल सके। Greater Noida News
संगठन के राष्ट्रीय संचार मंत्री विजय भाटी मायचा ने ग्रेटर नोएडा के किसानों की बैकलीज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई किसानों की बैकलीज करीब 15 वर्षों से लंबित हैं। उनका आरोप है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नीतियों के कारण इस मामले में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि गांवों की दशकों पुरानी आबादी से जुड़े मामलों का भी जल्द निस्तारण होना चाहिए। किसानों को लंबे समय तक प्राधिकरण के चक्कर लगाने के बजाय उनके मामलों का समयबद्ध समाधान मिलना चाहिए। Greater Noida News
विजय भाटी मायचा ने कहा कि न्यू नोएडा में भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को मुआवजे के साथ 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की मांग को लेकर संगठन किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से किसानों को उनके अधिकारों और प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने हक के लिए मजबूती से आवाज उठा सकें। Greater Noida News
जिला अध्यक्ष विक्रम भाटी ने कहा कि वर्ष 1997 से 2001 के बीच जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण हुआ है, उन्हें भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर और 10 प्रतिशत भूखंड का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने ऐंच्छर, कासना, हल्दौन और गुजरपुर गांवों के किसानों का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, इन गांवों के किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की नीति शासन स्तर पर स्वीकृत होने की बात सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा किसानों को भूखंड नहीं दिए जा रहे हैं। Greater Noida News
विक्रम भाटी ने ऐंच्छर गांव के किसानों के 26 रुपये अतिरिक्त प्रतिकर का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर किसान पिछले करीब 30 वर्षों से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चक्कर काट रहे हैं। किसान संगठन ने इस मामले में भी जल्द समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्षों पुराने मामलों को अब और लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। Greater Noida News
प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर ने बताया कि किसानों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को लेकर बृहस्पतिवार को एनपीएसएल कार्यालय पर वार्ता होगी। इसमें किसानों की बिजली संबंधी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर आगामी 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर विशाल किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। Greater Noida News
प्रेस कांफ्रेंस में भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर, राष्ट्रीय संचार मंत्री विजय भाटी मायचा, प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर और जिला अध्यक्ष विक्रम भाटी मौजूद रहे। इनके अलावा आशीष नागर, ललित भाटी, परवीन भाटी, यासीन खान सहित अन्य किसान और संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। Greater Noida News
विज्ञापन