इलाज के दौरान स्वयं सागर व कुश उपाध्याय को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। समर्थ पुंडीर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे फोर्टिस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-2 क्षेत्र में दो माह पूर्व भीषण सड़क हादसे में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के तीन छात्रों की हुई दर्दनाक मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा न्यायालय के निर्देश पर दर्ज कराया गया है। न्यू पंचवटी कॉलोनी जनपद गाजियाबाद निवासी संजय सागर ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका बेटा स्वयं सागर अपने दोस्त कुश उपाध्याय पुत्र रामकुमार उपाध्याय निवासी जनपद गाज़ीपुर तथा समर्थ पुंडीर पुत्र सुनील पुंडीर निवासी बरेली के साथ 21 सितंबर को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय से खाना लेने के लिए बुलेट बाइक से चूहड़पुर मार्केट की तरफ जा रहा था। चूहड़पुर अंडरपास से पहले वॉटर टैंकर के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए।
वॉटर टैंकर के चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने की वजह से बुलेट बाइक ट्रैक्टर में लगे वॉटर टैंकर से जा टकराई। इस हादसे में तीनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने घायल छात्रों को उपचार के लिए ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान स्वयं सागर व कुश उपाध्याय को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। समर्थ पुंडीर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे फोर्टिस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
संजय सागर के मुताबिक उन्होंने इस घटना की सूचना थाना बीटा-2 पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करने के पश्चात थाना बीटा-2 पुलिस को ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।