
Greater Noida /दादरी। यूपी के ग्रेटर नोएडा में स्थित दादरी कस्बे से एक खबर आ रही है। दादरी सीएचसी से फर्जीवाड़ा कर एक फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने का बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी मेडिकल रिपोर्ट लखनावली गांव में हुए झगड़े में एक पक्ष के लिए मोटी रकम लेकर तैयार की गई थी। फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप दादरी सीएचसी प्रभारी व अन्य डाक्टरों पर लगाया गया है।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के लखनावली गांव में एक नाबालिग बच्चे के साथ, रोहित नामक युवक व उसके परिवार ने पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की थी। पीडि़त पक्ष ने पुलिस में शिकायत की पुलिस द्वारा कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर, पीड़ित परिवार ने कोर्ट की शरण ली और कोर्ट द्वारा मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए। आरोपियों पर मुकदमा पंजीकृत कोर्ट द्वारा कराया गया, आरोपी परिवार ने पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए एक षड्यंत्र रचा और सरकारी अस्पताल से सांठगांठ कर एक फर्जी मेडिकल सर्टीफिकेट सीएचसी बादलपुर से बनवाया गया जिसमें एक छोटी बच्ची की पसली टूटी हुई दिखाई गई है।
इसी फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर रोहित के परिवार वालों ने पीड़ित परिवार के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से फर्जी मेडिकल की शिकायत की और मेडिकल की पुन: जांच कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। पीड़ित पक्ष के सुनील चपराना का कहना है जिस समय पसली टूटने की घटना दर्शाई गई है उस समय पीड़ित परिवार सीसीटीवी फुटेज की निगरानी में है।
जिलाधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से जिला चिकित्सा अधिकारी को आदेशित किया और एक कमेटी (मेडिकल बोर्ड) गठित करने के आदेश दिए। जिला चिकित्सा अधिकारी की तरफ से कमेटी गठित की गई और 31 तारीख को रि-मेडिकल कराने के आदेश जारी किए गए। आरोप है कि मेडिकल बोर्ड बनने के बाद आज तक भी कोई रिमेडिकल नहीं कराया गया है।
Read More - Big News Exclusive : मनमानी करने वाले खेतान पब्लिक स्कूल समेत 4 नामी स्कूलों पर चला DM का हंटर, RC की गई जारीशिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, पुलिस आयुक्त, डीएम व सीएमओ से इस मामले में लिखित शिकायत की। सीएमओ ने बीते 25 जुलाई को इस मामले में एक समिति गठित कर रि-मेडिकल कराये जाने के निर्देश दिए थे। जिसमें रेडियोलॉजिस्ट डा. निरूपमा आत्रेय, डा. टीकम सिंह व हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. बृजेश सिंह को शामिल किया गया। लेकिन रि-मेडिकल नहीं कराया गया।
पीडि़त का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने मुकदमें के फैसले में दबाव बनाने के लिए मारपीट की फर्जी कहानी बनाई और बिसरख से एक्स-रे जांच एडवाइज करते हुए बादलपुर सीएचसी रैफर करवा ली और सीएचसी दादरी के प्रभारी डा. अशोक कुमार व अन्य डाक्टरों की मदद से एक फर्जी एक्स-रे रिपोर्ट 70 हजार रूपये में बनवा ली। जिसमें पसली की हड्डी में फ्रैक्चर दिखाया गया है। Greater Noida News