
Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से रियल स्टेट से जुड़ी एक बड़ी खबर है। खबर यह है कि ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कुछ बिल्डरों से अपनी जमीन को वापस लेगा, जिसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वापस ली गई इस जमीन को दूसरे बिल्डरों को अलॉट करेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले के बाद रियल स्टेट कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस समय भारी भरकम कर्ज के बोझ में दबा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर करीब चार हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। फिलहाल प्राधिकरण कर्ज उतारने के प्रयास कर रहा है, जिस कारण ग्रेटर नोएडा में विकास कार्यों को पंख नहीं लग पा रहे हैं। इस कर्ज को खत्म करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक खास योजना बनाई है। इस योजना के तहत उन जमीनों का सर्वे कराया जाएगा, जिन जमीनों पर अलाटमेंट के बाद आज तक कोई निर्माण कार्य नहीं हो सका है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्राधिकरण का विभिन्न बिल्डरों पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये बकाया चला आ रहा है। जिस समय योजनाएं लांच की गई थी, उस समय बिल्डरों ने प्राधिकरण से जमीन तो ले ली थी, लेकिन अभी तक भी प्राधिकरण का बकाया चुकता नहीं किया। बकायेदार बिल्डरों पर 15 हजार करोड़ रुपये आज भी बकाया चला आ रह है और वह बार बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपनी बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैंं। ऐसे में प्राधिकरण ने निर्णय लिया है, जिन बिल्डरों ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है, उसने जमीन को वापस लिया जाएगा और स्कीम निकाल कर दूसरे बिल्डरों को अलाट किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईैओ रवि कुमार एनजी के अनुसार, बिल्डरों के पास फंसे रुपयों को निकालने के लिए निर्माणाधीन प्रोजेक्टों का सर्वे कराया जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है बिल्डर कितनी जमीन पर निर्माण करा रहे हैं। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद बची जमीन का सर्वे कर प्राधिकरण नए सिरे से बचे भूखंड का प्रयोग किया जाएगा। अमिताभ कांत कमेटी की सिफारिशें लागू होने के बाद कई बिल्डर बकाया देने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए यह सर्वे कराकर उनसे जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सर्वे में आवासीय परिसर से बाहर की जमीन पर स्कीम लाई जा सकती है या उनकी सीधी बिक्री की जा सकती है। इससे प्राधिकरण को अपना बकाया मिल जाएगा और कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, आम्रपाली ग्रुप पर बकाया करीब 2000 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें से उसने पहली किस्त के रुप में 66 करोड़ प्राधिकरण को दिए हैं। जल्द ही 450 करोड़ रुपये मिलने के आसार हैं। एनबीसीसी के सहयोग से प्राधिकरण को करीब दो हजार करोड़ रुपये साल-2024 में मिल जाएंगे।