
Greater Noida News (चेतना मंच)। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के थाना दादरी पुलिस ने लोन दिलवाने तथा नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम देने वाली एक जालसाज महिला को उसके साथी सहित गिरफ्तार किया है। इनके पास से चार फाइल, रजिस्टर व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पकड़ी गई महिला व उसका साथी लोगों को लोन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भवन दिलाने के अलावा अन्य तरीकों से अपना शिकार बनाते थे।
दादरी थाना प्रभारी सुजीत उपाध्याय ने बताया कि गत दिनों एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सत्यवीर सिंह पुत्र धर्मवीर सिंह व विनीता रावल पत्नी धर्मेंद्र रावल ने उससे लोन पास कराने के नाम पर दो लाख रुपये ले लिए हैं। पैसे लेने के बावजूद आरोपियों ने लोन नहीं कराया गया। इसके अलावा दोनों ने कई अन्य लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गई है। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को दादरी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपी लोगों को भरोसे में लेकर अपनी कंपनी जीएम ट्रैक प्राइसेज के नाम पर आधार कार्ड पर लोन दिलवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास तथा लोगों को नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाते हैं। लोन लेने वाले लोगों से यह कमीशन के रूप में लोन की धनराशि का 10 प्रतिशत तय करते थे। आरोपी पांच प्रतिशत धनराशि फाइल चार्ज के नाम पर पूर्व में ही ले लेते थे। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अब तक दर्जनों लोगों को लोन दिलवाने व नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये का चूना लगा चुके हैं।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के थाना रबूपुरा पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो चोरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की चार बाइक बरामद हुई हैं। एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि थाना प्रभारी सुधीर कुमार पुलिस बल के साथ खेड़ा अंडरपास पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान बाइक पर आ रहे दो युवकों को जांच के लिए रोका गया। पुलिस के मांगने पर दोनों बाइक के कागजात नहीं दिखा पाए। संदेह के आधार पर की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम प्रवीण पुत्र जगपाल सिंह व बंटी पुत्र राजेंद्र बताते हुए कबूल किया कि उक्त बाइक चोरी की है। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की तीन और बाईक बरामद की गई। एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी भीड़ भाड़ वाले स्थान पर रेकी कर दो पहिया वाहनों को चिन्हित करते थे। इसके बाद मौका मिलते ही वह बाइक चोरी की घटना को अंजाम देते थे। चोरी की गई बाइकों को आरोपी सस्ते दामों में बेच देते थे। आरोपियों ने चोरी की दर्जन भर घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। Greater Noida